जम्मू-कश्मीर: मुठभेड़ में आतंकी ढेर, जवान बलिदान, छह सुरक्षाकर्मी घायल

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Wed, 12 Jun 2024 08:29 PM
जम्मू-कश्मीर: मुठभेड़ में आतंकी ढेर, जवान बलिदान, छह सुरक्षाकर्मी घायल
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जम्मू/छिंदवाड़ा/हीरानगर. जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले के एक सीमावर्ती गांव में छिपे एक आतंकवादी को सुरक्षा बलों ने 15 घंटे से अधिक समय तक चले अभियान में बुधवार को मार गिराया. इस दौरान एक अन्य आतंकवादी को भी मार गिराया गया. हालांकि मुठभेड़ में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) का एक जवान भी बलिदान हो गया. अधिकारियों ने यह जानकारी दी.

अधिकारियों के अनुसार, सैदा सुखल गांव में दो आतंकवादियों को देखे जाने के बाद मंगलवार रात को शुरू हुए अभियान के दौरान दो वरिष्ठ अधिकारी सुरक्षित बच निकले. हालांकि उनके वाहनों पर गोलियां लगीं. अधिकारियों ने बताया कि मंगलवार देर रात डोडा जिले में भद्रवाह-पठानकोट मार्ग पर स्थित चतरगला के ऊपरी इलाके में आतंकवादियों ने एक संयुक्त जांच चौकी पर हमला किया, जिसमें राष्ट्रीय राइफल्स के पांच जवान और एक विशेष पुलिस अधिकारी (एसपीओ) घायल हो गये. आतंकवादियों की तलाश के लिए अभियान चलाये जाने के कारण राजमार्ग पर यातायात रोक दिया गया है.

रविवार को रियासी के शिव खोड़ी मंदिर से तीर्थयात्रियों को कटरा ले जा रही बस पर हुए हमले के बाद सुरक्षा व्यवस्था कड़ी किये जाने के बीच ये घटनाएं हुई हैं. दो दिन पहले हुए इस हमले में बस सड़क से गहरी खाई में जा गिरी थी, जिसमें नौ लोगों की मौत हो गई थी और 41 लोग घायल हुए थे.

पुलिस ने बस पर हमले में शामिल आतंकवादियों के ठिकाने के बारे में जानकारी देने वाले को 20 लाख रुपये का इनाम देने की घोषणा की है और एक आतंकवादी का ‘स्केच’ भी जारी किया है. अधिकारियों ने दावा किया कि जम्मू-कश्मीर में शांतिपूर्ण माहौल को बिगाड़ने की पाकिस्तान की कोशिशों के कारण ही जम्मू क्षेत्र में आतंकवादी गतिविधियों में तेजी आई है.

अधिकारियों ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय सीमा के निकट कठुआ के सैदा सुखल गांव में बुधवार अपराह्न पुलिस, सेना और सीआरपीएफ के संयुक्त अभियान में दूसरे आतंकवादी को मार गिराया गया. उन्होंने बताया कि मंगलवार देर रात लगभग तीन बजे आतंकवादियों ने गांव में सुरक्षा घेरा तोड़ने के लिए अंधाधुंध गोलीबारी की थी. गोलीबारी में सीआरपीएफ के जवान कबीर दास गंभीर रूप से घायल हो गये. कबीर दास मध्य प्रदेश के रहने वाले थे. उन्होंने बताया कि जवान को अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया.

अभियान के दौरान जम्मू सांबा कठुआ रेंज के पुलिस उप महानिरीक्षक सुनील गुप्ता और कठुआ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अनायत अली चौधरी के वाहनों पर कई गोलियां लगीं लेकिन अधिकारी सुरक्षित बच निकले. जम्मू क्षेत्र के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक आनंद जैन ने कठुआ के सैदा सुखल गांव में अभियान के बारे में जानकारी साझा करते हुए कहा, ”दो आतंकवादी जो हाल में (सीमा पार से) घुसपैठ करके आए थे, रात आठ बजे (मंगलवार) के आसपास गांव में दिखाई दिए और एक घर से पानी मांगा. लोग डर गए और जैसे ही सूचना मिली एक पुलिस दल तुरंत गांव में पहुंचा.” अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक ने बताया, ”एक आतंकवादी ने पुलिस दल पर हथगोला फेंकने की कोशिश की लेकिन मुठभेड़ में उसे मार गिराया गया.” अधिकारियों ने बताया कि मारे गए दोनों आतंकवादी पाकिस्तानी बताए जा रहे हैं.

उन्होंने बताया कि मुठभेड़ स्थल से भारी मात्रा में हथियार, गोला-बारूद और एक लाख रुपये से अधिक की नकदी जब्त की गई है.
अधिकारियों ने बताया कि आतंकवादियों की पहचान और उनके समूह का पता लगाया जा रहा है. उन्होंने बताया कि आतंकवादियों द्वारा की गयी गोलीबारी में एक नागरिक भी घायल हो गया, जिसे मंगलवार रात अस्पताल में भर्ती कराया गया.

अधिकारियों ने बताया कि डोडा में आतंकवादियों ने मंगलवार देर रात भद्रवाह-पठानकोट मार्ग पर स्थित चतरगला इलाके में 4 राष्ट्रीय राइफल्स और पुलिस की एक संयुक्त चौकी पर गोलीबारी की, जिसे बाद मुठभेड़ शुरू हो गयी और कई घंटों तक जारी रही. उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय राइफल्स के पांच जवान और एक विशेष पुलिस अधिकारी घायल हुए, जिन्हें अस्पताल ले जाया गया.

अधिकारियों ने बताया कि आतंकवादियों के खिलाफ अभियान तेज करने के लिए अतिरिक्त सुरक्षार्किमयों को इलाके में भेजा गया है.
अधिकारियों के अनुसार, चटरगल्ला, गुलदंडी, सरथल, शंख पाडेर और कैलाश पर्वत श्रृंखला में जारी तलाशी और घेराबंदी अभियान के मद्देनजर भद्रवाह-पठानकोट अंतरराज्यीय राजमार्ग पर यातायात की आवाजाही पूरी तरह से रोक दी गई है. आनंद जैन ने पाकिस्तान का नाम लिए बिना कहा कि दुश्मन पड़ोसी मुल्क हमेशा से जम्मू क्षेत्र में शांति भंग करने के प्रयास करता रहता है.

जम्मू-कश्मीर में आतंकी मुठभेड़ में मृत मप्र के जवान का अंतिम संस्कार 13 जून को

जम्मू-कश्मीर के कठुआ क्षेत्र में आतंकवादियों से लड़ते हुए अपने प्राणों की आहुति देने वाले केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के जवान कबीर दास के परिवार के सदस्यों ने बुधवार को बताया कि छुट्टी पूरी करने के बाद आठ दिन पहले ही वह ड्यूटी पर लौटे थे. पारिवारिक सूत्रों ने संवाददाताओं को बताया कि दास का पार्थिव शरीर बृहस्पतिवार को छिंदवाड़ा जिले के बिछुआ तहसील के अंतर्गत उनके पैतृक गांव पुलपुल दोह में अंतिम संस्कार के लिए लाया जाएगा. परिवार के एक सदस्य ने बताया, “कबीर दास की शादी चार साल पहले हुई थी. वह आठ दिन पहले ही ड्यूटी पर लौटे थे.”

कठुआ आतंकी हमला : गांववालों की सतर्कता से टला बड़ा आतंकी हमला

कठुआ के सैदा सुखल गांव के एक सतर्क ग्रामीण ने समय रहते स्थानीय लोगों को हथियारबंद आतंकवादियों को लेकर सचेत कर दिया, जिस कारण एक बड़ी घटना टल गयी और पुलिस को आतंकियों की मौजूदगी की जानकारी मिल गयी. हमले के वक्त मौजूद गांव में रहने वाले सुरिंदर ने कहा, ”मैंने गांव में आतंकवादियों के होने की सूचना फैला दी, जिस कारण एक बड़ी घटना टल गई. कई बच्चे खेल रहे थे और लोग बाहर घूम रहे थे. वे (आतंकवादी) आसानी से 15 से 20 लोगों को मार सकते थे, जिनमें ज्यादातर बच्चे थे. लोग शाम को सत्संग के लिए जा रहे थे. यह भयानक हो सकता था.”

अपनी मोटरसाइकिल से गांव लौट रहे सुरिंदर का सामना हथियारबंद आतंकियों से हुआ था. आतंकियों ने सुरंदिर से पानी मांगा, जिसके बाद उसे उनके व्यवहार पर शक हुआ. इसके बाद उसने गांव वालों को सचेत कर दिया. सुरिंदर ने कहा, ” शाम के करीब साढ़े सात या पौने आठ बजे थे. मैं अपनी बाइक पर था कि तभी एक बच्चे ने मुझे गांव में दो हथियारबंद युवकों के बारे में बताया. मैंने उन्हें काले कपड़े पहने और एके राइफलों के साथ देखा. वे मुझे अपने पास बुला रहे थे. मुझे संदेह हुआ कि वे आतंकवादी हैं और मैंने गांव वालों को इसके बारे में बताया, जिसके बाद वे तुरंत अपने-अपने घर भाग गए. दुकानें बंद हो गईं और वाहनों की आवाजाही बंद हो गई.” उन्होंने कहा, ”मेरे सचेत करने के कुछ ही पलों बाद आतंकवादियों ने गोलीबारी शुरू कर दी. उन्होंने कई गोलियां चलाईं, जिससे एक स्थानीय व्यक्ति के कंधे में चोट लग गई और उसके बाद एक धमाका हुआ. ” सुरिंदर ने तुरंत जिला विकास समिति के एक सदस्य को सूचित किया, जिसने पुलिस को घटना की सूचना दी. पुलिस तुरंत पहुंची और एक आतंकवादी को मार गिराया गया जबकि दूसरा भाग निकला.

उन्होंने कहा, ”समय पर सूचना देने के लिए भगवान का शुक्र है.” सुरिंदर ने कहा, ”अगर आतंकवादी दिन में आते तो स्थिति और भी खराब हो सकती थी क्योंकि सुबह के वक्त भीड़भाड़ होती है. देर रात तीन बजे फिर से गोलीबारी हुई, जिसमें सीआरपीएफ का एक अधिकारी शहीद हो गया.” इस आतंकी हमले से गांव वालों में डर का माहौल है. उनका मानना ??है कि आतंकवादियों ने सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के सुरक्षा बाड़ को पार कर सुरंग के जरिए घुसपैठ की होगी. गांव में रहने वाले त्रिलोक चंद ने कहा, ”अब घुसपैठ का डर है. इस इलाके में लंबे समय से ऐसी घटनाएं नहीं हुई हैं. यह अंतरराष्ट्रीय सीमा के करीब है. सरकार को पुख्ता सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए.”

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