कृषि क्षेत्र के आधुनिकीकरण के लिए केन्या को 25 करोड़ डॉलर की ऋण सुविधा उपलब्ध कराएगा भारत: मोदी

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Tue, 05 Dec 2023 08:10 PM
कृषि क्षेत्र के आधुनिकीकरण के लिए केन्या को 25 करोड़ डॉलर की ऋण सुविधा उपलब्ध कराएगा भारत: मोदी
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नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भारत की यात्रा पर आए केन्याई राष्ट्रपति विलियम समोई रुतो के साथ व्यापक वार्ता के बाद मंगलवार को केन्या को उसके कृषि क्षेत्र के आधुनिकीकरण के लिए 25 करोड़ डॉलर की ऋण सुविधा देने के भारत के फैसले की घोषणा की. रुतो दोनों देशों के बीच समग्र संबंधों का विस्तार करने के उद्देश्य से तीन दिवसीय यात्रा पर सोमवार को यहां पहुंचे.

मोदी ने वार्ता के बाद मीडिया को जारी बयान में कहा कि अपनी विदेश नीति में भारत ने हमेशा अफ्रीका को उच्च प्राथमिकता दी है और पिछले करीब एक दशक में मिशन मोड पर इस महाद्वीप के साथ अपने समग्र संबंधों का विस्तार किया है. उन्होंने कहा, ”मुझे विश्वास है कि राष्ट्रपति रुतो की भारत यात्रा से न केवल द्विपक्षीय संबंध मजबूत होंगे बल्कि अफ्रीका के साथ हमारे संबंधों को नई गति मिलेगी.” बाद में मोदी ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ”राष्ट्रपति रुतो के साथ सार्थक बातचीत हुई आज. हमें भारत-केन्या संबंधों की पूरी श्रृंखला की समीक्षा करने का अवसर मिला. हमने अपने देशों के बीच आर्थिक संबंधों को गहरा करने के तरीकों पर चर्चा की. हमारे देश प्रौद्योगिकी, डिजिटल नवाचारों, स्वच्छ ऊर्जा और अन्य क्षेत्रों में भी एक साथ काम करेंगे.” प्रधानमंत्री ने इस बात पर खुशी जताई कि अफ्रीकन यूनियन के जी20 में शामिल होने के कुछ समय बाद ही रुतो की भारत यात्रा हो रही है.

उन्होंने कहा, ”भारत की विदेश नीति में अफ्रीका को हमेशा उच्च प्राथमिकता का स्थान दिया गया है. पिछले लगभग एक दशक में हमने मिशन मोड में अफ्रीका के साथ अपना सहयोग बढ़ाया है.” प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत केन्या को उसके कृषि क्षेत्र के आधुनिकीकरण के लिए 25 करोड़ डॉलर की ऋण सुविधा उपलब्ध कराएगा.

उन्होंने कहा, ”एक प्रगतिशील भविष्य की नींव रखते हुए आज हमने सभी क्षेत्रों में अपना सहयोग सुदृढ़ करने पर विचार किया. और कई नई पहल की पहचान भी की. भारत और केन्या के बीच आपसी व्यापार और निवेश में लगातार प्रगति हो रही है. हमारे आर्थिक सहयोग के पूरी क्षमता के दोहन के लिए हम नए अवसरों की तलाश जारी रखेंगे. भारत केन्या के लिए एक विश्वसनीय और प्रतिबद्ध विकास साझेदार रहा है.” मोदी ने कहा कि दो कृषि प्रधान अर्थव्यवस्थाओं के रूप में भारत और केन्या ने अपने अनुभव साझा करने पर सहमति जताई.

उन्होंने कहा, ”केन्या के कृषि क्षेत्र का आधुनिकिकरण करने के लिए हमने ढाई सौ मिलियन डॉलर की ऋण सुविधा प्रदान करने का भी निर्णय लिया है.” उन्होंने कहा कि आधुनिक समय की जरूरतों के अनुसार दोनों देश प्रौद्योगिकी और नवोन्मेष में अपना सहयोग बढ़ा रहे हैं तथा डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (डीपीआई) में भारत की उपलब्धियों को केन्या के साथ साझा करने के लिए भारत पूरी तरह से तैयार है.

उन्होंने कहा, ”इस महत्वपूर्ण विषय पर आज किए जा रहे समझौते से हमारे प्रयासों को बल मिलेगा. स्वच्छ ऊर्जा दोनों ही देशों की मुख्य प्राथमिकता है. केन्या द्वारा अफ्रीका जलवायु सम्मेलन की पहल एक बहुत ही सराहनीय कदम है.” हिंद-प्रशांत का जिक्र करते हुए मोदी ने कहा कि क्षेत्र में भारत और केन्या के बीच करीबी सहयोग साझा प्रयासों को आगे बढ़ाएगा.

उन्होंने कहा कि भारत और केन्या का मानना है कि आतंकवाद मानवता के सामने सबसे गंभीर चुनौती है और दोनों पक्षों ने आतंकवाद के खिलाफ सहयोग बढ़ाने का फैसला किया है. प्रधानमंत्री ने कहा कि दोनों पक्ष भारत-केन्या आर्थिक सहयोग की पूरी क्षमता का दोहन करने के लिए नए अवसरों की तलाश जारी रखेंगे. उन्होंने कहा कि इस वर्ष भारत और केन्या के राजनयिक संबंधों की 60वीं वर्षगांठ मनाई जा रही है लेकिन दोनों देशों के संबंधों का हज़ारों वर्ष पुराना इतिहास है.

उन्होंने कहा, ”मुंबई और मोम्बासा को आपस में जोड़ता हुआ विशाल हिंद महासागर हमारे प्राचीन संबंधों का साक्षी रहा है. इस मज़बूत नींव पर हम सदियों से साथ मिलकर आगे बढ़ते रहे हैं. पिछली सदी में हमने मिलकर उपनिवेशवाद का विरोध किया. भारत और केन्या ऐसे देश हैं जिनका अतीत भी साझा है, और भविष्य भी.” प्रधानमंत्री मोदी ने इस बात पर खुशी जताई कि केन्या ने ‘वैश्विक जैव ईंधन गठबंधन’ और अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन में शामिल होने के साथ ही इंटरनेशनल बिग कैट अलायंस में शामिल होने का फैसला किया है.

उन्होंने कहा, ”रक्षा के क्षेत्र में हमारा बढ़ता सहयोग हमारे गहरे आपसी विश्वास और समान हितों का प्रतीक है.” प्रधानमंत्री ने बताया कि आज की चर्चा में दोनों नेताओं ने सैन्य अभ्यास, क्षमता निर्माण के साथ दोनों देशों के रक्षा उद्योगों को भी आपस में जोड़ने पर बल दिया.

उन्होंने कहा, ”हमने अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी को जन कल्याण के लिए इस्तेमाल करने पर भी विचार विमर्श किया. इस महत्वपूर्ण क्षेत्र में हम भारत के सफल अनुभव को केन्या के साथ साझा करने पर सहमत हुए. इसी प्रतिबद्धता और मित्रता भाव से हम सभी क्षेत्रों में अपना सहयोग बढ़ाने के लिए अपने प्रयत्न जारी रखेंगे.” उन्होंने कहा कि आज की बैठक में कई वैश्विक एवं क्षेत्रीय मुद्दों पर चर्चा हुई और हिन्द महासागर से जुड़े हुए देशों के रूप में समुद्री सुरक्षा और मादक पदार्थों की आवाजाही साझा प्राथमिकता के विषय रहें.

इस महत्वपूर्ण क्षेत्र में आपसी सहयोग को मज़बूत करने के लिए दोनों देशों की ओर से समुद्री सहयोग के बारे में एक साझा बयान भी जारी किया गया. केन्या में रहने वाले 80, 000 भारतीय मूल के लोगों को दोनों देशों के संबंधों की सबसे बड़ी ताक.त करार देते हुए मोदी ने उम्मीद जताई कि सांस्कृतिक आदान प्रदान वाले कार्यक्रमों से दोनों देशों की आपसी नज.दीकियां और बढ़ेंगी.

केन्या के लंबी दूरी और मैराथन धावकों के प्रदर्शन और वहां क्रिकेट की लोकप्रियता का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि दोनों देशों में खेलों के क्षेत्र में आपसी सहयोग को मजबूत करने के लिए एक महत्वपूर्ण समझौते पर सहमति बनी है. उन्होंने कहा, ”बॉलीवुड के साथ साथ योग और आयुर्वेद की लोकप्रियता भी केन्या में बढ़ रही है. हम दोनों देशों के लोगों के बीच संबंधों को और गहरा करने के प्रयास जारी रखेंगे.”

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