चेन्नई/कोयंबटूर. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की तमिलनाडु ईकाई ने प्रदेश अध्यक्ष के. अन्नामलाई की फोटो पहनाकर सड़क पर एक बकरे का सिर सरेआम धड़ से अलग करने की घटना की कड़ी निंदा करते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की. घटना संबंधी वीडियो के वायरल होने के बाद पार्टी ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की. अभी यह नहीं पता चल पाया है कि यह कथित घटना कहां हुई और वीडियो को किसने साझा किया. वीडियो की सत्यता का तुरंत पता नहीं चल पाया है. सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो पर प्रतिक्रिया देते हुए अन्नामलाई ने कहा कि अगर द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) के कार्यकर्ता उनसे नाराज हैं तो वे उन पर हमला कर सकते हैं.
भाजपा के तमिलनाडु के उपाध्यक्ष और पार्टी प्रवक्ता नारायणन तिरुपति ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर यह वीडियो साझा कर इसकी कड़ी निंदा की. तमिलनाडु भाजपा ने इसे अपने आधिकारिक ‘एक्स’ अकाउंट पर दोबारा साझा किया. उन्होंने कहा, ”सड़क के बीच में एक बकरे को मार कर अन्नामलाई के खिलाफ नारे लगाना और लोकसभा चुनाव में उनकी हार का जश्न मनाना स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि राजनीतिक दल तमिलनाडु में भाजपा की बढ.ती लोकप्रियता से डरे हुए हैं. यह कृत्य विपक्षी राजनीतिक दलों की राजनीति के निम्नतम स्तर को दिखाता है. ”
तिरुपति ने कहा, ”वीडियो में सुना जा सकता है कि छोटे बच्चों से अन्नामलाई के खिलाफ नारे लगवाए गए. बच्चों में नफरत और गुस्सा भड़काना बेहद निंदनीय है और ये विपक्ष की मूर्खतापूर्ण, गंदी राजनीति को उजागर करता है. हम इन अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और इनकी गिरफ्तारी की उम्मीद करते हैं.” कोयंबटूर में पत्रकारों से बात करते हुए अन्नामलाई ने कहा, ”यदि द्रमुक के कार्यकर्ता मुझसे इतने नाराज हैं तो मैं यहां कोयंबटूर में हूं… निर्दोष बकरे की जान को बख्शा जा सकता था.”
तमिलनाडु में 19 अप्रैल को हुए लोकसभा चुनावों में सत्तारूढ. द्रमुक के नेतृत्व वाले गुट ने राज्य की सभी 39 सीटों के साथ-साथ एकमात्र पड़ोसी पुडुचेरी सीट पर भी जीत हासिल की. तमिलनाडु में भाजपा नीत गठबंधन का नेतृत्व करने वाले अन्नामलाई कोयंबटूर सीट से द्रमुक के गणपति पी राजकुमार से हार गए थे.
अन्नामलाई के कारण ही मेरी पार्टी ने भाजपा से संबंध तोड़े : अन्नाद्रमुक नेता वेलुमणि
ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (अन्नाद्रमुक) नेता और पूर्व राज्य मंत्री एस पी वेलुमणि ने बृहस्पतिवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की तमिलनाडु इकाई के प्रमुख के अन्नामलाई को लोकसभा चुनाव से पहले दोनों दलों के संबंधों में दरार के लिए जिम्मेदार ठहराया और दावा किया कि अगर चुनावी गठबंधन बरकरार रहता तो वह 30-35 सीटें जीत सकता था. वहीं अन्नामलाई ने वेलुमणि के इस तर्क पर सवाल उठाया और आश्चर्य जताते हुए कहा कि यह तर्क कैसे स्वीकार किया जा सकता है, जब अन्नाद्रमुक अपने दम पर एक भी सीट जीतने में विफल रही.
वेलुमणि ने संवाददाताओं से कहा कि अन्नाद्रमुक ने गठबंधन धर्म का पालन किया लेकिन अन्नामलाई ने सी एन अन्नादुरई, जे जयललिता और यहां तक ??कि एडप्पादी के पलानीस्वामी सहित अन्नाद्रमुक नेताओं की अनावश्यक आलोचना की. वेलुमणि ने कहा, “अन्नामलाई ने ही ज़्यादा टीका-टिप्पणी की, हमने नहीं. गठबंधन से हटने का कारण वही थे.” उन्होंने कहा कि उनका मानना ??है कि “अगर भाजपा हमारे साथ गठबंधन में होती, तो गठबंधन 30-35 सीटें जीत सकता था.” उन्होंने कहा कि डॉ तमिलिसाई सुंदरराजन और एल मुरुगन जैसे नेताओं ने भाजपा का नेतृत्व करते हुए कभी भी अन्नाद्रमुक के नेताओं का अपमान नहीं किया.
वेलुमणि ने कहा कि कम से कम अब अन्नामलाई को अन्नाद्रमुक की आलोचना करना बंद कर देना चाहिए और चुनाव के दौरान लोगों से किए गए वादों को पूरा करने के लिए कदम उठाने चाहिए. उन्होंने दावा किया कि अन्नामलाई को भाजपा नेता सी पी राधाकृष्णन से भी कम वोट मिले जिन्होंने इससे पहले चुनाव लड़ा था. उन्होंने कहा, “हमने सबक सीखा है. हम कड़ी मेहनत करेंगे और 2026 के विधानसभा चुनाव में अन्नाद्रमुक की जीत सुनिश्चित करेंगे.” उनकी टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया देते हुए अन्नामलाई ने संवाददाताओं से कहा कि वेलुमणि ने तथ्य गलत बताए हैं.