मध्यप्रदेश में पूर्व परिवहन विभाग के कर्मचारी से बरामद डायरी में भारी लेन-देन का उल्लेख: कांग्रेस

भोपाल. कांग्रेस ने मध्यप्रदेश परिवहन विभाग में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया और दावा किया कि लोकायुक्त पुलिस द्वारा एक पूर्व कर्मचारी से हाल में बरामद की गई डायरी में ”बड़े” लेन-देन का उल्लेख है. कांग्रेस की मध्यप्रदेश इकाई के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने रविवार को दावा किया कि परिवहन विभाग के पूर्व कांस्टेबल सौरभ शर्मा की जान को खतरा है. शर्मा के परिसरों पर पिछले महीने छापेमारी की गई थी, जिसके बाद डायरी मिली थी.

आरोपों को खारिज करते हुए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कहा कि ऐसा लगता है कि पटवारी कांग्रेस की 15 महीने की सरकार को याद कर रहे हैं, जिसमें कई ‘भ्रष्टाचार’ हुए थे. पटवारी ने यहां संवाददाता सम्मेलन में मीडिया की खबरों का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि डायरी के सिर्फ छह पन्नों में राज्य में परिवहन विभाग की चौकियों पर अवैध रूप से एकत्र किए गए 1,300 करोड़ रुपये का जिक्र है. उन्होंने दावा किया कि ये 66 पन्नों की डायरी के सिर्फ छह पन्ने हैं.

उन्होंने कहा कि लोकायुक्त पुलिस के बाद आयकर विभाग और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने छापेमारी की, लेकिन जांच ठप पड़ी हुई है और कोई भी इन छह पन्नों की जिम्मेदारी नहीं ले रहा है. पटवारी ने कहा कि इनमें से किसी भी एजेंसी को शर्मा के ठिकाने के बारे में पता नहीं है. कांग्रेस नेता ने दावा किया कि शर्मा को सुरक्षा दी जानी चाहिए, क्योंकि उनकी जान को खतरा है.

प्रदेश भाजपा प्रवक्ता पंकज चतुर्वेदी ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि पटवारी को शायद कमलनाथ के नेतृत्व वाली सरकार याद होगी, जब वह कैबिनेट मंत्री थे. उन्होंने आरोप लगाया कि कमलनाथ के कार्यकाल में राज्य सचिवालय भ्रष्टाचार का अड्डा था.
वर्ष 2018 के विधानसभा चुनावों के बाद, कांग्रेस ने मुख्यमंत्री के रूप में कमलनाथ के नेतृत्व में मध्यप्रदेश में सरकार बनाई, लेकिन 15 महीने बाद ही यह सरकार गिर गई, जब ज्योतिरादित्य सिंधिया और उनके वफादार भाजपा में शामिल हो गए. सिंधिया अब केंद्रीय मंत्री हैं.

चतुर्वेदी ने कहा कि भाजपा नीत सरकार के तहत ही जांच एजेंसियों ने शर्मा पर छापे मारे हैं. भाजपा नेता ने कहा कि उनकी सरकार ने भ्रष्टाचार के खिलाफ ‘कतई बर्दाश्त नहीं करने’ की नीति अपना रखी है और उसने कई मौकों पर भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई की है.
अधिकारियों ने 19 दिसंबर को लोकायुक्त छापे के दौरान शर्मा के आवास से तीन करोड़ रुपये नकदी और 200 किलोग्राम चांदी के अलावा बेनामी संपत्तियों के कई दस्तावेज जब्त किए थे. उसी दिन आयकर विभाग ने पूर्व कांस्टेबल के एक सहयोगी की कार से 50 किलोग्राम से ज़्यादा सोना और करीब 11 करोड़ रुपए बरामद किए. इसके बाद ईडी ने शर्मा और उसके सहयोगियों के ठिकानों की तलाशी ली.

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