
नयी दिल्ली. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद बैजयंत पांडा ने कांग्रेस और उसके सांसद शशि थरूर के बीच कथित तौर पर कड़वाहट होने को लेकर सोमवार को लोकसभा में कटाक्ष करते हुए कहा कि यह बहुत अच्छी बात है कि थरूर को कोई देशहित में बोलने से रोक नहीं सका. पांडा ने सदन में ऑपरेशन सिंदूर पर विशेष चर्चा में भाग लेते हुए थरूर का उल्लेख किया.
भाजपा सांसद ने कहा, ”(विपक्ष में) कई सारे नेता बहुत अच्छा बोल सकते हैं. मेरे मित्र शशि थरूर बहुत अच्छा बोलते हैं. लेकिन उनकी पार्टी की तरफ से उन्हें बोलने नहीं दिया जाता है. मुझे बहुत अच्छा लगा कि देशहित में बोलने से (उन्हें) कोई रोक नहीं सका.” उनकी इस टिप्पणी पर कांग्रेस के सदस्यों ने पुरजोर प्रतिवाद किया.
लोकसभा में, ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा में जिन नेताओं को भाग लेना है, उनमें थरूर का नाम नहीं हैं. हालांकि कांग्रेस के सूत्रों का कहना है कि थरूर से चर्चा में भाग लेने के लिए उनकी इच्छा पूछी गई थी, लेकिन उन्होंने इनकार कर दिया. कांग्रेस की तरफ से प्रियंका गांधी वाद्रा, गौरव गोगोई, सप्तगिरि उलाका, प्रनीति शिंदे और ब्रजेंद्र ओला सदन में बोलेंगे. लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी भी इस विषय पर अपनी बात रखेंगे.
पहलगाम हमले और उसके जवाब में शुरू हुए ऑपरेशन सिंदूर के बाद सरकार द्वारा भारत का पक्ष रखने के लिए विदेश भेजे गए सात प्रतिनिधिमंडलों में से एक का नेतृत्व करने वाले थरूर ने हाल ही में कुछ ऐसे बयान दिए थे, जो कांग्रेस के आधिकारिक रुख के विपरीत थे.
पांडा ने कहा, ”भारत ने कई बार शांति का हाथ बढ़ाया, पाकिस्तान ने हर बार आतंक का रास्ता अपनाया.” पांडा ने कहा कि अतीत में सरकारों का रवैया कार्रवाई का नहीं, बल्कि बातचीत का होता था. उन्होंने पूर्ववर्ती संप्रग सरकार का नाम लिए बिना कहा, ”आज का भारत 2008 का भारत नहीं है. यह बदलाव नीतियों में बदलाव के कारण हुआ है.”



