बांग्लादेश में हिंदुओं की दुर्दशा पर सरकार संसद में चर्चा नहीं होने दे रही : शिवसेना (उबाठा)

मुंबई. शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) ने मंगलवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि वह बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ हिंसा पर संसद में चर्चा नहीं होने दे रही. शिवसेना (उबाठा) के मुखपत्र ‘सामना’ के संपादकीय में कहा गया है कि भाजपा पार्टी का हिंदुत्व ”राजनीतिक रूप से लेन-देन वाला, स्वार्थी और ढोंग वाला” है.

पार्टी ने संपादकीय में कहा, ”समान नागरिक संहिता और वक्फ बोर्ड अधिनियम में सुधार की घोषणा करना, हिंदुओं को तीन या चार बच्चे पैदा करके अपनी जनसंख्या बढ़ाने की सलाह देना और ‘बंटेंगे तो कटेंगे’ का शोर मचाकर हिंदुओं के दिलों में डर पैदा कर चुनाव जीतना, भाजपा का हिंदुत्व सिर्फ यहीं तक ही सीमित है.” संपादकीय में दावा किया गया, ”हिंदुओं पर हो रहे अत्याचारों पर संसद में चर्चा नहीं होने दी जा रही है और जॉर्ज सोरोस के मुद्दे पर भाजपा द्वारा कार्यवाही रोकी जा रही है.”

पार्टी ने कहा, ”शेख हसीना की सत्ता को उखाड़ फेंकने के बाद कट्टरपंथियों ने वहां हिंदू समुदाय को निशाना बनाया है. …हिंदू मारे जा रहे हैं, लेकिन भाजपा के शंकराचार्य श्रीमान मोदीजी और उनके अनुयायी मुंह सिले बैठे हैं.” संपादकीय में दावा किया गया, ” बांग्लादेश में आए दिन हिंदू मारे जाते हैं, इससे उन्हें (भाजपा को) कोई फर्क नहीं पड़ता.” ‘सामना’ ने लिखा कि उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र, हिमाचल प्रदेश जैसे राज्यों में हिंदू संगठनों ने विरोध प्रदर्शन किया. कोलकाता में हुए आंदोलन में ढाका की जामदानी साड़ियों की होली जलाई गई, लेकिन इन सब में भाजपा और उसके दूसरे संगठन कहीं नजर नहीं आ रहे हैं.

पार्टी ने कहा, ”उन्हें (भाजपा या उसके सहयोगी दलों के नेताओं को) बांग्लादेश के हिंदुओं की तुलना में संभल, अजमेर शरीफ दरगाह में खुदाई करके धार्मिक तनाव पैदा करना ज्यादा अहम लगता है.” सामना ने लिखा कि महाराष्ट्र में जगह-जगह शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) सड़कों पर उतरकर बांग्लादेश में हिंदुओं की शिकायतें सरकार तक पहुंचाने की कोशिश करती रही है.

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