
पटना. कांग्रेस ने बिहार में नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली राजग सरकार पर “नोटचोर” होने का आरोप लगाया और दावा किया कि भ्रष्टाचार एवं अपराध “डबल इंजन” सरकार के असली दो इंजन हैं. पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने यहां कांग्रेस कार्य समिति की बैठक के बाद यह दावा भी किया कि तेलंगाना में विधानसभा चुनाव से दो महीने पहले कार्य समिति की बैठक हुई थी और वहां कांग्रेस की सरकार बनी, उसी तरह अब पटना की बैठक के बाद बिहार में महागठबंधन की सरकार बनेगी.
कार्य समिति में पारित बिहार से संबंधित प्रस्ताव में भाजपा और जनता दल (यूनाइटेड) के गठबंधन को अपवित्र बताया गया है.
प्रस्ताव में कहा गया है, “नीतीश कुमार के खोखले वादों और विश्वासघात से आक्रोशित होकर आज बिहार की जनता सड़कों पर है. मुख्यमंत्री के रूप में 20 वर्षों के लंबे कार्यकाल के बावजूद उन्होंने जनता को सशक्त बनाने के लिए बेहद कम काम किया है. कभी 27 प्रतिशत रहने वाला चीनी उत्पादन घटकर सिफ.र् तीन प्रतिशत पर सिमट गया है और औद्योगिक विकास लगभग ठप है. ” कार्य समिति ने दावा किया कि राज्य की पूंजीगत आवश्यकताओं का महज़ 33 प्रतिशत ही स्वयं राज्य द्वारा पूरा किया जा रहा है, शेष के लिए बिहार को केंद्र, विकास बैंकों और ऋणों पर निर्भर रहना पड़ता है तथा यह ऋण-निर्भरता बिहार को और अधिक ग.रीबी और पिछड़ेपन की ओर धकेल रही है.
उसने यह भी कहा, ” जदयू और भाजपा के अपवित्र गठबंधन के बाद, भ्रष्टाचार और अपराध तथाकथित “डबल इंजन सरकार” के असली इंजन बन कर सामने आये हैं.” कार्य समिति ने आरोप लगाया, ” यह सरकार नोटचोर है, इसका सबसे बड़ा सबूत सीएजी की रिपोर्ट है, जिसमें बिहार के 49,649 लंबित उपयोगिता प्रमाण-पत्र का उल्लेख हैं और इनकी राशि भयावह 70,877 करोड़ रुपये तक पहुंचती है. इसे सिर्फ भ्रष्टाचार कहना कम होगा, यह संगठित लूट है, दिन-दहाड़े डकैती है, जिसने जनता का खून चूसकर सत्ता को पाला-पोसा है. ” बिहार सरकार के मंत्री अशोक चौधरी का नाम लिए बगैर कार्य समिति के प्रस्ताव में कहा गया, “नीतीश कुमार के सबसे क.रीबी सहयोगी के ईद-गिर्द सैकड़ों करोड़ के भ्रष्टाचार घोटाले उजागर हो चुके हैं. ” प्रस्ताव में यह दावा भी किया गया है कि जब करोड़ों भूखे, बेघर और भूमिहीन सड़कों पर संघर्ष कर रहे हैं, एनडीए सरकार ने भागलपुर में एक हज़ार एकड़ से ज़्यादा ज़मीन अपने हितैषी अदाणी समूह को एक बिजली परियोजना के लिए एक रुपये प्रति एकड़ प्रति वर्ष की दर से पट्टे पर दे दी है.
कार्य समिति ने दावा किया, ” प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की बिहार यात्रा के पीआर हथकंडों से परे, सच्चाई साफ. है कि राजग सिफ.र् वोट चोर ही नहीं, बल्कि ज़मीन चोर भी है.” उसने कहा कि इस ज़मीन चोर सरकार ने बिहार भूमि सर्वेक्षण 2025 (बीएलएस) के ज़रिए बिहार में ठीक वैसे ही भय और अराजकता फैला दी है, जैसे उसने एसआईआर के ज़रिए दहशत फैलाई थी.
कार्य समिति का कहना है, ” ज़मीन के रिकॉर्ड को सुव्यवस्थित करने के नाम पर, इसने लोगों को दशकों पुराने मालिकाना हक. के कागज़ात निकालने पर मजबूर किया, और फिर ज़मीन के हक. के कागज़ात में गड़बड़ी करके और मालिकाना हक. में घालमेल करके घोर भ्रम पैदा कर दिया. ” कार्य समिति ने कहा, “भ्रष्ट कुशासन के सबसे बड़े शिकार बिहार के युवा हैं, जिन्हें सुनियोजित रूप से उनके वाजिब अवसरों से वंचित रखा गया है. बिहार पुलिस अधीनस्थ सेवा आयोग (बीपीएसएससी) और केंद्रीय कांस्टेबल चयन बोर्ड (सीएसबीसी) की परीक्षाओं व भर्ती में पारर्दिशता, निष्पक्षता और जवाबदेही की मांग को लेकर पटना में जुटे अ्भ्यियथयों से लेकर, एक लाख शिक्षक पदों के वादे से ठगे गए टीआरई-4 उम्मीदवारों तक, हर जगह युवा ग.ुस्से और निराशा में सड़कों पर उतरने को मजबूर हुए हैं.”
कार्यसमिति ने कहा, “चंपारण में नील की खेती करने वालों के खिलाफ महात्मा गांधी के पहले सत्याग्रह के बाद से, बिहार ने देश का मार्गदर्शन किया है. आज, एक बार फिर, यह एक निर्णायक मोड़ पर खड़ा है. कांग्रेस कार्यसमिति बिहार के सभी मतदाताओं से इस लोकतांत्रिक लड़ाई को मजबूत करने का आ”ान करती है. ” उसका कहना है, “जो नारा सबसे पहले बिहार के घर-घर में गूंजा, वही अब पूरे देश में गूंजने वाला है – “वोट चोर, गद्दी छोड़.”



