
नयी दिल्ली. आठ बुनियादी उद्योगों की वृद्धि दर जुलाई में सुस्त पड़कर 4.5 प्रतिशत रही. एक साल पहले इसी महीने में बुनियादी उद्योगों का उत्पादन 9.9 प्रतिशत बढ़ा था. बुधवार को जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, उत्पादन वृद्धि की यह दर छह महीने में सबसे कम है. बुनियादी उद्योगों की वृद्धि दर जून में 13.2 प्रतिशत, मई में 19.3 प्रतिशत, अप्रैल में 9.5 प्रतिशत, मार्च में 4.8 प्रतिशत, फरवरी में 5.9 प्रतिशत और जनवरी में चार प्रतिशत थी.
आंकड़ों के अनुसार, आठ बुनियादी उद्योगों…कोयला, कच्चा तेल, प्राकृतिक गैस, रिफाइनरी उत्पाद, उर्वरक, इस्पात, सीमेंट और बिजली…की वृद्धि दर चालू वित्त वर्ष के पहले चार माह अप्रैल-जुलाई में 11.5 प्रतिशत रही. एक साल पहले 2021-22 की इसी अवधि में यह 21.4 प्रतिशत थी. आलोच्य महीने में कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस के उत्पादन में क्रमश: 3.8 प्रतिशत और 0.3 प्रतिशत की गिरावट आई. जुलाई में उर्वरक उत्पादन 6.2 प्रतिशत बढ़ा, जो पिछले साल इसी महीने में 0.6 प्रतिशत बढ़ा था.
इसके अलावा कोयला, रिफाइनरी उत्पादों, इस्पात, सीमेंट और बिजली के उत्पादन में वृद्धि दर इस साल जुलाई में धीमी होकर क्रमश: 11.4 प्रतिशत, 6.2 प्रतिशत, 5.7 प्रतिशत, 2.1 प्रतिशत और 2.2 प्रतिशत रही. घरेलू रेंिटग एजेंसी इंडिया रेंिटग्स ने कहा कि जुलाई में आठ बुनियादी उद्योगों के उत्पादन में सालाना आधार पर वृद्धि घटकर छह महीने के निचले स्तर 4.5 प्रतिशत पर आ गयी. एजेंसी ने कहा, ‘‘हमारा मानना है कि उत्पादन में जारी सुधार को अभी एक लंबा रास्ता तय करना है. कुछ प्रमुख क्षेत्रों के उत्पादन में वृद्धि अब भी कोविड-19 महामारी के पूर्व स्तर से कम है.’’



