दिल्लीवासियों में शहर के लिए अपनेपन का भाव नहीं, उन्हें अधिक जिम्मेदार बनना चाहिए: सक्सेना

नयी दिल्ली. दिल्ली के उपराज्यपाल वी के सक्सेना ने मंगलवार को कहा कि राष्ट्रीय राजधानी देश के विभिन्न हिस्सों से आए लोगों का घर है, इसके बावजूद दिल्लीवासियों में इसके लिए अपनेपन की भावना नहीं है तथा उन्हें इसके प्रति और जिम्मेदार बनना चाहिए.
सक्सेना ने यहां गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय के 15वें दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए कहा, ”जैसा कि कहा जाता है कि दिल्ली में देश के विभिन्न हिस्सों से आए और विभिन्न संस्कृतियों के लोग रहते हैं. शहर में देशभर से आए लोग रहते हैं और यहां काम करते है. दिल्ली वास्तव में एक ‘लघु-भारत’ है.”

उन्होंने कहा, ”लेकिन भारत का प्रतीक होने के इस गौरव का दूसरा पहलू यह है कि दिल्ली के लिए अपनेपन और इसे अपना समझने की भावना में पिछले कुछ साल में कमी आई है.” उपराज्यपाल ने कहा कि अन्य राज्यों के लोग अपने मूल राज्य से जुड़े हुए हैं और उसे लेकर गर्व महसूस करते हैं, लेकिन दिल्ली के लोगों में यह भावना नहीं है.

उन्होंने कहा, ”हमें दिल्ली को अपनाना शुरू करना होगा. हमें यमुना नदी, अपने बगीचों, गलियों और पड़ोस को अपना समझना शुरू करना होगा.” उन्होंने कहा, ”हमें अपने शहर के प्रति जिम्मेदारी को महसूस करना होगा और दिल्ली की पर्यावरणीय स्थिरता, यमुना के कायाकल्प, नागरिक मुद्दों के प्रबंधन एवं हमारे संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग के लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए सक्रिय रूप से काम करना होगा.” समारोह में विश्वविद्यालय ने 24,181 स्नातक डिग्री, 3,833 स्नातकोत्तर डिग्री, 32 एमफिल डिग्री और 149 पीएचडी डिग्री प्रदान कीं. स्नातक और स्नातकोत्तर कार्यक्रमों के मेधावी छात्रों को कुल 87 स्वर्ण पदक प्रदान किए गए.

भारत के जी20 शेरपा अमिताभ कांत ने दीक्षांत समारोह में अपने संबोधन के दौरान, पिछले आठ साल में देश द्वारा की गई वृद्धि पर प्रकाश डालते हुए आंकड़े प्रस्तुत किए. उन्होंने ‘स्टार्टअप इंडिया’ की उपलब्धियों के बारे में भी विस्तार से बताया. दिल्ली की शिक्षा मंत्री आतिशी ने अपने संबोधन में कहा कि इस शिक्षा का उद्देश्य छात्रों में मूल्यों को पैदा करना है. उन्होंने छात्रों से कहा कि वे वंचित लोगों के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझें.

Related Articles

Back to top button