भारत का जी-20 की अध्यक्षता संभालना ऐतिहासिक क्षण: प्रधानमंत्री के प्रमुख सचिव मिश्रा

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Thu, 01 Dec 2022 06:47 PM
भारत का जी-20 की अध्यक्षता संभालना ऐतिहासिक क्षण: प्रधानमंत्री के प्रमुख सचिव मिश्रा
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नयी दिल्ली/लखनऊ. प्रधानमंत्री के प्रमुख सचिव पी के मिश्रा ने भारत के जी-20 की अध्यक्षता संभालने को ‘‘ऐतिहासिक क्षण’’ करार दिया और कहा कि यह हमारी जिम्मेदारी है कि हम देश को ‘‘उसके कद और महिमा के अनुरूप सबसे सही तरीके से’’ प्रर्दिशत करें. उन्होंने कहा कि देश के 56 विभिन्न स्थानों पर जी-20 से जुड़ी बैठकें, वास्तव में इस आयोजन की अखिल भारतीय प्रकृति को प्रर्दिशत करना भी सुनिश्चित करेंगी. उन्होंने कहा कि जी-20 की भारत की अध्यक्षता की प्रक्रिया में सभी राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों की सरकारें और हर एक नागरिक हितधारक है.

ज्ञात हो कि भारत ने एक दिसंबर को जी-20 की औपचारिक अध्यक्षता संभाली. इस अवसर पर ‘‘जी-20 यूनिर्विसटी कनेक्ट’ : इंगेंिजग यंग माइंड्स’’ विषय पर आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मिश्रा ने कहा, ‘‘भारत में जितनी विशिष्टता है, उतनी ही विविधता भी है. हमारी जिम्मेदारी है कि हम भारत की सर्वश्रेष्ठ परंपराओं को दुनिया के सामने लाएं.’’ एक बयान के मुताबिक उन्होंने कहा कि भारत को अपनी भूमि पर सबसे बड़े बहुपक्षीय आयोजन की मेजबानी करने का शानदार अवसर मिला है.

मिश्रा ने कहा, ‘‘जी-20 की अध्यक्षता भारत की विविधता को दुनिया के सामने प्रर्दिशत करने का एक अवसर है. विश्वविद्यालय अपने छात्रों को स्थानीय इतिहास और महत्वपूर्ण उपलब्धियों, कला के अलग-अलग स्वरूपों और क्षेत्र की अन्य सांस्कृतिक परंपराओं के बारे में प्रशिक्षित कर सकते हैं.’’ उन्होंने कहा कि ऐसे छात्रों को बैठकों के आयोजन का हिस्सा बनाया जा सकता है और विदेशी प्रतिनिधियों का गाइड भी बनाया जा सकता है.

बड़ी संख्या में मौजूद विश्वविद्यालय के छात्रों को संबोधित करते हुए मिश्रा ने कहा कि ऐतिहासिक, आर्थिक और सांस्कृतिक महत्व के स्थानों के अलावा विदेशी मेहमानों को प्रकृति, गांवों और स्थानीय बाजारों का भ्रमण भी कराया जा सकता है. उन्होंने कहा, ‘‘विश्वविद्यालय तेजतर्रार छात्रों का चयन कर सकते हैं और उन्हें सत्रों के प्रतिवेदक के रूप में प्रशिक्षित कर सकते हैं.’’ उन्होंने कहा कि विश्व अभी चुनौतीपूर्ण दौर से गुजर रहा है और इस वजह से अवसर भी बने हैं तथा इनका उपयोग करते हुए ऊर्जा के स्वच्छ स्रोतों को अपनाने की मुहिम में भारत, विश्व में अग्रणी भूमिका निभा रहा है.

उन्होंने कहा, ‘‘अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन और ‘एक सौर, एक विश्व और एक ग्रिड’ जैसी हमारे वैश्विक पहलों को गैर-जीवाश्म स्रोतों के माध्यम से 50 प्रतिशत स्थापित बिजली क्षमता प्राप्त करने के लिए हमारी घरेलू प्रतिबद्धता द्वारा पूरक किया गया है. अगर हमारे जैसा देश रास्ता दिखाता है तो दुनिया को इसका पालन करना होगा.’’ उन्होंने कहा कि जी-20 की अध्यक्षता उसे भारत के ‘‘अमृतकाल’’ में मिली है और संबंधित आयोजनों में ‘‘अतिथि देवो भव:’’ की हमारी परंपरा भी झलकनी चाहिए. ज्ञात हो कि भारत की आजादी के 75 साल से 100 वर्ष तक के आगामी सफर को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ‘‘अमृत काल’’ कहते हैं.

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने भविष्योन्मुखी कार्यों के महत्व पर जोर दिया है लेकिन साथ ही उन्होंने कहा है कि इसकी जड़ें हमारी संस्कृति में हैं. उन्होंने याद किया कि संयुक्त राष्ट्र महासचिव की उपस्थिति में भारत ने ‘मिशन लाइफस्टाइल फॉर एनवायरनमेंट’ (लाइफ) की शुरुआत की थी. उन्होंने कहा, ‘‘यह लाइफ मिशन भी एक ऐसा मंत्र है जिसे भारत ने दुनिया को दिया है.’’

राष्ट्रपति मुर्मू ने जी-20 समूह की अध्यक्षता ग्रहण करने पर ‘टीम इंडिया’ को बधाई दी

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ की भावना के साथ जी-20 समूह की अध्यक्षता ग्रहण करने पर ‘टीम इंडिया’ को बधाई दी और सफल कार्यकाल की कामना की . ज्ञात हो कि भारत ने एक दिसंबर को जी-20 समूह की औपचारिक अध्यक्षता ग्रहण की .

राष्ट्रपति भवन ने राष्ट्रपति मुर्मू के हवाले से ट्वीट किया, ‘‘ भारत ने आज जी-20 समूह की अध्यक्षता ग्रहण की . इस अवसर पर, मैं टीम इंडिया को शुभकामनाएं देती हूं और वसुधैव कुटुम्बकम के भाव के साथ सफल अध्यक्षता की कामना करती हूं. ’’ उन्होंने कहा, ‘‘ लम्बे समय से चली आ रही अतिथि देवो भव: की परंपरा के अनुरूप मैं भारत में सभी शिष्टमंडल सदस्यों का स्वागत करती हूं .’’

योगी आदित्यनाथ ने भारत के जी-20 की अध्यक्षता संभालने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बधाई दी

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भारत के जी-20 की अध्यक्षता औपचारिक रूप से संभालने पर बृहस्पतिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बधाई दी और कहा कि देश मानव-केंद्रित वैश्वीकरण की दिशा में नए प्रतिमान रच रहा है. पिछले महीने इंडोनेशिया के बाली में आयोजित दो दिवसीय जी-20 शिखर सम्मेलन के अंत में भारत को इस प्रभावशाली समूह की अध्यक्षता सौंपी गई थी. राष्ट्राध्यक्षों या सरकार के स्तर पर नेताओं का अगला जी-20 शिखर सम्मेलन नौ और 10 सितंबर, 2023 को नयी दिल्ली में आयोजित होने वाला है.

आदित्यनाथ ने ट्वीट किया, ‘‘आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में भारत ‘वसुधैव कुटुंबकम’ के उदार एवं उदात्त भाव को चरितार्थ करते हुए वैश्विक पटल पर नित्य नए प्रतिमान रच रहा है. जी 20 की अध्यक्षता इसका प्रत्यक्ष प्रमाण है. आजादी के अमृत महोत्सव वर्ष पर इस उपलब्धि के लिए आपका अभिनंदन.’’

भारत ने एक दिसंबर को दुनिया की प्रमुख विकसित और विकासशील अर्थव्यवस्थाओं के अंतर-सरकारी मंच ‘जी-20’ की औपचारिक रूप से अध्यक्षता संभाली. भारत एक वर्ष के लिए जी-20 का अध्यक्ष होगा और इस दौरान देश में 55 अलग-अलग जगहों पर संगठन की 200 से ज्यादा बैठकें होंगी. जी-20 की पहली तैयारी बैठक दिसंबर के पहले सप्ताह में उदयपुर में होगी जब जी-20 के ‘शेरपा’ मिलेंगे.

जी-20 में अर्जेंटीना, आॅस्ट्रेलिया, ब्राजील, कनाडा, चीन, फ्रांस, जर्मनी, भारत, इंडोनेशिया, इटली, जापान, कोरिया गणराज्य, मैक्सिको, रूस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका, तुर्किये, ब्रिटेन, अमेरिका और यूरोपीय संघ (ईयू) शामिल हैं.

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