
नयी दिल्ली. भारत ने अमेरिका की हथियार निर्माता कंपनी ‘सिग सॉयर’ को और 73,000 सिग716 राइफल का ऑर्डर दिया है. कंपनी ने यह जानकारी दी. अमेरिकी कंपनी ने यह भी कहा कि भारतीय सेना के ”आधुनिकीकरण प्रयासों” में साझेदार बनने पर उसे गर्व है.
पूर्वी लद्दाख में भारत और चीन के बीच सीमा विवाद जारी रहने के बीच यह कदम उठाया गया है. रक्षा खरीद परिषद (डीएसी) ने पिछले साल दिसंबर में अतिरिक्त 73,000 सिग राइफल की खरीद के लिए मंजूरी दी थी.
अमेरिका में जारी एक बयान में ‘सिग सॉयर’ ने कहा कि वह भारत सरकार के रक्षा मंत्रालय के साथ और 73,000 सिग716 राइफलों की आपूर्ति के लिए ”दूसरे खरीद अनुबंध की घोषणा करते हुए गौरवान्वित महसूस कर रही है.” बयान के अनुसार, यह आपूर्ति होने के बाद भारतीय सेना के पास 1,45,400 सिग716 राइफल होंगी. भारत ने इससे पहले ‘सिग सॉयर’ को 2019 में 72,400 सिग716 राइफल की आपूर्ति का अनुबंध दिया था.
बयान में कहा गया है, ”फील्ड में इसके सफल रहने और सैनिकों के बीच इसकी भारी स्वीकृति के कारण अतिरिक्त 73,000 राइफलों के लिए एक और ऑर्डर मिला है.” बयान में ‘सिग सॉयर’ के अध्यक्ष और मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) रॉन कोहेन के हवाले से कहा गया, ”हमें भारतीय सेना के आधुनिकीकरण प्रयास में साझेदार होने पर गर्व है, और इससे भी अधिक गर्व इस बात पर है कि सिग716 राइफल ने दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी सेना होने के साथ रक्षा मंत्रालय के आधुनिकीकरण लक्ष्यों को प्राप्त किया है.” ‘सिग सॉयर’ राइफलों की खरीद, स्वदेश निर्मित इंसास राइफलों को प्रतिस्थापित करने की दिशा में एक कदम है. इंडियन स्मॉल आर्म्स सिस्टम (इन्सास) को 1988 में सेना में शामिल किया गया था. वर्ष 1993 में राइफल के डिजाइन में बदलाव किया गया और 1996 में इसे सेना में शामिल किया गया. 1999 के करगिल युद्ध के दौरान इस राइफल का इस्तेमाल किया गया था.



