
नई दिल्ली: देश की राजधानी दिल्ली में सोमवार की शाम को लाल किले के पास हुए कार धमाके का पहली बार सीसीटीवी फुटेज सामने आया है। सीसीटीवी में धमाके का दिल दहलाने वाला मंजर कैद हुआ है। लाल किले चौराहे पर लगे एक निगरानी कैमरे में यह धमाका रिकॉर्ड हो गया। विस्फोटक लदी कार में अचानक जोरदार धमाका हुआ। विस्फोट में 12 लोगों की मौत हो गई, जबकि 20 से अधिक लोग घायल हुए हैं। घायलों में तीन की हालत गंभीर है। मामले की जांच एनआईए कर रही है।
बुधवार को दिल्ली के लाल किले के पास हुए शक्तिशाली विस्फोट को कैद करने वाला एक सीसीटीवी फुटेज सामने आया। न्यूज एजेंसी पीटीआई के अनुसार, सीसीटीवी फुटेज पर 10 नवंबर 2025 की तारीख लिखी दिखाई दे रही है। समय शाम को 18:50:52 सेकंड दिखाई दे रहा है। सीसीटीवी फुटेज में चौराहे पर काफी ट्रैफिक दिखाई दे रहा है।
बाइक, कार और ऑटो की लाइनें लगी हैं। ट्रैफिक सिग्नल ग्रीन हुआ तो गाड़ियां धीमे-धीमे आगे बढ़ती दिख रही हैं। इसी दौरान अचानक वहां एक आग का गोला उठा, फिर कैमरों में अंधेरा छा गया।
सोमवार शाम को दिल्ली के लाल किला मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर-1 के पास ट्रैफिक सिग्नल पर धीमी गति से जा रही आई-20 कार में अचानक ब्लास्ट हुआ था। धमाके में 12 लोगों ने दम तोड़ दिया, जबकि 20 से अधिक लोग घायल हैं। इनमें तीन की हालत गंभीर है। कार ब्लास्ट की चपेट में आने से कई वाहन जल गए।
इससे पहले भी कई वीडियो वारल हुए थे। वीडियो में धमाके के बाद अफरा-तफरी मची दिखाई दी। इसके साथ ही लोग धमाके के बाद इधर-उधर भागते हुए दिखाई दे रहे थे। दिल्ली ब्लास्ट की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) कर रही है।
दो साल से रची जा रही थी साजिश
पुलिस सूत्रों ने बताया कि हमले की साजिश और आतंकियों की भर्ती दो वर्षों से चल रही थी। पुलिस के अनुसार, वाइट कॉलर आतंकी नेटवर्क चला रहा समूह लोगों को कट्टरपंथी बनाने और धन व रसद पहुंचाने के लिए एन्क्रिप्टेड चैनलों का इस्तेमाल कर रहा था। सामाजिक/धर्मार्थ कार्यों की आड़ में पेशेवर और शैक्षणिक नेटवर्क के माध्यम से धन जुटाया गया था। पुलिस और खुफिया गहराई से पड़ताल में जुटी है।



