ओडिशा में आलू की किल्लत का हवाला देते हुए बीजद सदस्य ने की सब्सिडी की मांग

नयी दिल्ली: ओडिशा में आलू की किल्लत का हवाला देते हुए बृहस्पतिवार को राज्यसभा में बीजू जनता दल के एक सदस्य ने कहा कि अगर सरकार आलू पर सब्सिडी दे तो यह संकट दूर होने के साथ साथ उन किसानों को फायदा हो सकता है जिन्होंने अपनी फसल का उचित दाम न मिलने की वजह से आलू का उत्पादन बंद कर दिया है।

शून्यकाल में यह मुद्दा उठाते हुए बीजद के मुजीबुल्ला खान ने कहा कि छोटे किसानों के पास कई समस्याएं हैं और उनकी आर्थिक तंगी दूर नहीं हो पाती। उन्होंने दावा किया कि छोटे किसान फसल उगाते हैं लेकिन आर्थिक समस्या के चलते मंडी तक उपज नहीं ले जा पाते। ‘‘इसकी वजह से उनकी फसल बाहर औने-पौने दाम में बिकती है और फिर वह घाटे की वजह से उस फसल से किनारा कर लेते हैं।’’

खान ने कहा कि ओडिशा में इस संकट की वजह से आज आलू की घोर किल्लत हो गई है और दूसरे राज्यों से आलू मंगाना पड़ता है। ‘‘आलू के लिए कोई न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) तय नहीं किया गया है।
उन्होंने सरकार से आलू के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य तय करने, सब्सिडी दिए जाने और कोल्ड स्टोरेज बनाए जाने की मांग की ताकि आलू का उत्पादन करने वाले छोटे किसानों को राहत मिल सके। उन्होंने कहा कि समय पर मंडी लगाना भी बेहद जरूरी है अन्यथा किसानों को अपनी उपज को बाहर कम दाम में बेचना पड़ता है।

खान ने कहा कि ओडिशा के आदिवासी इलाकों में, खास कर राज्य के नवरंगपुर में माडिया की पैदावार बहुत होती है और यह श्रीअन्न कहलाता है। उन्होंने कहा कि किसान माडिया का उत्पादन करते हैं लेकिन समय पर मंडी न लगने की वजह से उन्हें कम दाम में अपनी फसल बाहर बेचना पड़ता है। उन्होंने सरकार से इन समस्याओं का शीघ्र समाधान निकाल कर किसानों को राहत देने की मांग की।

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