इंदौर. इंदौर-मनमाड़ रेल लाइन परियोजना को पूरे देश के लिए फायदेमंद करार देते हुए केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मंगलवार को कहा कि इस प्रस्तावित रेल लाइन के कारण नेपाल से सटे भारतीय इलाकों से मुंबई के जवाहरलाल नेहरू बंदरगाह तक माल पहुंचाने में भी मदद मिलेगी.
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (सीसीईए) ने लगभग 18,036 करोड़ रुपये की लागत वाली 309 किलोमीटर लम्बी इस रेल लाइन परियोजना को मंजूरी दी है. मध्यप्रदेश की आर्थिक राजधानी कहे जाने वाले इंदौर को महाराष्ट्र के मनमाड़ से जोड़ने वाली यह परियोजना बरसों से अटकी थी. दोनों राज्यों में राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माने जाने वाली इस परियोजना को महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव से पहले हरी झंडी दिखाई गई है.
वैष्णव ने यहां संवाददाता सम्मेलन में ‘वीडियो कॉन्फ्रेंस’ से जुड़ते हुए कहा,”इंदौर-मनमाड़ रेल लाइन से केवल मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र नहीं, बल्कि पूरे देश को फायदा होगा. उत्तर प्रदेश और नेपाल से सटे अन्य भारतीय राज्यों के इलाके भी इस रेल लाइन के जरिये मुंबई के जवाहरलाल नेहरू बंदरगाह से जुड़ जाएंगे.” उन्होंने कहा कि इस रेल लाइन से आर्थिक विकास, विनिर्माण, धार्मिक पर्यटन और सांस्कृतिक गतिविधियों को बल मिलेगा. वैष्णव ने कहा कि इस रेललाइन पर 160 किलोमीटर प्रति घंटा तक की रफ्तार से ट्रेन दौड़ सकेगी जिससे गंतव्यों के बीच यात्रा का वक्त बहुत कम हो जाएगा.
उन्होंने कहा,”इस रेल लाइन के शुरू होने के बाद 138 करोड़ किलोग्राम कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन कम करने में मदद मिलेगी जो 5.50 करोड़ पेड़ लगाने के बराबर है.” वैष्णव ने बताया कि रेल लाइन के आस-पास चार औद्योगिक केंद्रों की पहचान की गई है जहां से बंदरगाह तक माल का त्वरित और बाधारहित परिवहन सुनिश्चित किया जाएगा. उन्होंने सुझाया कि राज्य सरकार ऐसे और औद्योगिक केंद्रों की पहचान कर सकती है जहां केंद्र सरकार गति शक्ति कार्गो र्टिमनल बनाएगी.
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इस रेल लाइन को मंजूरी देने के लिए प्रधानमंत्री का आभार जताया. उन्होंने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि इस रेल लाइन से पश्चिमी मध्यप्रदेश के आदिवासी बहुल मालवा-निमाड़ अंचल में विकास की गति तेज होगी और रोजगार के लिए पलायन पर रोक लगेगी. उन्होंने कहा कि इस रेल लाइन के जरिये आलू, प्याज, खनिजों और मोटे अनाजों के परिवहन को बढ.ावा मिलेगा.
मुख्यमंत्री ने वैष्णव का सुझाव मंजूर करते हुए कहा कि राज्य सरकार इस रेल लाइन परियोजना को रफ्तार देने के लिए रेल मंत्रालय से तालमेल के वास्ते विशेष कार्य बल बनाएगी. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार रेल लाइन के आस-पास आर्थिक गलियारा विकसित करने पर विचार कर रही है.
रेल मंत्रालय ने इस परियोजना का निर्माण 2028-29 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा है. यादव ने रेल मंत्री से अनुरोध किया कि वह इस परियोजना का निर्माण कार्य उज्जैन में 2028 में लगने वाले सिंहस्थ कुंभ मेले से पहले पूरा कराएं ताकि लाखों श्रद्धालुओं को सुविधा हो सके. अधिकारियों ने बताया कि यह रेल लाइन मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र के कुल 34 स्टेशनों से होकर गुजरेगी जिनमें चार मौजूदा स्टेशन शामिल हैं, जबकि 30 नये स्टेशन बनाए जाएंगे.