कोलकाता. पश्चिम बंगाल की 42 लोकसभा सीट में से बिष्णुपुर लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र में भाजपा के सौमित्र खान और उनकी पूर्व पत्नी एवं टीएमसी की उम्मीदवार सुजाता मंडल के बीच हुए चुनावी मुकाबले में हार-जीत का अंतर सबसे कम रहा. निर्वाचन आयोग के आंकड़ों के अनुसार, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सौमित्र खान ने बिष्णुपुर लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र पर केवल 5,567 मतों के अंतर से जीत हासिल की. उन्होंने तृणमूल कांग्रेस की सुजाता मंडल को हराकर यह जीत दर्ज की.
इस सीट के लिए मतों की गिनती के दौरान दोनों ही दलों के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिली, जिसमें कई बार दोनों उम्मीदवार एक-दूसरे से कुछ हजार वोटों से बढ.त बनाते हुए देखे गए. खान ने 2014 में टीएमसी उम्मीदवार के रूप में बिष्णुपुर से जीत हासिल की थी. इसके बाद उन्होंने पाला बदलकर 2019 में दूसरी बार भाजपा उम्मीदवार के रूप में 78,000 से अधिक मतों के अंतर से जीत दर्ज की थी. दिलचस्प बात यह है कि सुजाता (जो उस समय उनकी पत्नी थीं) ने ही 2019 के चुनावों में खान के लिए प्रचार किया था.
इस दौरान खान को बांकुड़ा जिले में प्रवेश करने की अनुमति नहीं दी गई थी, जिसके अंतर्गत बिष्णुपुर लोकसभा क्षेत्र के सात विधानसभा क्षेत्रों में से छह स्थित हैं. कलकत्ता उच्च न्यायालय के एक आदेश के अनुसार, खान के खिलाफ लंबित आपराधिक मामलों के संबंध में उन्हें अग्रिम जमानत देने की यह शर्त रखी गई थी.
सुजाता मंडल दिसंबर 2020 में टीएमसी में शामिल हो गईं थीं. उन्होंने दावा किया था कि 2019 के चुनावों में अपने पति को जिताने के लिए उन्होंने अपनी पूरी कोशिश की, फिर भी उन्हें भाजपा में उचित महत्व नहीं मिला. आरामबाग बंगाल का एकमात्र ऐसा निर्वाचन क्षेत्र है, जहां इस लोकसभा चुनाव में हार-जीत का अंतर पांच अंकों से कम रहा है. हुगली जिले की इस सीट पर टीएमसी की मिताली बाग ने भाजपा के अरूप कांति दीगर को 6,399 मतों के अंतर से हराया है.