
हरियाणा: फास्टनर उद्योग में वैश्विक मानचित्र पर पहचान बना चुके रोहतक में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) की चुनौतियों और संभावनाओं पर महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय (एमडीयू) के राधाकृष्णन सभागार में मंथन शुरू हो गया है।

ईज ऑफ डूइंग बिजनेस पर हरियाणा सरकार कर रही काम
हरियाणा सरकार के उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अमित अग्रवाल वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े। अग्रवाल ने अपने संबोधन में हरियाणा सरकार के ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस पहल पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने जोर देकर कहा कि राज्य सरकार पिछले पांच वर्षों से इस दिशा में सक्रिय रूप से कार्यरत है, जिसमें उद्योगों को करोड़ों रुपये के प्रोत्साहन (इंसेंटिव) वितरित किए गए हैं। इन प्रयासों के तहत एक मजबूत इको-सिस्टम का निर्माण किया गया है, जो स्टार्टअप्स, एमएसएमई (सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम), बड़े उद्योगों और निवेशकों के लिए अनुकूल वातावरण प्रदान करता है।
एमएसएमई से देश का विकास पीएम मोदी की सोच
एमएसएमई डायरेक्ट कपिल मित्तल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दूरदर्शी सोच है कि सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) देश की आर्थिक प्रगति का आधार बन सकते हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि एमएसएमई क्षेत्र न केवल रोजगार सृजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, बल्कि यह नवाचार, उद्यमिता और समावेशी विकास को बढ़ावा देने में भी अहम योगदान देता है। मित्तल ने बताया कि सरकार की नीतियां और योजनाएं, जैसे कि आत्मनिर्भर भारत अभियान, एमएसएमई को सशक्त बनाने और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए डिज़ाइन की गई हैं।
हम विकसित राष्ट्र की ओर अग्रसर
मुख्य अतिथि राजेश नागर ने कहा आज भारत हर क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है। विश्व में भारत का नाम हो रहा है। भारत में हाईवे, एयरपोर्ट और स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार हो रहा है। हम जल्द ही विकासशील से विकसित राष्ट्र की सपने की ओर अग्रसर हो रहे हैं। राज्यमंत्री राजेश नागर ने निमंत्रण के लिए अमर उजाला समूह का धन्यवाद किया।



