
नयी दिल्ली. वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने बुधवार को कहा कि अमेरिका एवं चीन के बीच जारी व्यापारिक तनाव को भारत अपने लाभ के लिए एक अवसर के रूप में नहीं देख रहा है और वह अपनी मजबूती के दम पर खड़ा है. गोयल ने सऊदी अरब के रियाद में आठवें फ्यूचर इन्वेस्टमेंट इनिशिएटिव सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि भारत अपार संभावनाओं से भरपूर है और दुनिया उभरते बाजारों के साथ मजबूत संबंध बना रही है.
उन्होंने कहा, ”भारत अमेरिका-चीन तनाव को अपने लाभ का जरिया नहीं मानकर चलता है. हमारा मानना है कि हम अपने लोकतंत्र, कानून के शासन, हमारी युवा आबादी की ताकत और हमारे जनसांख्यिकीय लाभांश के बल पर अपने पैरों पर खड़े हो सकते हैं. यह प्रतिभाशाली, उत्साही और आकांक्षी है.”
गोयल भारत में व्यापक आर्थिक संभावनाओं और अमेरिका-चीन व्यापार तनाव से होने वाले फायदे के बारे में पूछे गए एक सवाल का जवाब दे रहे थे. अमेरिका ने चीन से आयातित कई वस्तुओं पर सीमा शुल्क बढ़ा दिया है. हालांकि, गोयल ने यह माना कि बहुपक्षीय व्यापार प्रणाली इस समय कुछ तनावों से गुजर रही है. उन्होंने कहा कि विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) सदस्य देशों के बीच व्यापारिक विवादों को हल करने के लिए एक नि्क्रिरय अपीलीय निकाय का सामना कर रहा है.
उन्होंने कहा, ”हमारे सामने कुछ ऐसे मुद्दे हैं जहां विकसित दुनिया और उभरते बाजारों की सोच अलग है. हम उन मतभेदों को दूर करने में सक्षम नहीं हैं. लेकिन मैं मानता हूं कि भविष्य उज्ज्वल है. मैं इन मुद्दों को लेकर बहुत आशावादी हूं क्योंकि ये सबके लिए चीजें बेहतर बनाएंगे.” उन्होंने कहा कि भारत और अमेरिका ने अपने सात डब्ल्यूटीओ व्यापार विवादों को द्विपक्षीय रूप से सुलझा लिया है. उन्होंने कहा, ”हम कूटनीति के लिए एक बड़ा अवसर देखते हैं जो दुनिया की समस्याएं दूर करने में बड़ी भूमिका निभा सकता है. भारत का नजरिया यह है कि संवाद और कूटनीति ही आगे बढ़ने का रास्ता है, चाहे वह संघर्ष हो या अर्थशास्त्र.”



