महाराष्ट्र-कर्नाटक सीमा विवाद : पवार ने स्थिति को ‘चिंताजनक’ कहा, बोम्मई बोले- हितों की रक्षा करेंगे

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Tue, 06 Dec 2022 09:49 PM
महाराष्ट्र-कर्नाटक सीमा विवाद : पवार ने स्थिति को ‘चिंताजनक’ कहा, बोम्मई बोले- हितों की रक्षा करेंगे
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बेंगलुरु/मुंबई. बेलगावी पर दावेदारी को लेकर महाराष्ट्र और कर्नाटक के बीच सीमा विवाद मंगलवार को और बढ़ गया और दोनों ओर एक-दूसरे के वाहनों को निशाना बनाया गया. सीमा पर तनावपूर्ण माहौल के मद्देनजर सीमावर्ती जिले में कन्नड व मराठी समर्थक नेताओं को पुलिस ने हिरासत में ले लिया. राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) प्रमुख शरद पवार ने दोनों राज्य के सीमावर्ती इलाके में स्थिति को ‘चिंताजनक’ करार देते हुए कहा कि वहां जो कुछ हो रहा है उसे देखते हुए अब स्पष्ट रूख तय करने का वक्त आ गया है.

पवार ने मुंबई में संवाददाताओं से कहा, ‘‘ महाराष्ट्र ने संयम बरतने का रुख अपनाया और वह इसपर कायम रहने को तैयार हैं. लेकिन इसकी भी सीमा होती है. अगर 24 घंटों में वाहनों पर हमले नहीं रुकते तो संयम का मार्ग बदल जाएगा और इसकी जिम्मेदारी पूरी तरह से कर्नाटक के मुख्यमंत्री और कर्नाटक सरकार पर होगी.’’ कर्नाटक के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने बेंगलुरु में जोर देकर कहा कि उनकी सरकार सीमा और कन्नड भाषियों के हितों की रक्षा करने को प्रतिबद्ध है. उन्होंने इस मुद्दे का संबंध वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव से होने से इनकार किया.

उन्होंने कहा,‘‘आगामी विधानसभा चुनाव और कर्नाटक के सीमा पर रुख का कोई संबंध नहीं है. कई सालों से महाराष्ट्र इस मुद्दे को हवा दे रहा है.’’ बोम्मई ने कहा कि महाराष्ट्र ने इस विवाद को उठाया और कर्नाटक की ओर से प्रतिक्रिया आई. उन्होंने संवाददाताओं से कहा कि उन्होंने दोनों राज्यों के बीच सौहार्द्र कायम किया और इसे बाधित नहीं किया जाना चाहिए बोम्मई ने कहा, ‘‘यह मुद्दा उच्चतम न्यायालय के समक्ष है. हमारा रुख कानूनी और संवैधानिक है, इसलिए हमें भरोसा है कि हम इस कानूनी लड़ाई को जीतेंगे. हमारे लिए इस मुद्दे को चुनाव के लिए उठाने का सवाल ही नहीं है. हम अपनी सीमाओं और लोगों की रक्षा को प्रतिबद्ध हैं और साथ ही उन कन्नड भाषियों की भी जो महाराष्ट्र, तेलंगाना और केरल में रह रहे हैं.’’ महाराष्ट्र के मंत्रियों का प्रतिनिधिमंडल का बेलगावी जाकर मराठी समर्थक समूह से मिलने का कार्यक्रम था जिसे स्थगित कर दिया गया जबकि कन्नड समर्थक संगठन ने अपनी ताकत दिखाने के लिए बेलगावी में प्रदर्शन किया.

पुणे में शिवसेना के उद्धव ठाकरे गुट ने स्वरगेट इलाके में कर्नाटक राज्य परिवहन की कम से कम तीन बसों पर काले और नारंगी रंग का पेंट पोत दिया. उन्होंने बस पर ‘जय महाराष्ट्र’ लिख दिया. पुलिस अधिकारी ने बताया कि ‘बसों पर पेंट लगाने के मामले में चार से पांच लोगों को हिरासत में लिया गया है.’’ वहीं, सीमा की दूसरी ओर महाराष्ट्र के पंजीकरण वाले ट्रकों और वाहनों को निशाना बनाया गया. शक्ति प्रदर्शन के तहत कन्नड भाषा समर्थक संगठनों ने बेलगावी में प्रदर्शन किया और पड़ोसी राज्य के मंत्री स्तरीय प्रतिनिधिमंडल का विरोध किया.

कन्नड संगठनों के नेताओं ने महाराष्ट्र के मंत्री चंद्रकांत पाटिल और शंभूराज के प्रस्तावित दौरे का विरोध किया जिसे बाद में स्थगित कर दिया गया. कार्यकर्ताओं ने तख्ती, पोस्टर, बैनर के साथ प्रदर्शन किया और मुद्दे को उठाने के लिए महाराष्ट्र के ख्रिलाफ नारेबाजी की. खबर है कि कार्यकर्ताओं ने महाराष्ट्र के पंजीकरण वाले ट्रकों की ‘नंबर प्लेट’ पर काला रंग पोत दिया.

प्रदर्शनों के मद्देनजर पुलिस ने वृहद पैमाने पर शहर में सुरक्षा के उपाय किए थे ताकि किसी अवांछित घटना को रोका जा सके. पुलिस ने कई प्रदर्शनकारियों को एहतियातन हिरासत में ले लिया. कर्नाटक रक्षाना वेदिका के अध्यक्ष टी ए नारायण गौड़ा ने एहतियातन हिरासत में लिए जाने पर नाखुशी जताई. बेलगावी में प्रदर्शन की वजह से आम जनजीवन भी प्रभावित हुआ. इस बीच,महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बोम्मई से बात की और उनके राज्य के वाहनों पर कर्नाटक में पत्थरबाजी की खबरों पर चर्चा की.

सोशल मीडिया पर वीडियो प्रसारित हुए हैं जिनमें कुछ लोग बेलगावी के हीरेबागौड़ी टोल बूथ पर महाराष्ट्र से कर्नाटक में दाखिल होते वाहनों पर पत्थरबाजी करते दिख रहे हैं. यह घटना सामने आने के बाद फडणवीस ने बोम्मई से बात की और वाहनों की सुरक्षा का भरोसा लिया.

फडणवीस के करीबी सूत्रों ने बताया कि उन्होंने ‘‘ कर्नाटक के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई को फोन कर हीरेबागौड़ी में हुई घटना पर नाखुशी जताई.’’ उन्होंने बताया,‘‘कर्नाटक के मुख्यमंत्री ने फडणवीस को भरोसा दिया कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने यह भी भरोसा दिया कि महाराष्ट्र से आने वाले वाहनों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी.’’ बोम्मई ने इससे पहले अधिकारियों को महाराष्ट्र के प्रतिनिधिमंडल के संभावित दौरे के मद्देनजर कदम उठाने को कहा था और स्पष्ट किया था कि सरकार कानूनी कार्रवाई करने से भी नहीं हिचकेगी.

कर्नाटक के साथ सीमा विवाद को देखते हुए महाराष्ट्र राज्य परिवहन निगम (एमएसआरटीसी) ने मंगलवार दोपहर पुलिस की सलाह पर पड़ोसी राज्यों के लिए बस सेवा स्थगित कर दी. एमएसआरटीसी के उपाध्यक्ष और प्रबंध निदेशक शेखर चाने ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि यह फैसला कर्नाटक की यात्रा करने वाले यात्रियों की सुरक्षा और संपत्ति को होने वाली संभावित नुकसान से बचने के लिए किया है. उन्होंने बताया कि निगम ने पुलिस की सलाह पर बस सेवा मंगलवार दोपहर स्थगित करने का फैसला किया.

बेलगावी जिला प्रशासन ने सोमवार को आदेश जारी कर महाराष्ट्र के मंत्रियों और नेताओं के शहर में दाखिल होने पर रोक लगा दी थी. उपायुक्त और जिला मजिस्ट्रेट नीतेश पाटिल ने भारतीय दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की धारा-144 के तहत आदेश जारी कर प्रवेश पर रोक लगा दी.

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