न्यायपालिका एनडीपीएस से जुड़े मामलों में जमानत देने में सख्त रुख अपनाए: मणिक साहा

अगरतला: त्रिपुरा के मुख्यमंत्री मणिक साहा ने मादक पदार्थ तस्करी को दुनिया की सबसे बड़ी समस्या करार देते हुए शनिवार को न्यायपालिका से अपील की कि वह एनडीपीएस से जुड़े मामलों के आरोपियों को जमानत देने में सख्त रुख अपनाए।
पश्चिमी त्रिपुरा के नरंिसहगढ़ स्थित त्रिपुरा न्यायिक अकादमी में एनडीपीएस, मानव तस्करी और आंतकवाद के वित्तपोषण से संबंधित सीमा पार संगठित अपराध पर आयोजित संगोष्ठी को संबोधित करते हुए साहा ने कहा कि सरकार मादक पदार्थ की तस्करी और इससे जुड़े अपराधों को लेकर ‘कतई बर्दाश्त नहीं’ की नीति के साथ काम कर रही है और पूर्वोत्तर राज्य में मादक पदार्थ नष्ट करने के मामले में शीर्ष पर है।

उन्होंने कहा, ‘‘पिछले तीन साल (जून 2020 से जून 2023) में राज्य में सख्त एनडीपीएस अधिनियम के तहत 1,509 प्राथमिकी दर्ज की गई हैं और इनमें से 1,143 मामलों में आरोपपत्र दाखिल किए गए व करीब दो हजार लोगों को गिरफ्तार किया गया।’’ साहा ने कहा कि 428 विशेष एनडीपीएस मामलों में से केवल 30 मामलों में सजा दिलाई गई जो संतोषजनक नहीं है।

उन्होंने कहा, ‘‘यह हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है कि एनडीपीएस से जुड़े मामलों में दोषी करार देने की दर बढ़ाई जाए। इसमें न्यायपालिका की अहम भूमिका है। मैं न्यायपालिका से अपील करता हूं कि वह एनडीपीएस मामलों में जमानत देने में सख्त रुख अपनाए।’’

साहा ने कहा, ‘‘त्रिपुरा में मादक पदार्थों की तस्करी ंिचता का प्रमुख कारण है क्योंकि राज्य तीन ओर से बांग्लादेश से घिरा हुआ है। अंतरराष्ट्रीय मादक पदार्थ तस्कर आसानी से राज्य का उपयोग मादक पदार्थों की तस्करी के लिए एक सुरक्षित गलियारे के रूप में कर रहे हैं। मादक पदार्थ रूपी बुराई गंभीर ंिचता का विषय है क्योंकि यह स्वास्थ्य को बड़ा खतरा उत्पन्न करती है और और युवाओं के भविष्य को भी बर्बाद कर देती है।’’ उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीशों-न्यायमूर्ति अनिरुद्ध बोस और न्यायमूर्ति संजय करोल ने भी मादक पदार्थों के दुष्प्रभाव पर अपने विचार रखे।

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