गांवों का विकास किए बिना भारत का विकास संभव नहीं : प्रधानमंत्री मोदी

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Thu, 24 Apr 2025 07:21 PM
गांवों का विकास किए बिना भारत का विकास संभव नहीं : प्रधानमंत्री मोदी
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मधुबनी. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बृहस्पतिवार को बिहार के मधुबनी में 13,500 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन किया तथा देश भर के पंचायती राज संस्थानों को संबोधित करते हुए कहा कि भारत अपने गांवों का विकास किए बिना विकास नहीं कर सकता.

राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस के अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मोदी ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा किए गए कार्यों की भी सराहना की. बिहार में इस साल के अंत तक विधानसभा चुनाव संभावित हैं. मोदी ने कहा कि विकसित भारत के लिए विकसित बिहार आवश्यक है और यह सुनिश्चित करने के प्रयास किए जा रहे हैं कि प्रगति का लाभ राज्य के सभी कोनों तक पहुंचे.

प्रधानमंत्री ने कहा कि महात्मा गांधी का यह विचार कि गांवों को सशक्त किए बिना भारत का विकास नहीं हो सकता, पंचायती राज व्यवस्था के पीछे की अवधारणा है. उन्होंने कहा, ”बिहार वह भूमि है जहां से बापू ने सत्याग्रह का मंत्र दिया था. उनका मानना ??था कि जब तक गांव सशक्त नहीं होंगे, भारत का विकास नहीं होगा.” उन्होंने कहा कि बृहस्पतिवार को शुरू की गई परियोजनाएं राज्य में विकास को बढ़ावा देंगी और रोजगार के अवसर पैदा करेंगी.

मोदी ने कहा, ”किसान ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं, यह रीढ़ जितनी मजबूत होगी, गांव उतना ही मजबूत होगा और परिणामस्वरूप राष्ट्र भी.” उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि पंचायतों ने सामाजिक भागीदारी को मजबूत किया है. उन्होंने कहा कि बिहार देश का पहला राज्य है जिसने पंचायतों में महिलाओं के लिए 50 प्रतिशत आरक्षण प्रदान किया है.

प्रधानमंत्री ने कहा, ”आज बिहार में आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों, दलितों, महादलितों, पिछड़ों और अति पिछड़े समुदायों की बड़ी संख्या में महिलाएं जनप्रतिनिधि के रूप में काम कर रही हैं. यह वास्तविक सामाजिक न्याय और लोकतंत्र है.” उन्होंने कहा, ”पंचायतों को मजबूत करने के लिए कई कदम उठाए गए हैं और प्रौद्योगिकी का भी इस्तेमाल किया गया है… दो लाख से अधिक ग्राम पंचायतों को इंटरनेट से जोड़ा गया है तथा गांवों में 5.5 लाख से अधिक ‘कॉमन र्सिवस सेंटर’ स्थापित किए गए हैं.” उन्होंने कहा कि 30,000 से अधिक नए पंचायत भवन भी बनाए गए हैं.

मोदी ने बिहार सरकार के ‘जीविका दीदी’ कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि बिहार में महिला स्वयं सहायता समूहों को लगभग 1,000 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की गई है. उन्होंने कहा कि इससे महिलाओं का आर्थिक सशक्तीकरण होगा तथा देश भर में तीन करोड़ ‘लखपति दीदी’ बनाने के लक्ष्य में योगदान मिलेगा. मोदी ने कहा कि गांवों में गरीबों के लिए घर, सड़कें, गैस कनेक्शन, पानी के कनेक्शन और शौचालयों का निर्माण हुआ है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में लाखों करोड़ रुपये आए हैं.

प्रधानमंत्री ने कहा, ”पिछला दशक भारत के लिए बुनियादी ढांचे के विकास का दशक रहा है.” केंद्र सरकार द्वारा उठाए गए कदमों की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि बिहार में 10,000 से अधिक आयुष्मान आरोग्य मंदिर और 800 से अधिक जन औषधि केंद्र खोले गए हैं, जिससे लोगों का करीब 2,000 करोड़ रुपये का चिकित्सा खर्च बच गया है. मोदी ने दरभंगा में बनाए जा रहे एम्स का भी जिक्र किया.
कार्यक्रम के दौरान चार नई ट्रेन को भी हरी झंडी दिखाई गई. मोदी ने कहा कि पटना में मेट्रो परियोजनाएं जारी हैं और देश भर के दो दर्जन से अधिक शहर अब मेट्रो सुविधाओं से जुड़ चुके हैं.

उन्होंने पटना और जयनगर के बीच ‘नमो भारत रैपिड रेल’ सेवा शुरू करने की घोषणा की, जिससे दोनों स्थानों के बीच यात्रा का समय काफी कम हो जाएगा. प्रधानमंत्री ने कहा कि इससे समस्तीपुर, दरभंगा, मधुबनी और बेगूसराय के लाखों लोगों को लाभ होगा.
मोदी ने मिथिला और कोसी क्षेत्रों में बाढ़ को ”स्थायी चुनौती” बताया और कहा कि सरकार बिहार पर इसके प्रभाव को कम करने के लिए 11,000 करोड़ रुपये का निवेश करने के लिए तैयार है.

उन्होंने कहा कि इस निवेश से बागमती, धार, बूढ़ी गंडक और कोसी जैसी नदियों पर बांधों के निर्माण में मदद मिलेगी और नहरों का विकास किया जाएगा, जिससे नदी के पानी से सिंचाई की व्यवस्था सुनिश्चित होगी. प्रधानमंत्री ने मखाना बोर्ड की बजट घोषणा पर प्रकाश डाला, जिससे मखाना किसानों को काफी लाभ मिलने की उम्मीद है. प्रधानमंत्री ने चार नयी ट्रेनों को हरी झंडी दिखाई, जिनमें सहरसा और मुंबई के बीच ‘अमृत भारत एक्सप्रेस’, जयनगर और पटना के बीच ‘नमो भारत रैपिड रेल’, पिपरा-सहरसा तथा सहरसा-समस्तीपुर के बीच चलने वाली ट्रेनें शामिल हैं.

प्रधानमंत्री ने सुपौल-पिपरा रेल लाइन, हसनपुर-बिथन रेल लाइन तथा छपरा और बगहा में दो लेन वाले रेल ओवरब्रिज का उद्घाटन किया. उन्होंने खगड़िया-अलौली रेल लाइन को राष्ट्र को सर्मिपत किया. प्रधानमंत्री ने गोपालगंज जिले के हथुआ में लगभग 340 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले एलपीजी बॉटलिंग प्लांट की आधारशिला रखी. यह संयंत्र थोक एलपीजी परिवहन को अधिक कुशल और आपूर्ति श्रृंखला को बेहतर बनाएगा.

प्रधानमंत्री ने बिजली क्षेत्र में पुनर्गठित वितरण क्षेत्र योजना के तहत 1,170 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं की आधारशिला रखी और 5,030 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न परियोजनाओं का उद्घाटन किया. प्रधानमंत्री ने ‘दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन’ के तहत बिहार के दो लाख से अधिक स्वयं सहायता समूहों को लगभग 930 करोड़ रुपये की सामुदायिक निवेश निधि भी वितरित की.

प्रधानमंत्री ने पीएम आवास योजना-ग्रामीण के 15 लाख नए लाभार्थियों को स्वीकृति पत्र सौंपे और देशभर के 10 लाख लाभार्थियों को किस्त जारी की. इनके अलावा, प्रधानमंत्री मोदी ने विशेष श्रेणी राष्ट्रीय पंचायत पुरस्कार 2025 प्रदान किए, जिसमें जलवायु कार्रवाई विशेष पंचायत पुरस्कार, आत्मनिर्भर पंचायत विशेष पुरस्कार और पंचायत क्षमता निर्माण सर्वोत्तम संस्थान पुरस्कार शामिल हैं.

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