लखनऊ/जोरहाट. समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा है कि लोकसभा चुनाव 2024 के परिणामों से जाहिर है कि भाजपा के अहंकार का पतन हुआ है, और उत्तर प्रदेश में भाजपा सरकार के खिलाफ जनादेश आया है. अखिलेश ने कहा कि प्रदेश मंत्रिमंडल के 16 मंत्री लोकसभा चुनाव में अपनी विधानसभा हार गए हैं. केन्द्र में जो भाजपा 400 पार का नारा दे रही थी वह पूर्ण बहुमत में पाने से ही वंचित रह गयी.
पार्टी कार्यालय की ओर से जारी बयान में यादव ने कहा कि अयोध्या में जनता ने भाजपा की आशाओं पर पानी फेर दिया. वहां की जनता दु?खदर्द से कराहती रही. भाजपा सरकार ने गरीबों को उजाड़ दिया. उजड़े किसानों को पर्याप्त मुआवजा भी नहीं दिया गया. अपनी जमीन से उजड़े लोगों के पुनर्वास पर ध्यान नहीं दिया गया. नतीजें में जनता ने सबक सिखा दिया.”
उन्होंने कहा, ”भाजपा सरकार में महंगाई, भ्रष्टाचार और बेरोजगारी पर लगाम नहीं लग रही है. किसान, नौजवान, व्यापारी, शिक्षक, अधिवक्ता सहित समाज का हर वर्ग परेशान है. नौजवानों की एक तिहाई जिंदगी बेकार हो गई है. उनका भविष्य अंधेरे में है. अग्निवीर योजना तुरन्त खत्म होनी चाहिए. जो जवान फौज में जाना चाहते हैं और उनकी उम्र समाप्त हो गई उन्हें फिर मौका मिलना चाहिए.”
जनता का फैसला भाजपा की तानाशाहीपूर्ण राजनीति के खिलाफ है : गौरव गोगोई
असम की जोरहाट लोकसभा सीट से निर्वाचित कांग्रेस नेता गौरव गोगोई ने बृहस्पतिवार को दावा किया कि इस आम चुनाव के परिणामों ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की कथित तानाशाहीपूर्ण राजनीति के खिलाफ लोगों को एक ”बीमा पॉलिसी” मुहैया कराई है. उन्होंने यह भी दावा किया कि भाजपा के अपने दम पर बहुमत हासिल करने में विफल रहने के कारण, उसके राजग सहयोगी विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ का समर्थन करेंगे और संसद में संवेदनशील मामलों पर भाजपा के खिलाफ मतदान करेंगे.
गोगोई ने ‘पीटीआई-भाषा’ से एक साक्षात्कार में कहा, ”भारत के लोगों को (चुनाव परिणामों में) भाजपा की कथित तानाशाहीपूर्ण राजनीति के खिलाफ एक बीमा पॉलिसी मिल गई है.” तीन बार के कांग्रेस सांसद ने दावा किया कि इस चुनाव में जनता ने भाजपा को करारी शिकस्त दी है. उन्होंने कहा, ”इससे पहले, पूर्ण बहुमत के साथ भाजपा संसद और स्थायी समितियों के माध्यम से कई विधेयकों को पारित कराने में सफल हो जाती थी लेकिन अब वे ऐसा नहीं कर पाएंगे, क्योंकि इसके मुख्य रूप से दो कारण हैं.”
गोगोई ने कहा कि एक कारण यह है कि भाजपा को अपने राजग सहयोगियों की राय को ध्यान में रखना होगा. उन्होंने कहा, ”आंध्र प्रदेश की जनता की चिंताएं, जद (यू) की राजनीति की चिंताएं अब बहुत अधिक मायने रखेंगी. भाजपा नेतृत्व को सरकार बनाने पर इन बातों को ध्यान में रखना होगा.” उन्होंने कहा, ”बीमा पॉलिसी की दूसरी विशेषता ‘इंडिया’ गठबंधन की संख्या है. हमारे पास लोकसभा में पर्याप्त मजबूत विपक्ष है, जो संविधान की भावना का उल्लंघन करने वाले किसी भी विधेयक को पारित होने से रोक सकता है तथा विवादास्पद मुद्दों पर हम भाजपा के कुछ सहयोगी दलों को अपने विवेक के अनुसार मतदान करने तथा संविधान की रक्षा करने के लिए राजी कर सकेंगे.” गोगोई ने असम में जोरहाट सीट पर 1,44,393 मतों के अंतर से जीत दर्ज की है. उन्होंने दावा किया कि जद (यू) और तेदेपा भाजपा के मजबूत सहयोगी नहीं हैं.