दशहरा 2026: दशहरा यानी विजयादशमी का पर्व 20 अक्टूबर 2026, मंगलवार को मनाया जा रहा है। यह त्योहार बुराई पर अच्छाई और अधर्म पर धर्म की विजय का प्रतीक है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन भगवान श्रीराम ने रावण का वध किया था और मां दुर्गा ने महिषासुर का अंत किया था। इसी कारण विजयादशमी पर पूजा-पाठ के साथ दान-पुण्य का भी विशेष महत्व माना जाता है।ज्योतिषीय परंपराओं के अनुसार, दशहरे पर राशि के मुताबिक दान करना शुभ माना जाता है। इस दिन जरूरतमंदों को भोजन, कपड़े और दैनिक उपयोग की वस्तुएं दान करके उनकी सहायता की जा सकती है।
मेष राशि: मेष राशि के जातक दशहरे पर गेहूं और गुड़ का दान कर सकते हैं।
वृषभ राशि: वृषभ राशि वालों के लिए चावल और आटे का दान करना शुभ माना जाता है।
मिथुन राशि: मिथुन राशि के जातक साबुत मूंग और हरी सब्जियों का दान कर सकते हैं।
कर्क राशि: कर्क राशि वालों के लिए दूध और दही का दान करना अच्छा माना जाता है। दान की जाने वाली वस्तुओं की स्वच्छता का ध्यान रखें।
सिंह राशि: सिंह राशि के जातक गुड़, मूंगफली और सेब का दान कर सकते हैं।
कन्या राशि: कन्या राशि वालों के लिए हरे रंग के कपड़े और चूड़ियां दान करना एक विकल्प है।
तुला राशि: तुला राशि के जातक सफेद वस्त्र और अपनी सामर्थ्य के अनुसार धन का दान कर सकते हैं।
वृश्चिक राशि: वृश्चिक राशि वालों के लिए सेब और कपड़ों का दान करना शुभ माना जाता है।
धनु राशि: धनु राशि के जातक पीले रंग के वस्त्र और अनाज जरूरतमंदों को दान कर सकते हैं।
मकर राशि: मकर राशि वाले कपड़े, खाद्यान्न और धन का दान करके जरूरतमंदों की मदद कर सकते हैं।
कुंभ राशि: कुंभ राशि के जातक नीले रंग के वस्त्र या जरूरतमंदों को जूते-चप्पल दान कर सकते हैं।
मीन राशि: मीन राशि के लोग खिचड़ी बनाकर जरूरतमंदों को भोजन करा सकते हैं।
दशहरे पर दान करते समय इन बातों का रखें ध्यान
विजयादशमी पर दान करते समय अपनी आर्थिक स्थिति और जरूरतमंद व्यक्ति की आवश्यकताओं को प्राथमिकता दें। भोजन, अनाज, कपड़े और दैनिक उपयोग की वस्तुएं अपनी सामर्थ्य के अनुसार दान की जा सकती हैं। दान का उद्देश्य केवल धार्मिक परंपरा निभाना नहीं, बल्कि जरूरतमंदों की सहायता करना भी होना चाहिए। दिखावे से बचें और सेवा भाव के साथ दान करें।
डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं और ज्योतिषीय परंपराओं पर आधारित है। इन मान्यताओं की वैज्ञानिक पुष्टि आवश्यक नहीं है। किसी भी प्रकार का दान अपनी क्षमता और जरूरतमंदों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर करें।