शराब सेवन कर विद्यालय आने वाले प्रधान पाठक निलंबित

रायपुर. जशपुर जिले के पत्थलगांव विकासखंड अंतर्गत ग्राम तिरसोंठ के शासकीय प्राथमिक शाला में पदस्थ प्रधान पाठक चैतराम यादव को अनाधिकृत अनुपस्थिति एवं विद्यालय में शराब सेवन की शिकायतों के आधार पर तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है.

प्राप्त जानकारी के अनुसार, कलेक्टर जशपुर रोहित व्यास के ग्राम तिरसोंठ भ्रमण के दौरान ग्रामीणों द्वारा प्रधान पाठक के विरुद्ध गंभीर शिकायतें की गई थीं, जिस पर तत्काल संज्ञान लेते हुए कलेक्टर ने निलंबन की अनुशंसा की थी. इसके बाद प्रस्तुत प्रतिवेदन में स्पष्ट हुआ कि यादव ने बिना पूर्व सूचना के 16 जून से 23 जून तथा 5 जुलाई से 8 जुलाई 2025 तक अनाधिकृत रूप से अनुपस्थिति दर्ज की.

इसके अतिरिक्त शैक्षिक समन्वयक रघुनाथपुर, ग्राम पंचायत तिरसोंठ के सरपंच एवं शाला विकास समिति अध्यक्ष द्वारा 8 जुलाई को तैयार किए गए पंचनामा में उल्लेख किया गया कि यादव शराब सेवन कर विद्यालय आते हैं. यह कृत्य प्रथम दृष्टया सही पाया गया, जो छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के नियम 03 का उल्लंघन है और शासकीय सेवक के आचरण के विपरीत कदाचरण की श्रेणी में आता है.

उक्त तथ्यों के आधार पर चौतराम यादव को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के नियम 9 के अंतर्गत तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है. निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय, बगीचा नियत किया गया है. इस अवधि में वे नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते के पात्र होंगे.

उच्च अधिकारियों के आदेशों की अवहेलना और स्वेच्छाचारिता पड़े भारी, शिक्षक संजय नायक निलंबित
जशपुर जिले के पत्थलगांव विकासखंड अंतर्गत शासकीय प्राथमिक शाला तेन्दूपारा में पदस्थ सहायक शिक्षक (एल.बी.) संजय नायक को उच्चाधिकारियों के आदेशों की अवहेलना एवं स्वेच्छाचारिता बरतने के आरोप में तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है. यह कार्रवाई छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के नियम 03 के उल्लंघन तथा कदाचरण की श्रेणी में पाए जाने पर छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के नियम 9 के तहत की गई है.

जिला शिक्षा अधिकारी जशपुर द्वारा जारी आदेश में उल्लेख किया गया है कि 4 जून 2025 को शासकीय प्राथमिक शाला तेन्दूपारा संकुल लुड़ेग में शालेन कुजूर की पदस्थापना की गई थी. इसके बावजूद सहायक शिक्षक संजय नायक द्वारा उन्हें विद्यालय में कार्यभार ग्रहण नहीं कराया गया. इस विषय में विकासखंड शिक्षा अधिकारी पत्थलगांव द्वारा 11 जून 2025 को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था, जिसका जवाब संजय नायक द्वारा प्रस्तुत नहीं किया गया. 10 जुलाई 2025 को प्रस्तुत प्रतिवेदन के अनुसार, शिक्षक संजय नायक के इस व्यवहार से यह स्पष्ट होता है कि उन्होंने जानबूझकर आदेशों का पालन नहीं किया और प्रशासनिक कार्यों में बाधा उत्पन्न की.

उक्त कृत्य शासन के सेवा आचरण नियमों के सर्वथा विपरीत पाए जाने पर उन्हें निलंबित किया गया है. निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय, बगीचा नियत किया गया है तथा वे नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते के पात्र होंगे.

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