असम-मेघालय सीमा पर हिंसा में मरने वालों की संख्या बढ़कर हुई छह

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Tue, 22 Nov 2022 09:39 PM
असम-मेघालय सीमा पर हिंसा में मरने वालों की संख्या बढ़कर हुई छह
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गुवाहाटी. वेस्ट कार्बी आंगलोग जिले में असम-मेघालय सीमा पर कथित तौर पर अवैध लकड़ी ले जा रहे एक ट्रक को मंगलवार तड़के असम के वनर्किमयों द्वारा रोकने के बाद भड़की हिंसा में एक वन कर्मी सहित छह लोगों की मौत हो गई. मेघालय के मुख्यमंत्री कोनराड संगमा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा को टैग करते हुए एक ट्वीट में शिकायत की है कि असम पुलिस और वनकर्मी मेघालय में घुसे और बिना उकसावे के गोलीबारी करनी शुरू कर दी. संगमा की पार्टी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सहयोगी पार्टी है.

हालांकि, असम पुलिस के अधिकारियों ने कहा कि ट्रक को राज्य के वेस्ट कार्बी आंगलोंग जिले में राज्य के वन विभाग की टीम ने रोका तो मेघालय की तरफ से लोगों की भीड़ ने इस टीम और पुलिसर्किमयों पर हमला कर दिया, जिसके कारण असम की ओर से हालात पर काबू पाने के लिए गोली चलाई गई.

संगमा ने कहा, ‘‘पश्चिमी जैंतिया हिल्स जिले के मुकरोह गांव में मारे गये छह लोगों में से पांच लोग मेघालय के निवासी हैं, जबकि असम के एक वनकर्मी की मौत हुई है.’’ इसके विपरीत असम पुलिस ने एक वन कर्मी समेत मृतकों की संख्या केवल चार बताई है.
संगमा ने ट्वीट किया, ‘‘मेघालय सरकार इस घटना की कड़े शब्दों में भर्त्सना करती है जिसके तहत असम पुलिस और असम के वनर्किमयों ने मेघालय में घुसकर बिना उकसावे के गोलीबारी की. मेघालय सरकार न्याय दिलाने के लिए सभी कदम उठायेगी. इस अमानवीय कृत्य के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.’’ संगमा ने अपने राज्य की जनता से राज्य में शांति और भाईचारा बनाए रखने की अपील की है. उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाये रखने के लिए राज्य सरकार सभी जरूरी कदम उठा रही है.

वेस्ट कार्बी आंगलोंग के पुलिस अधीक्षक इमदाद अली ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि ट्रक को मेघालय सीमा पर असम वन विभाग के एक दल ने तड़के करीब तीन बजे मुकरु इलाके में रोका. वह अवैध रूप से लकड़ियां लेकर वेस्ट जैंतिया हिल्स जिले में जा रहा था.
उन्होंने बताया कि ट्रक के न रुकने पर वन विभाग के र्किमयों ने उस पर गोलियां चलाई और उसका टायर पंचर कर दिया.

उन्होंने बताया कि चालक, उसका एक सहायक और एक अन्य व्यक्ति को पकड़ लिया गया, जबकि एक अन्य व्यक्ति वहां से भाग निकला. अली ने बताया कि वन विभाग के र्किमयों ने घटना की जानकारी जिरिकेंंिडग थाने के अधिकारियों को दी. इसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची.

उन्होंने बताया कि इसके बाद सुबह करीब पांच बजे मौके पर ‘खंजर’ तथा अन्य हथियार लेकर मेघालय के लोगों की भीड़ एकत्रित हो गई और गिरफ्तार किए लोगों की रिहाई की मांग करने लगी. भीड़ ने वन विभाग के र्किमयों और पुलिस को घेर लिया तथा उन पर हमला किया जिसके बाद स्थिति को नियंत्रित करने के लिए अधिकारियों को गोलियां चलानी पड़ी.

पुलिस अधीक्षक अली ने कहा, ‘‘ घटना में वन विभाग के एक होम गार्ड और मेघालय से खासी समुदाय के तीन लोगों की मौत हो गई. स्थिति अब नियंत्रण में है.’’ उन्होंने बताया कि जिले के शीर्ष अधिकारी सीमावर्ती क्षेत्र में पहुंच रहे हैं. वन कर्मी विद्यासिंग लेखटे की मौत कैसे हुई, यह अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाया है.

संगमा ने मृतकों के परिजनों को पांच-पांच लाख रुपये मुआवजा देने की घोषणा भी की. उन्होंने ट्वीट किया,‘‘आज मंत्रिमंडल की बैठक होगी और इस घटना के संबंध में सरकार की आगे की कार्रवाई तय की जाएगी.’’ इस बीच, यहां एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि मेघालय की सीमा से लगते सभी जिलों को सतर्क कर दिया गया है और वहां पुलिस को चौकन्ना रहने के लिए कहा गया है.

उन्होंने कहा, ‘‘मेघालय सीमा पर जिलों के सभी पुलिस अधीक्षकों को कानून एवं व्यवस्था की किसी भी संभावित स्थिति पर करीबी नजर रखने के लिए कहा गया है लेकिन राज्यों के बीच वाहनों या लोगों के आने-जाने पर कोई पाबंदी नहीं है.’’ असम और मेघालय के बीच 884.9 किलोमीटर लंबी अंतर-राज्यीय सीमा के 12 इलाकों में लंबे समय से विवाद चल रहा है. दोनों पूर्वोत्तर राज्यों ने इनमें से छह इलाकों में विवाद को खत्म करते हुए नयी दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में मार्च में समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए थे. दोनों ने बाकी के छह इलाकों में विवाद को हल करने के लिए बातचीत भी शुरू की. मेघालय को असम से अलग कर 1972 में स्थापित किया गया और उसने असम पुनर्गठन कानून, 1971 को चुनौती दी थी.

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