नयी दिल्ली. राष्ट्रीय राजधानी की तिहाड़ जेल में भूख हड़ताल कर रहे कश्मीरी अलगाववादी नेता यासीन मलिक का रक्तचाप घटने बढ़ने के चलते उन्हें आरएमएल अस्पताल में भर्ती कराया गया है. मलिक की हालत स्थिर बताई जा रही है. सूत्रों ने बुधवार को यह जानकारी दी. उन्होंने बताया कि मलिक ने अस्पताल के चिकित्सकों को एक पत्र लिखकर कहा है कि वह इलाज नहीं कराना चाहता.
एक सूत्र ने कहा, ‘‘उसे बीपी में उतार-चढ़ाव के बाद मंगलवार को आरएमएल अस्पताल में भर्ती कराया गया.’’ उन्होंने कहा कि शाम तक उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है.उसके स्वास्थ्य पर नजर रखी जा रही है. प्रतिबंधित जम्मू कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (जेकेएलएफ) के प्रमुख मलिक ने गत शुक्रवार सुबह अपनी अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की थी. केंद्र ने रुबैया सईद के अपहरण मामले की सुनवाई में जम्मू की एक अदालत में उसे पेश होने की अनुमति नहीं दी थी, जिसके बाद उसने भूख हड़ताल शुरू की. मलिक इस मामले में आरोपी है.
मलिक को तिहाड़ की जेल संख्या सात में उच्च जोखिम वाली कोठरी में अकेले रखा गया है. मलिक को जेल के चिकित्सा जांच कक्ष में ले जाया गया था, जहां उसे आईवी फ्ल्यूड दिया जा रहा था. जेकेएलएफ प्रमुख मलिक आतंकवाद के वित्त-पोषण के एक मामले में उम्रकैद की सजा काट रहा है.
हुर्रियत कॉन्फ्रेंस के प्रमुख मीरवाइज उमर फारुक ने मलिक की सेहत और सुरक्षा को लेकर बुधवार को गंभीर ंिचता व्यक्त की.
गौरतलब है कि मलिक ने 13 जुलाई को यहां सीबीआई की अदालत से कहा था कि वह पूर्व मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद की बेटी रुबैया सईद के अपहरण से जुड़े मामले में प्रत्यक्ष रूप से पेश होकर गवाहों से खुद जिरह करना चाहता है.
उसने कहा था कि इसकी अनुमति नहीं मिलने पर वह भूख हड़ताल करेगा.