नीट मामले में सफेद झूठ बोल रही है सरकार: खरगे

नयी दिल्ली: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट-यूजी 2024 के मामले में केंद्र सरकार के हलफनामे को लेकर शनिवार को कहा कि लाखों युवाओं से सफ़ेद झूठ बोला जा रहा है तथा उनका भविष्य बर्बाद किया जा रहा है।

दरअसल विवादों में घिरी नीट-यूजी 2024 परीक्षा को रद्द करने की बढ़ती मांग के बीच, केंद्र और राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) ने शुक्रवार को उच्चतम न्यायालय में कहा कि इसे रद्द करना बेहद प्रतिकूल होगा और व्यापक जनहित के लिए, विशेष रूप से इसे उत्तीर्ण करने वालों के करियर की संभावनाओं के लिए, काफी हानिकारक होगा।

खरगे ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘मोदी सरकार ने माननीय उच्चतम न्यायालय को बताया है कि नीट-यूजी में कोई पेपर लीक नहीं हुआ है ! लाखों युवाओं से ये सफ़ेद झूठ बोला जा रहा है। उनके भविष्य को बर्बाद किया जा रहा है। शिक्षा मंत्रालय ने कहा है कि ‘केवल कुछ जगहों पर अनियमितताएं/चींिटग हुई हैं’। यह गुमराह करने वाली बात है।’’

उन्होंने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी एवं राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने पूरी शिक्षा प्रणाली को अपने कब्ज़े में रखकर शिक्षा माफ़यिा को बढ़ावा दिया है। खरगे ने कहा, ‘‘ एनसीईआरटी की किताबें हों या परीक्षा में गड़बड़ी, मोदी सरकार हमारी शिक्षा व्यवस्थाओं को तबाह करने पर तुली है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘ हम दोहराते हैं कि नीट-यूजी को फिर से कराया जाए और पारदर्शी तरीके तरह से आॅनलाइन कराया जाए । उच्चतम न्यायालय की देखरेख में सभी पेपर लीक घोटालों की गहन जांच हो और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई हो।’’ खरगे ने कहा, “मोदी सरकार अपनी कारगुज़ारियों से पीछा नहीं छुड़ा सकती ।”

एनटीए सरकारी और निजी संस्थानों में एमबीबीएस, बीडीएस, आयुष और अन्य संबंधित पाठ्यक्रमों में दाखिले के लिए नीट-यूजी का आयोजन करती है। इस साल पांच मई को यह परीक्षा आयोजित की गई थी, जिसमें 571 शहरों के 4,750 परीक्षा केंद्रों पर लगभग 23 लाख परीक्षार्थी शामिल हुए थे। प्रश्न पत्र लीक समेत अनियमितताओं के आरोपों के कारण कई शहरों में विरोध प्रदर्शन हुए तथा विपक्षी दलों ने इस मुद्दे को उठाया। इस संबंध में अदालतों में भी कई मामले दायर किए गए।

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