छत्तीसग­ढ़ : कोयला लेवी और शराब ‘घोटाले’ में दो कारोबारियों के परिसरों पर छापेमारी

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Sun, 21 Sep 2025 11:09 PM
छत्तीसग­ढ़ : कोयला लेवी और शराब ‘घोटाले’ में दो कारोबारियों के परिसरों पर छापेमारी
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रायपुर. छत्तीसग­ढ़ आर्थिक अपराध शाखा/भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ईओडब्ल्यू/एसीबी) ने पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के दौरान हुए कथित कोयला लेवी और शराब घोटालों के सिलसिले में कई जगहों पर रविवार को छापेमारी की. एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी.

अधिकारी ने बताया कि शराब ‘घोटाले’ की जांच के तहत छत्तीसग­ढ़, झारखंड और बिहार में व्यवसायी अवधेश यादव और उसके सहयोगियों से कथित तौर पर जुड़े सात ठिकानों पर तलाशी ली गई. उन्होंने बताया कि इन सात ठिकानों में छत्तीसग­ढ़ में तीन और बिहार तथा झारखंड में दो-दो ठिकाने शामिल हैं.

अधिकारी ने कहा, ह्लछापेमारी के दौरान मामले से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज, मोबाइल फोन, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, संपत्ति के दस्तावेज और नकदी जब्त की गई. इनका विश्लेषण किया जा रहा है. संदिग्धों/आरोपियों से पूछताछ जारी है.ह्व उन्होंने बताया कि कथित कोयला लेवी घोटाले में रायपुर और जांजगीर-चांपा जिले में जयचंद कोशेले के आवासों पर छापेमारी की गई.

अधिकारी के मुताबिक, कोशेले मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) की तत्कालीन उप सचिव सौम्या चौरसिया का कथित तौर पर एक प्रमुख सहयोगी है, जिस पर लेवी के माध्यम से अवैध रूप से एकत्र किए गए लगभग 50 करोड़ रुपये के वितरण का आरोप है. उन्होंने बताया कि छापेमारी के दौरान महत्वपूर्ण दस्तावेज, मोबाइल फोन, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण आदि मिले. जनवरी 2024 में छत्तीसग­ढ़ ईओडब्ल्यू/एसीबी ने कथित कोयला लेवी और शराब घोटालों से जुड़े धन शोधन मामले की जांच कर रहे प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की शिकायत के आधार पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) के तहत दो प्राथमिकी दर्ज की थीं.

यह कदम 2023 के विधानसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सत्तारू­ढ़ कांग्रेस को हराने के एक महीने बाद उठाया गया था. कोयला लेवी ‘घोटाले’ की प्राथमिकी में नामजद 35 आरोपियों में पूर्व मंत्री अमरजीत भगत, कांग्रेस विधायक देवेंद्र यादव, पूर्व विधायक यूडी मिंज, गुलाब कामरो, चंद्रदेव प्रसाद राय, शिशुपाल सोरी और बिरहस्पत सिंह, भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के अधिकारी समीर बिश्नोई और रानू साहू के साथ-साथ सीएमओ में तत्कालीन उप सचिव सौम्या चौरसिया शामिल हैं.

प्राथमिकी के अनुसार, वरिष्ठ नौकरशाहों, व्यापारियों, नेताओं और बिचौलियों से जुड़े एक गिरोह ने कोयले पर 25 रुपये प्रति टन की दर से जबरन वसूली की. प्राथमिकी में कहा गया है कि इस गिरोह ने जुलाई 2020 से जून 2022 के बीच 540 करोड़ रुपये की वसूली की.
ईडी ने मामले के धन शोधन पहलू की जांच के दौरान 11 लोगों को गिरफ्तार किया और 220 करोड़ रुपये की आपराधिक आय अस्थायी रूप से कुर्क की.

ईडी के मुताबिक, कथित शराब घोटाले से सरकारी खजाने को नुकसान हुआ. निदेशालय ने कहा कि इससे 2,161 करोड़ रुपये की आपराधिक आय अर्जित की गई. शराब ‘घोटाले’ की प्राथमिकी में पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा और पूर्व मुख्य सचिव विवेक ढांड समेत 70 व्यक्तियों व कंपनियों को नामजद किया गया है.

ईओडब्ल्यू/एसीबी ने अब तक मामले में एक आरोपपत्र और चार पूरक आरोपपत्र दायर किए हैं तथा एक दर्जन से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया है. ईडी ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल, पूर्व मंत्री और कांग्रेस विधायक कवासी लखमा, व्यवसायी अनवर ढेबर, पूर्व आईएएस अधिकारी अनिल टुटेजा, भारतीय दूरसंचार सेवा (आईटीएस) के अधिकारी अरुणपति त्रिपाठी और अन्य को गिरफ्तार किया है.

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