अमेरिका के 50% शुल्क लगाने को अवसर में बदल सकता है भारत

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Sun, 31 Aug 2025 07:54 PM
अमेरिका के 50% शुल्क लगाने को अवसर में बदल सकता है भारत
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नयी दिल्ली. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के वरिष्ठ पदाधिकारी रामलाल ने आत्मनिर्भरता की पुरजोर वकालत करते हुए रविवार को कहा कि अमेरिका द्वारा 50 प्रतिशत शुल्क लगाए जाने से उत्पन्न चुनौतियों को भारत वैश्विक स्तर पर अपनी अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के अवसर में बदल सकता है.

रामलाल ने उद्योग जगत के नेताओं, नीति निर्माताओं और विदेशी निवेशकों के एक सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि भारत पर इस तरह के प्रतिबंध पहले भी लगाए गए थे, जब 1998 में परमाणु परीक्षण किया गया था, लेकिन देश मजबूती से डटा रहा और प्रगति के पथ पर आगे बढ़ता रहा. यह सम्मेलन भारत मंडपम में भारत वैश्विक उद्योग मंच (बीजीआईएफ) के तत्वावधान में आयोजित किया गया था, जिसका विषय था ‘भारत को वैश्विक औद्योगिक केंद्र बनाना’. आरएसएस के पदाधिकारी ने प्रतिबंध लगाए जाने पर कहा कि तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने कहा था कि भारत ऐसा देश है, जो घास की रोटी भी खा सकता है और लड़ भी सकता है. उन्होंने कहा कि प्रतिबंधों का भारत पर कोई असर नहीं पड़ेगा.

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के अखिल भारतीय संपर्क प्रमुख ने कहा, ” हम अडिग रहे और आपने देखा कि प्रतिबंध हटा दिए गए. भारत प्रगति के पथ पर अग्रसर रहा.” रामलाल ने कहा, ” मैं मौजूदा समय के प्रतिबंधों और चल रहे इस टैरिफ युद्ध के बारे में कुछ नहीं कहना चाहता. यह कब तक चलेगा या कब तक खत्म होगा, इसका अंदाजा नहीं लगाया जा सकता. लेकिन अगर भारत आत्मविश्वास के साथ खड़ा है, तो ये चुनौती एक अवसर है. अब हम पर निर्भर है कि हम इस अवसर का लाभ उठाते हैं या धमकियों से डर जाते हैं.” रामलाल ने सरकार, उद्योग संगठनों और आम लोगों से एकजुट होकर इस चुनौती को आत्मविश्वास के साथ स्वीकार करने का आ”ान करते हुए कहा कि प्रगति तभी होती है, जब ये तीनों एक समान दिशा में सोचते हैं.

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