भोपाल. कांग्रेस ने अगले महीने होने वाले मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए 144 उम्मीदवारों की अपनी पहली सूची रविवार को जारी की, जिसमें प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ समेत 69 विधायकों के नाम शामिल हैं. टेलीविजन धारावाहिक में भगवान हनुमान की भूमिका निभाने वाले अभिनेता विक्रम मस्ताल को कांग्रेस ने प्रदेश के मुख्यमंत्री एवं भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता शिवराज सिंह चौहान के खिलाफ सीहोर जिले के बुधनी विधानसभा सीट से चुनाव मैदान में उतारा है.
कांग्रेस की मध्य प्रदेश इकाई के अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ को उनके गृह क्षेत्र छिंदवाड़ा से उम्मीदवार बनाया गया है, जहां से वह वर्तमान में विधायक हैं. मध्य प्रदेश की 230 सदस्यीय विधानसभा के लिए 17 नवंबर को मतदान होगा, जबकि मतगणना तीन दिसंबर को की जाएगी. कांग्रेस ने राज्यसभा सदस्य दिग्विजय सिंह के बेटे जयवर्धन सिंह को राघौगढ. से और उनके भाई लक्ष्मण सिंह को गुना के चचौरा विधानसभा सीट से टिकट दिया है. ये दोनों मौजूदा विधायक हैं.
राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता डॉ. गोविंद सिंह को भिंड जिले की लहार सीट से उम्मीदवार बनाया गया है, जबकि हाल ही में कांग्रेस में शामिल हुए भाजपा के पूर्व सांसद बोध सिंह भगत को कटंगी से टिकट दिया गया है. कांग्रेस उम्मीदवारों की पहली सूची में पूर्व मंत्री अजय सिंह (चुरहट), रामनिवास रावत (विजयपुर), लाखन सिंह यादव (भितरवार), हर्ष यादव (देवरी), मुकेश नायक (पवई), कमलेश्वर पटेल (सिहावल), लाखा घनघोरिया (जबलपुर-पूर्व), तरुण भनोट (जबलपुर-पश्चिम), ओंकार सिंह मरकाम (डिंडोरी), सुखदेव पांसे (मुलताई), सज्जन सिंह वर्मा (सोनकच्छ), विजय लक्ष्मी साधौ (महेश्वर), सचिन यादव (कसरावद), बाला बच्चन (राजपुर), जीतू पटवारी (राऊ), प्रियव्रत सिंह (खिलचीपुर) और नरेंद्र नाहटा (मनासा) शामिल हैं.
वे राज्य में कांग्रेस की पूर्ववर्ती कमलनाथ सरकार या दिग्विजय सिंह नीत सरकार में मंत्री रह चुके हैं. भोपाल जिले में कांग्रेस ने नरेला सीट से मनोज शुक्ला, भोपाल-मध्य से मौजूदा विधायक आरिफ मसूद और बैरसिया से जयश्री हरिकिरण को उम्मीदवार बनाया है. इंदौर शहर में कांग्रेस ने इंदौर-1 सीट से मौजूदा विधायक संजय शुक्ला को टिकट दिया है. शुक्ला का मुकाबला भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय से होगा.
कांग्रेस ने इंदौर-2 से चिंतामणि चौकसे चिंटू और इंदौर-4 से राजा मंधवानी को चुनाव मैदान में उतारा है. कांग्रेस के मीडिया पैनलिस्ट चरण सिंह सपरा ने भोपाल में संवाददाताओं को संबोधित करते हुए कहा कि पहली सूची में कांग्रेस ने ओबीसी (अन्य पिछड़ा वर्ग) से 39, अनुसूचित जाति से 22 तथा अनुसूचित जनजाति से 30 उम्मीदवार उतारे हैं. उन्होंने बताया कि सूची में सामान्य श्रेणी के 47 उम्मीदवार हैं, जबकि अल्पसंख्यक समुदाय के छह और 19 महिला उम्मीदवारों के नाम भी इस सूची में शामिल हैं. सपरा ने कहा कि 144 उम्मीदवारों में से 65 की उम्र 50 साल से कम है.
कमलनाथ ने लोगों से प्रदेश में सत्य एवं न्याय की सरकार सुनिश्चित करने के लिये कांग्रेस के पक्ष में मतदान करने की अपील की है.
कांग्रेस की सूची पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा की मध्य प्रदेश इकाई के अध्यक्ष वी डी शर्मा ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ”यह भाई-भतीजावाद, अपराध और महिलाओं पर अत्याचार को दर्शाता है.” शर्मा ने कहा कि कांग्रेस कमलनाथ के गृह क्षेत्र छिंदवाड़ा जिले में उम्मीदवारों की घोषणा करने में विफल रही है.
प्रदेश में सत्तारूढ. भाजपा ने अब तक 136 सीट पर अपने उम्मीदवारों की घोषणा है, जिसमें सात लोकसभा सदस्य शामिल हैं. इनमें केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, प्रह्लाद सिंह पटेल और फग्गन सिंह कुलस्ते भी हैं. वर्ष 2018 में हुए पिछले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने 230 सदस्यीय विधानसभा में 114 सीट जीती थी. भाजपा ने 109 सीट पर जीत दर्ज की थी.
समाजवादी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी और निर्दलीय विधायकों के समर्थन से कमलनाथ के नेतृत्व में कांग्रेस ने गठबंधन सरकार बनाई थी. ज्योतिरादित्य सिंधिया के नेतृत्व में कांग्रेस विधायकों के एक गुट के विद्रोह के चलते कमलनाथ सरकार 15 महीने बाद गिर गई. सिंधिया गुट के विधायकों के समर्थन से मार्च 2020 में भाजपा सत्ता में लौटी और शिवराज सिंह चौहान चौथी बार मुख्यमंत्री बने.
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को भाजपा ने ‘दरकिनार’ कर दिया : कांग्रेस का दावा
कांग्रेस प्रवक्ता चरण सिंह सपरा ने रविवार को सत्तारूढ. दल भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर निशाना साधते हुए दावा किया कि उसने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को दरकिनार कर दिया है और वह उन पर दांव नहीं लगाना चाहती है. सपरा ने कहा कि उनकी पार्टी प्रदेश इकाई के अध्यक्ष कमलनाथ के नेतृत्व में विश्वास जताते हुए आगामी मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव ”स्पष्ट दृष्टिकोण” के साथ लड़ रही है.
विपक्षी दल कांग्रेस ने 17 नवंबर को होने वाले 230 सदस्यीय प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए रविवार को अपने 144 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी की. कांग्रेस ने पार्टी की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ सहित 69 मौजूदा विधायकों को टिकट दिया है.
सपरा ने संवाददाताओं से कहा, ”हमने 144 उम्मीदवारों की पहली सूची में हमारे अगुआ और सर्वोच्च कमांडर कमलनाथ का नाम घोषित किया. हम अपने दृष्टिकोण में बिल्कुल स्पष्ट हैं.” कांग्रेस नेता ने दावा किया कि भाजपा ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को अपनी चौथी सूची में उम्मीदवार के रूप में चुना, जिससे साबित होता है कि उनकी पार्टी नेतृत्व को ”अब उनके चेहरे पर भरोसा नहीं है.”
उन्होंने कहा, ”भाजपा उन पर (चौहान) दांव नहीं लगाना चाहती. उन्हें किनारे कर दिया गया है. वह एक फ्लॉप शो हैं. भाजपा का केंद्रीय नेतृत्व उनके साथ ऐसा व्यवहार कर रहा कि उनकी कोई ताकत अब बची नहीं.” उन्होंने कहा कि भाजपा ने चौहान को दरकिनार करते हुए तीन केंद्रीय मंत्री नरेंद्र तोमर, प्रह्लाद सिंह पटेल और फग्गन सिंह कुलस्ते सहित अपने सात सांसदों को मैदान में उतारा है.
कांग्रेस नेता ने यह भी दावा किया कि आसन्न हार की आशंका के बाद भाजपा खेमे में भ्रम की स्थिति बनी हुई है. उन्होंने कहा, ”हम प्रदेश में भारी जीत दर्ज करने जा रहे हैं.” कांग्रेस के उम्मीदवारों की पहली सूची के मानदंडों के बारे में पूछे जाने पर सपरा ने कहा कि जीत पार्टी की सर्वोच्च प्राथमिकता रही है.