बस्तर क्षेत्र में भारी बारिश से बाढ़ के हालात, पांच लोगों की मौत

रायपुर. छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र में पिछले 36 घंटे से हो रही भारी बारिश के कारण बाढ़ जैसे हालात हैं. अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी. अधिकारियों ने बताया कि क्षेत्र में बारिश के कारण अब तक पांच लोगों की मौत हुई है और 86 मकानों को नुकसान पहुंचा है. उन्होंने बताया कि अब तक क्षेत्र में 17 पशुओं की मौत होने और 165 मकानों को आंशिक नुकसान पहुंचने की जानकारी मिली है.
क्षेत्र में विभिन्न स्थानों पर 43 शिविरों में 2,196 लोगों को ठहराया गया है.

अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राज्य के बाढ़ प्रभावित जिलों बीजापुर, सुकमा, दंतेवाड़ा और बस्तर में राहत एवं बचाव कार्यों की जानकारी लेते हुए अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश दिए. मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी प्रभावित परिवार को असुविधा न हो, इसके लिए प्रशासन पूरी सक्रियता से कार्य करे. मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि राहत शिविरों में ठहरे सभी लोगों को भोजन, चिकित्सा सुविधा और आवश्यक सामग्री समय पर उपलब्ध कराई जाए.
उन्होंने प्रशासन को बाढ़ से प्रभावित गांवों तक तुरंत सहायता पहुंचाने और आपदा नियंत्रण कक्षों से स्थिति की निगरानी करने के आदेश दिए.

अधिकारियों ने बताया कि लगातार हो रही बारिश से राज्य के चार जिलों में जनजीवन प्रभावित हुआ है. आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार, 26 व 27 अगस्त को सबसे अधिक वर्षा दंतेवाड़ा जिले में दर्ज की गई, जहां क्रमश? 93.7 मिलीमीटर (मिमी) और 118.4 मिमी बारिश हुई. वहीं सुकमा में 35 से 109.3 मिमी, बीजापुर में 34.9 से 50.2 मिमी और बस्तर में 67.3 से 121.3 मिमी वर्षा रिकार्ड की गई, जिससे 25 गांव बाढ़ से प्रभावित हुए हैं.

राज्य की राजस्व सचिव एवं आपदा राहत आयुक्त रीना बाबासाहेब कंगाले ने जानकारी दी कि प्रभावित लोगों के लिए चार जिलों में कुल 43 राहत शिविर स्थापित किए गए हैं, जिनमें दंतेवाड़ा जिले से 1,116, सुकमा से 790, बीजापुर से 120 और बस्तर से 170 लोग शामिल हैं. इस प्रकार कुल 2,196 प्रभावितों को राहत शिविर में ठहराया गया है.

उन्होंने बताया कि सभी जिलों में नगर सेना और राज्य आपदा प्रतिवादन बल (एसडीआरआफ) द्वारा राहत बचाव कार्य किया जा रहा है तथा राहत शिविर में ठहराये गये लोगों के लिए भोजन की व्यवस्था की गई है. राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग जिलों से बाढ़ की स्थिति को देखते हुए सतत संपर्क बनाये हुए है तथा आवश्यक सहयोग प्रदान किया जा रहा है.

अधिकारियों ने बताया कि सुकमा जिले आपदा मित्रों द्वारा बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए जिला प्रशासन का सहयोग किया जा रहा है. जगदलपुर पुलिस के0 एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि बस्तर जिले में मंगलवार शाम कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान में कांगेर नाला पार करते समय एक कार के तेज बहाव में बह जाने से एक परिवार के चार सदस्य डूब गए. वहीं एक अन्य घटना में मंगलवार को बीजापुर जिले में उफनती चेरपाल नदी को पार करते समय एक व्यक्ति बह गया.

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