जेल से बेखौफ लॉरेंस बिश्नोई करीब 700 गुर्गों के साथ गैंग कर रहा संचालित

नयी दिल्ली. जेल में बंद गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई (31) उर्फ बलकरण बराड़ की उम्र महज पांच साल थी, जब अभिनेता सलमान खान से जुड़ा काला हिरण शिकार का मामला 1998 में राजस्थान में फिल्म ‘हम साथ-साथ हैं’ की शूटिंग के दौरान हुआ था. इस मामले से बिश्नोई समाज काफी नाराज हो गया. छब्बीस साल बाद, जेल में रहते हुए भी कुख्यात गैंगस्टर का सलमान के प्रति गहरा आक्रोश सुर्खियों में बना हुआ है. सलमान के करीबी माने जाने वाले महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के नेता बाबा सिद्दीकी (66) की पिछले हफ्ते मुंबई में तीन हमलावरों द्वारा गोली मारकर हत्या के बाद बिश्नोई गैंग का नाम सामने आया है.

मुंबई पुलिस को आशंका है कि सिद्दीकी की हत्या बिश्नोई के इशारे पर की गई, क्योंकि फेसबुक पर एक पोस्ट सामने आया था जिसमें दावा किया गया कि ”जो सलमान खान और दाऊद गैंग की मदद करेगा, अपना हिसाब-किताब लगाकर रखना.” ये टिप्पणियां शुबू लोनकर नामक व्यक्ति ने पोस्ट की थीं, जिसके बारे में पुलिस को संदेह है कि वह बिश्नोई गैंग का सहयोगी शुभम रामेश्वर लोनकर है.
दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा कि बिश्नोई गैंग का इरादा अब सलमान से बदला लेने से कहीं आगे निकल गया है. अधिकारी ने कहा, ”यह गैंग अब बॉलीवुड में पैठ बनाने की कोशिश कर रहा है, जो कभी दाऊद इब्राहिम का इलाका था, और अपनी ‘डी-कंपनी’ स्थापित करना चाहता है.”

अधिकारी ने कहा कि जेल में बंद होने के बावजूद बिश्नोई 2022 में पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला, 2023 में करणी सेना प्रमुख सुखदेव सिंह गोगामेड़ी समेत कई जाने माने लोगों की हत्या करने में कथित तौर पर कामयाब रहा. इसके अलावा उसने कनाडा में गायक ए पी ढिल्लों और गिप्पी ग्रेवाल के आवासों के बाहर गोलीबारी की भी साजिश रची.

गैंग ने सितंबर 2023 में खालिस्तानी समर्थक सुखा दुनेके की हत्या की जिम्मेदारी भी ली है. पुलिस के अनुसार, बिश्नोई और सलमान के बीच दुश्मनी पहली बार 2018 में सार्वजनिक हुई थी, जब बिश्नोई ने जोधपुर में एक अदालत में पेशी के दौरान कहा था, ”हम सलमान खान को मार देंगे. एक बार जब हम कार्रवाई करेंगे तो सभी को पता चल जाएगा. मैंने अभी तक कुछ नहीं किया है, वे मुझ पर बिना किसी कारण के अपराध का आरोप लगा रहे हैं.” तब से, अभिनेता को कई बार जान से मारने की धमकियां मिल चुकी हैं, और यह मामला इस साल अप्रैल में उस समय सुर्खियों में छा गया था, जब सलमान के बांद्रा स्थित आवास के बाहर बिश्नोई गैंग के दो गुर्गे ने गोलियां चलाई थीं, जिन्हें बाद में गिरफ्तार कर लिया गया था.

दिल्ली पुलिस के रिकॉर्ड के अनुसार, बिश्नोई ने स्वयं कभी किसी की हत्या नहीं की, फिर भी वह सबसे खूंखार गैंगस्टर में से एक बन गया है, जो गुजरात की जेल से गिरोह चला रहा है, तथा उसकी कार्यप्रणाली भगोड़े अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम कासकर जैसी ही है.
राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) के अनुसार, बिश्नोई का अब देश भर में 700 सदस्यों का एक मजबूत गिरोह है, जिसमें शार्पशूटर भी शामिल हैं, तथा उन्हें गोल्डी बराड़, सचिन थापन, अनमोल बिश्नोई, विक्रमजीत सिंह, काला जठेड़ी और काला राणा जैसे अन्य कुख्यात गैंगस्टर की मदद भी मिलती है.

एक अधिकारी ने बताया, ”अधिकांश शार्पशूटर युवा हैं, जो आमतौर पर सोशल मीडिया के माध्यम से उसके गैंग से प्रभावित होते हैं.” पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, बिश्नोई पंजाब के फाजिल्का जिले का निवासी है, जिसने चंडीगढ़ में पंजाब विश्वविद्यालय से कानून में स्नातक किया है. रिकॉर्ड के अनुसार, किसान के बेटे बिश्नोई के पास पंजाब में लगभग 100 एकड़ ज.मीन है. उसके दाहिने हाथ पर हनुमानजी का टैटू बना हुआ है और वह अपनी ड्राइविंग और सटीक निशाना साधने की क्षमता के लिए जाना जाता है.

बिश्नोई का छोटा भाई अनमोल, जो राजस्थान के एक कॉलेज में पढ़ता था, अब उसके गिरोह में शामिल हो गया है, जो देश के बाहर से अपनी गतिविधियां संचालित करता है. बिश्नोई ने 2010 में पंजाब विश्वविद्यालय में पढ़ाई के दौरान अपराध की दुनिया में कदम रखा था, जब उसने छात्रसंघ चुनावों के दौरान एक प्रतिद्वंद्वी उम्मीदवार पर गोली चलाई थी, जिसके लिए उसे तीन महीने जेल में बिताने पड़े थे. स्नातक की पढ़ाई के दौरान ही उसने विश्वविद्यालय चुनाव भी लड़ा और छात्रसंघ का अध्यक्ष बन गया.

पंजाब में चार आपराधिक मामलों में दोषी करार दिये जाने वाले बिश्नोई महाराष्ट्र पर नजर गड़ाने पहले ज्यादातर पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और दिल्ली में सक्रिय रहा है. उसे जबरन वसूली, हत्या, हत्या का प्रयास और गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) के तहत अपराध के लिए दोषी ठहराया गया है.

लॉरेंस बिश्नोई और उसके गुर्गे, गैंगस्टर-आतंकवाद गठजोड़ के उत्कृष्ट उदाहरण

गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई गैंगस्टर-आतंकवाद गठजोड़ की पैदाइश है. उसे राष्ट्रीय अन्वेषण अधिकरण (एनआईए) ने प्रतिबंधित संगठन बब्बर खालसा इंटरनेशनल, पाकिस्तान से हथियारों की तस्करी सहित कई र्चिचत मामलों में नामजद किया है. जेल में बंद 31 वर्षीय गैंगस्टर के खिलाफ नवीनतम मामला महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) नेता बाबा सिद्दीकी (66) की शनिवार रात मुंबई में सरेआम गोली मारकर हत्या के संबंध में दर्ज किया गया है. उसे मुख्य आरोपी माना जा रहा है.

एनआईए की बिश्नोई के आपराधिक नेटवर्क को ध्वस्त करने की तमाम कोशिशों के बावजूद, वह कई राज्यों में विशेषकर उत्तरी और पश्चिमी भागों में अपने गुर्गों और शूटरों के एक बड़े नेटवर्क के माध्यम से अपनी आपराधिक साजिशों को अंजाम देना जारी रखे हुए है.
बब्बर खालसा इंटरनेशनल से जुड़े गैंगस्टर-आतंकवादी नेटवर्क को ध्वस्त करने के प्रयास में, एनआईए ने पिछले साल एक आतंकी मामले में बिश्नोई को नामजद किया था. इस संबंध में दाखिल आरोप पत्र में उसकी आपराधिक गतिविधियों और पाकिस्तान से हथियारों, विस्फोटकों और मादक पदार्थ की तस्करी का ब्योरा दिया गया है.

आतंकवाद-रोधी एजेंसी ने दावा किया कि बिश्नोई के संवाद का माध्यम व्यापक है, जिससे गिरोह के सदस्यों, यहां तक ??कि जेलों में बंद लोगों के बीच भी निर्बाध बातचीत संभव हो पाती है. एनआईए ने दावा किया था कि बिश्नोई कनाडा स्थित गैंगस्टर गोल्डी बराड़ के साथ मिलकर जबरन वसूली का गिरोह चला रहा था. बराड़ के खालिस्तान समर्थक आतंकवादी संगठन बब्बर खालसा इंटरनेशनल (बीकेआई) से घनिष्ठ संबंध हैं.

बिश्नोई करीब एक दशक से जेल में बंद है लेकिन इस दौरान वह जिस जेल में भी रहा वहां से अपने आतंकवाद-अपराध गिरोह का संचालन करता रहा है. गोल्डी बराड़ नवंबर 2022 में फरीदकोट में डेरा सच्चा सौदा अनुयायी प्रदीप कुमार की हत्या का आरोपी है. एनआईए की जांच में खुलासा हुआ है कि लॉरेंस बिश्नोई आतंकवाद-अपराध-जबरन वसूली गिरोह मई 2023 में राज्य के मोहाली में पंजाब राज्य खुफिया मुख्यालय पर रॉकेट प्रक्षेपित हथगोले से हमले के लिए भी जिम्मेदार था और यह कथित तौर पर पाकिस्तान स्थित बीकेआई आतंकवादी हरविंदर सिंह उर्फ रिंदा के निर्देश पर किया गया था.

एनआईए ने सितंबर 2022 में गुजरात पुलिस द्वारा लगभग 39 किलोग्राम हेरोइन जब्त करने से जुड़े एक अन्य मामले में भी बिश्नोई के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया है. एजेंसी ने बिश्नोई गिरोह के सदस्यों की चार संपत्तियां भी जब्त की हैं. इनमें से तीन अचल और एक चल संपत्ति है. इन्हें गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम, 1967 के प्रावधानों के तहत हरियाणा, पंजाब और उत्तर प्रदेश में एनआईए की टीमों द्वारा समन्वित छापेमारी में जब्त किया गया. सूत्रों ने बताया कि बिश्नोई गिरोह पंजाब, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, महाराष्ट्र, दिल्ली, राजस्थान और झारखंड सहित कई राज्यों में सक्रिय है और हमेशा भोले-भाले युवाओं को अपने साथ जोड़ने की कोशिश करता रहता है.

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