रियाद/प्रिटोरिया/जोहानिसबर्ग. सऊदी अरब की यात्रा पर पहुंचे सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल के प्रमुख सदस्य बैजयंत जय पांडा ने कहा कि प्रतिनिधिमंडल यह संदेश लेकर आया है कि आतंकवाद पर भारत का रुख दृढ़ और अडिग है. पांडा उन सात बहुदलीय प्रतिनिधिमंडलों में से एक का नेतृत्व कर रहे हैं जिन्हें भारत ने 33 देशों की राजधानियों का दौरा करने का दायित्व सौंपा है. इन यात्राओं का उद्देश्य विशेष रूप से 22 अप्रैल के पहलगाम आतंकवादी हमले के मद्देनजर पाकिस्तान की मंशाओं और आतंकवाद के प्रति भारत की प्रतिक्रिया के बारे में अंतरराष्ट्रीय समुदाय को अवगत कराना है. पहलगाम आतंकी हमले में 26 लोग मारे गए थे.
मंगलवार को रियाद पहुंचने से पहले प्रतिनिधिमंडल ने बहरीन और कुवैत का दौरा किया. जय पांडा ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ”आतंकवाद पर भारत का रुख दृढ़ और अडिग है. यह एक ऐसा संदेश है जिसे हम अपने सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल के साथ सऊदी अरब लेकर आए हैं. सऊदी अरब-भारत मैत्री समिति शूरा काउंसिल सऊदी अरब के अध्यक्ष मेजर जनरल अब्दुल रहमान अलहरबी द्वारा गर्मजोशी से किए गए स्वागत की सराहना करते हैं. हम अपनी बढ़ती साझेदारी को मजबूत करने के लिए महत्वपूर्ण कार्य शुरू कर रहे हैं.”
प्रतिनिधिमंडल के सदस्य सतनाम सिंह संधू ने ‘एक्स’ पर कहा, ”भारत और सऊदी अरब आतंकवाद के खिलाफ मजबूती से खड़े हैं. हमारा सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल सऊदी नेताओं को भारत के अडिग रुख से अवगत करा रहा है तथा बढ़ती साझेदारी और सहयोग को बढ़ावा दे रहा है. मेजर जनरल अब्दुल रहमान अलहरबी के गर्मजोशी भरे स्वागत के लिए आभारी हूं.” संधू ने कहा, ”हमारा सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल सऊदी अरब के रियाद पहुंचा और सऊदी सरकार ने उसका गर्मजोशी से स्वागत किया. सऊदी अरब कई वर्षों से विभिन्न मोर्चों पर भारत का महत्वपूर्ण साझेदार रहा है और अब वह आतंकवाद से लड़ने के लिए हमारे साथ खड़ा है. भारत-सऊदी संबंध अमर रहे.”
खाड़ी क्षेत्र गए सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल में शामिल पूर्व केंद्रीय मंत्री गुलाम नबी आजाद को अस्पताल में भर्ती कराया गया है और वह चिकित्सकीय निगरानी में हैं. सऊदी अरब की यात्रा के दौरान प्रतिनिधिमंडल विभिन्न राजनीतिक गणमान्य व्यक्तियों, सरकारी अधिकारियों, विचारकों और भारतीय समुदाय के सदस्यों के साथ बातचीत करेगा. भारत ने छह मई की देर रात ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में आतंकी ढांचे पर सटीक हमले किए, जिसके बाद पाकिस्तान ने 8, 9 और 10 मई को भारतीय सैन्य ठिकानों पर हमला करने का प्रयास किया. भारतीय पक्ष ने पाकिस्तानी कार्रवाई का कड़ा जवाब दिया.
द.अफ्रीका में सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल के संबोधन में आतंकवाद पर भारत के रुख की सराहना की गई
राकांपा (एसपी) सांसद सुप्रिया सुले के नेतृत्व में सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को दक्षिण अफ्रीका के सांसदों से मुलाकात की और आतंकवाद को कतई बर्दाश्त नहीं करने के भारत के दृष्टिकोण को रेखांकित किया. प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने दक्षिण अफ्रीका के प्रांतीय राष्ट्रीय परिषद (एनसीओपी) के उपाध्यक्ष पी. गोवेन्डर और दक्षिण अफ्रीका की संसद के अन्य सदस्यों से मुलाकात की.
भारतीय उच्चायोग ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ”प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने पहलगाम हमले सहित भारत में हुई अन्य आतंकवादी घटनाओं के बारे में विस्तार से बताया और आतंकवाद को कतई बर्दाश्त नहीं करने का भारत का संदेश दिया.” मंगलवार को भारत के सर्वदलीय संसदीय प्रतिनिधिमंडल ने यहां 350 से अधिक प्रवासियों और स्थानीय भारतीयों को संबोधित किया तथा पाकिस्तान को आतंकवाद का प्रायोजक बताया. इस दौरान ‘आतंकवाद को कतई बर्दाश्त न करने’ के भारत के रुख की सराहना की गई.
मंगलवार शाम जोहानिसबर्ग पहुंचने के लगभग दो घंटे बाद आयोजित कार्यक्रम में प्रतिनिधिमंडल ने दक्षिण अफ्रीका में भारतीय नागरिकों और स्थानीय समुदाय से वैश्विक आतंकवाद के खिलाफ भारत की निर्भीक लड़ाई में शामिल होने का आह्वान किया.
सुप्रिया सुले के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल उन सात सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडलों में से एक है, जिन्हें भारत ने 33 वैश्विक राजधानियों का दौरा करने का दायित्व सौंपा है, ताकि वे पाकिस्तान की मंशा और आतंकवाद के प्रति भारत के रुख के बारे में अंतरराष्ट्रीय समुदाय को अवगत करा सकें. प्रतिनिधिमंडल के प्रत्येक सदस्य ने पहलगाम हमले के बारे में जानकारी साझा की तथा उन्होंने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का भी ब्योरा दिया, जिसके तहत पाकिस्तान और इसके कब्जे वाले कश्मीर में आतंकवादी ढांचे को निशाना बनाया गया जिसमें विभिन्न समूहों से संबंधित 100 से अधिक आतंकवादी मारे गए.
सुले ने कहा, ”जब प्रधानमंत्री मोदी ने 2014 में शपथ ली थी, तो उन्होंने अपने शपथग्रहण समारोह में हर पड़ोसी को आमंत्रित किया था ताकि यह संदेश दिया जा सके कि हम चाहते हैं कि उपमहाद्वीप शांतिपूर्ण और खुशहाल हो तथा सब एक साथ आगे बढ़ें. लेकिन दुर्भाग्य से पहलगाम की घटना के कारण ऐसा नहीं हुआ. इस घटना ने दुनिया भर में हर भारतीय को झकझोर दिया है. मुझे खुशी है कि दक्षिण अफ्रीका भारत के साथ खड़ा है.” दक्षिण अफ्रीका 22 अप्रैल के आतंकवादी हमले की सबसे पहले निंदा करने वाले देशों में से एक था. इस सप्ताह अपने प्रतिनिधिमंडल की चार देशों की यात्रा के औचित्य को स्पष्ट करते हुए सुले ने कहा कि पहलगाम आतंकवादी हमला ”भारत की आत्मा पर हमला” था.
सुले ने कहा, ”इसलिए, दुनिया को सच बताना होगा कि हम आतंकवाद को बर्दाश्त नहीं करेंगे. भारत एक ऐसा देश है जिसने कभी युद्ध की पहल नहीं की है, हम इस पर कायम हैं. हम शांति चाहते हैं, लेकिन निर्दोष लोगों की जान की कीमत पर नहीं.” सुले के अलावा, प्रतिनिधिमंडल में भाजपा नेता राजीव प्रताप रूडी, अनुराग ठाकुर और वी मुरलीधरन, कांग्रेस नेता मनीष तिवारी और आनंद शर्मा, तेदेपा नेता लावु श्री कृष्ण देवरायलू, आम आदमी पार्टी नेता विक्रमजीत सिंह साहनी और पूर्व राजनयिक सैयद अकबरुद्दीन शामिल हैं.
संयुक्त राष्ट्र में भारत के पूर्व स्थायी प्रतिनिधि सैयद अकबरुद्दीन ने कहा, ”हम इसे हमारी सामाजिक एकता को कमजोर करने की कार्रवाई के रूप में देखते हैं. हम एक बहुलवादी देश हैं, जिसकी पहचान विविधता है, फिर भी हमने उस सामाजिक सहमति को कमजोर करने का प्रयास देखा.”
पूर्व विदेश राज्य मंत्री मुरलीधरन ने उपस्थित लोगों से आह्वान किया कि वे अपने परिचितों से संपर्क करें और आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक सहमति बनाने में भारत की मदद करें, ताकि विश्व शांतिपूर्वक विकास कर सके. ठाकुर ने कहा, ”पाकिस्तान दुनिया का एकमात्र देश है, जहां संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की सूची में आतंकवाद से संबद्ध जिन 52 संगठनों और व्यक्तियों के नाम हैं, उन सभी का संबंध पाकिस्तान से है.” पूर्व मंत्री शर्मा ने अपने संबोधन में बताया कि किस प्रकार भारत ने दशकों तक दक्षिण अफ्रीका में रंगभेद के विरुद्ध अंतरराष्ट्रीय लड़ाई का नेतृत्व किया था, जिसमें टेनिस में डेविड कप जैसे अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों में भाग लेने से इंकार करना भी शामिल था. कतर से आया यह प्रतिनिधिमंडल अगले दो दिन में केप टाउन जाएगा और वहां संसद में दक्षिण अफ्रीकी राजनीतिक नेताओं तथा वहां के नागरिक समाज से मुलाकात करेगा. इसके बाद यह इथियोपिया और मिस्र जाएगा.