विश्व मुक्केबाजी से जुड़ा भारत, पर आईबीए से अब भी अलग नहीं हुआ

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Fri, 31 May 2024 09:03 PM
विश्व मुक्केबाजी से जुड़ा भारत, पर आईबीए से अब भी अलग नहीं हुआ
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नयी दिल्ली. भारतीय मुक्केबाजी महासंघ (बीएफआई) ने शुक्रवार को निलंबित अंतरराष्ट्रीय मुक्केबाजी संघ (आईबीए) से नाता तोड़ लिया और ओलंपिक में खेल के भविष्य को लेकर खतरे से निपटने के लिये विश्व मुक्केबाजी से जुड़ गया . लेकिन बीएफआई अध्यक्ष अजय सिंह ने कहा कि महासंघ ने खुद को निलंबित आईबीए से अलग नहीं किया है. अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति ने महीनों पहले चेताया था कि अगर राष्ट्रीय महासंघ अंतरराष्ट्रीय मुक्केबाजी संघ (आईबीए) से जुड़े रहे तो 2028 लॉस एंजिलिस ओलंपिक से इस खेल को हटाया जा सकता है .

सिंह ने एक विज्ञप्ति में कहा ,” मुक्केबाजी का ओलंपिक दर्जा बरकरार रहना खेल के लिये जरूरी है लिहाजा हम विश्व मुक्केबाजी से जुड़कर खुश हैं .” लेकिन पिछले साल आईबीए के उपाध्यक्ष नियुक्त किये गये सिंह ने बाद में ‘ऑनलाइन’ बातचीत में पत्रकारों से कहा कि भारतीय मुक्केबाज अब भी आईबीए के टूर्नामेंट में भाग लेना जारी रख सकते हैं.

सिंह ने कहा, ”वास्तव में हालात यह हैं कि भारत ने खुद को आईबीए से अलग नहीं किया है और अगर हम चाहें तो आईबीए चैम्पियनशिप में भाग लेना जारी रख सकते हैं. लेकिन एक विश्व संस्था बनाना महत्वपूर्ण है जो आईओसी से जुड़ी हुई हो. ” उन्होंने कहा, ”हमारे लिए सबसे महत्वपूर्ण टूर्नामेंट ओलंपिक है, इसके साथ ही एशियाई खेल और राष्ट्रमंडल खेल ये सभी आईओसी के दायरे में आते हैं. ” आईबीए के खिलाफ खेल पंचाट के हालिया फैसले का हवाला देते हुए सिंह ने स्वीकार किया कि आईओसी से मान्यता प्राप्त करना उसके लिए बहुत ही मुश्किल होगा.

सिंह ने कहा, ”मैं अपने मुक्केबाजों को दुनिया की किसी भी चैम्पियनशिप से वंचित नहीं करना चाहता. और विश्व मुक्केबाजी के से हमारी स्पष्ट बात हुई है कि हम आईबीए की चैम्पियनशिप में भी भाग ले पायेंगे. ” खेल पंचाट ने आईबीए की अपील खारिज कर दी थी जिसमें उसने आईओसी सत्र के अंतरराष्ट्रीय मुक्केबाजी महासंघ के तौर पर मान्यता वापस लेने का फैसला किया था. लेकिन अगर बीएफआई पूरी तरह से आईबीए के साथ अपने संबंधों को खत्म नहीं करता है, तो भारतीय मुक्केबाज 2028 ओलंपिक में भाग नहीं ले पायेंगे, भले ही इस खेल को कार्यक्रम में बरकरार रखा जाये.

आईओसी ने बृहस्पतिवार को एक बयान में कहा, ”कोई भी मुक्केबाज जिसका राष्ट्रीय महासंघ आईबीए के अंतर्गत चलता है तो वह लास एंजिलिस 2028 ओलंपिक खेलों में भाग नहीं ले पायेगा. ” इसमें कहा गया, ”संबंधित एनओसी को ऐसे राष्ट्रीय मुक्केबाजी महासंघ को अपनी सदस्यता से बाहर करना होगा. ” सिंह ने कहा कि वह खेल के भावी विकास के लिये विश्व मुक्केबाजी के कार्यकारी बोर्ड से मिलकर काम करेंगे ताकि दुनिया भर के मुक्केबाजों को उज्ज्वल भविष्य मिल सके .

विश्व मुक्केबाजी का गठन अप्रैल 2023 में किया गया . इसके अध्यक्ष आईबीए अध्यक्ष पद के पूर्व दावेदार बोरिस वान डेर वोर्स्ट हैं .
वान डेर वोर्स्ट ने कहा ,” अंतरराष्ट्रीय मुक्केबाजी के लिये भारत बहुत महत्वपूर्ण देश है और हम बीएफआई का विश्व मुक्केबाजी परिवार में स्वागत करते हैं . यह बेहद रोमांचक कदम है जिससे एशिया में हमारी मौजूदगी बढेगी . हम बीएफआई के साथ मिलकर संयुक्त लक्ष्य के लिये काम करेंगे .” अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति ने वित्तीय, खेल की अखंडता और प्रशासन संबंधी मसलों को लेकर 2019 में आईबीए की मान्यता रद्द कर दी थी. तोक्यो ओलंपिक के बाद पेरिस ओलंपिक में भी मुक्केबाजी स्पर्धायें आईओसी द्वारा आयोजित होंगी . तोक्यो ओलंपिक के बाद ऐसा लगातार दूसरी बार होगा.

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