भारत अन्य देशों के मुकाबले आर्थिक चुनौतियों से निपटने के लिए बेहतर स्थिति में : सीईए

नयी दिल्ली. मुख्य आर्थिक सलाहकार (सीईए) अनंत नागेश्वरन ने कहा है कि मध्यम अवधि के लिहाज से अर्थव्यवस्था की बुनियाद मजबूत है और भारत अन्य देशों के मुकाबले आर्थिक चुनौतियों से निपटने के लिए बेहतर स्थिति में है. वित्त मंत्रालय द्वारा ‘आजादी का अमृत महोत्सव’ के तहत आयोजित विशेष साप्ताहिक समारोह को संबोधित करते हुए नागेश्वरन ने बुधवार को कहा कि भारत आज ऐसी स्थिति में है जहां उसे वैश्विक वृहद मौद्रिक नीतियों और राजनीतिक घटनाक्रमों दोनों की वजह से कई तरह की चुनौतियों से जूझना पड़ रहा है.

सीईए ने कहा कि इस साल भारत के समक्ष सतत उच्च वृद्धि, मुद्रास्फीति को नीचे लाने और राजकोषीय घाटे को संतुलन में रखने की चुनौतियां होंगी. साथ ही यह भी सुनिश्चित करने की जरूरत होगी कि भारतीय रुपये का बाह्य मूल्य कायम रहे. उन्होंने कहा, ‘‘हमें यह समझने की जरूरत है कि भारतीय अर्थव्यवस्था की मध्यम अवधि की बुनियाद मजबूत है और भारत अन्य देशों की तुलना में चुनौतियों का मुकाबला करने के लिए कहीं बेहतर स्थिति में है.’’

सीईए ने कहा कि इन चुनौतियों से निपटने के लिए पहले से तय रूपरेखा या विभिन्न विकल्प नहीं हो सकते. वित्त मंत्रालय इस तरह की किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है. उन्होंने कहा, ‘‘आप मुद्रास्फीति की मौजूदा ंिचता को छोड़कर देखें. भारत अपनी वित्तीय प्रणाली के बूते पिछले दशक से बाहर आया है. न केवल बैंकों और वित्तीय क्षेत्र का बही-खाता सुधरा है, बल्कि कॉरपोरेट क्षेत्र की स्थिति भी बेहतर हुई है.’’

नागेश्वरन ने कहा, ‘‘सरकार के तहत जीएसटी और आईबीसी जैसे कुछ संरचनात्मक सुधारों का असर बेशक अस्थायी तौर पर महामारी और भू-राजनीतिक तनाव जैसे बाहरी घटनाक्रमों की वजह से दिखाई नहीं दे रहा है. लेकिन एक बार इनके बादल छंटने के बाद ये संरचनात्मक सुधार भारत की वृद्धि दर को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे.’’

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