सोनभद्र. उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले में विद्युत विभाग के एक संविदाकर्मी को दलित युवक के साथ मारपीट करने तथा उससे अपनी चप्पल चटवाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है. पुलिस ने रविवार को यह जानकारी दी. घटना का वीडियो सार्वजनिक होने के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया. युवक राजेंद्र ने आठ जुलाई को पुलिस में इस मामले में शिकायत दर्ज कराई और उसने बताया कि वह अनुसूचित जाति (एससी) समुदाय से है.
पुलिस के एक अधिकारी ने कहा, ”गत छह जुलाई को वह अपने मामा के घर गया था, जिनके यहां बिजली नहीं आ रही थी. वह समस्या का पता लगाने की कोशिश कर रहा था, तभी शाहगंज पावर हाउस पर तैनात संविदा कर्मचारी तेजबली सिंह पटेल ने उसे अपशब्द कहना शुरू कर दिया. कर्मी ने जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किया और युवक से अपने पैर की चप्पल भी चटवाई. आसपास के लोगों ने बाद में बीच बचाव किया.” पुलिस क्षेत्राधिकारी (सीओ) अमित कुमार ने बताया कि भारतीय दंड संहिता की धारा 323 (जानबूझकर स्वेच्छा से चोट पहुंचाना), 504 (शांति भंग करने के इरादे से जानबूझकर अपमान करना) तथा 506 (आपराधिक धमकी) और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निरोधक) अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है.
उत्तर प्रदेश पुलिस ने शनिवार की रात ट्वीट किया, ”उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) ने घटना का संज्ञान लिया और डीआइजी (पुलिस उपमहानिरीक्षक) स्तर के अधिकारी को अपराध स्थल का दौरा करने का निर्देश दिया है. एससी/एसटी अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई और आरोपी को तुरंत गिरफ्तार कर लिया गया. डीजीपी ने आरोपी के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं.” इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर सार्वजनिक हो गया था.
आम आदमी पार्टी (आप) के नेता एवं राज्यसभा सदस्य संजय सिंह ने भी यह वीडियो ट्विटर पर साझा किया और लिखा, ”यह उत्तर प्रदेश का सोनभद्र है. एक दलित युवक को एक हैवान चप्पल चटवा रहा है. तुम्हारे राज में तो दलितों को इंसान ही नहीं माना जाता, फिर तुम समान नागरिक कानून की बात कैसे करते हो भाजपाइयों.” इस बीच, आप नेता शेखर दीक्षित ने कहा कि पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडल जल्द ही सोनभद्र जाएगा और राजेंद्र से मुलाकात करेगा.
समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने रविवार को ट्वीट में कहा, ”उप्र के सोनभद्र में, मध्यप्रदेश के सीधी जिले से कम शर्मनाक घटना नहीं घटी है, जहां एक दलित युवक से चप्पल तक चटवायी गयी है. ऐसे दोषियों को देखकर बुलडोजर पंचर क्यों हो जाता है.” इसी ट.वीट में यादव ने कहा, ”देखते हैं इस पीड़ित की चरण-वंदना का नाटक कब तक खेला जाता है. भाजपाई दलित उत्पीड़न का काला इतिहास रच रहे हैं.”
इंडियन ओवरसीज कांग्रेस उत्तर प्रदेश इकाई के चेयरमैन कैप्टन बंशीधर मिश्र ने घटना पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ”भारतीय जनता पार्टी नीत उत्तर प्रदेश और केंद्र सरकार की कथनी और करनी में जमीन-आसमान का फर्क है. डबल इंजन की सरकारें दलितों, पिछड़ों के साथ और विकास की बात तो करती हैं लेकिन इन पर उत्पीड़न की हद तो अंग्रेजी हुकूमत से भी ज्यादा है और यही भाजपा का दोहरा चरित्र है.”
उन्होंने कहा कि ”भ्रष्टाचार और अपराध पर जीरो टॉलरेंस का नारा महज खोखला नारा है और इन सरकारों में अधिकारी किसी की सुन नहीं रहे, पुलिसकर्मी बेलगाम हैं और अपराध करने वालों पर कोई अंकुश नहीं है.” राष्ट्रीय लोकदल के प्रवक्ता अंकुर सक्सेना ने पीटीआई-भाषा से कहा, ”ऐसे वीडियो के माध्यम से भाजपा सरकार के ‘रामराज्य’ के बारे में नए विचार मिलते हैं जिसमें दलितों और शोषितों का लगातार इस तरह से अपमान किया जाता है. पूरे वर्ष चुनावी मोड में लगे सत्तारूढ. दल और दंभ में डूबे प्रदेश के मुखिया को अनुसूचित-जाति जनजाति के लोगों के ऊपर हो रहे अत्याचार नजर नहीं आ रहे हैं.” सक्सेना ने कहा, “इस समय, भाजपा शासित उत्तर प्रदेश एक अराजक राज्य बन गया है और यहां एकमात्र विकल्प राष्ट्रपति शासन लगाना है.