प्रधानमंत्री चाहें तो दो-तीन दिन में बुझ सकती है मणिपुर की आग : राहुल गांधी

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Wed, 09 Aug 2023 08:47 PM
प्रधानमंत्री चाहें तो दो-तीन दिन में बुझ सकती है मणिपुर की आग : राहुल गांधी
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जयपुर/नयी दिल्ली. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी ने मणिपुर में हो रही जातीय हिंसा के लिए भाजपा की विचारधारा को जिम्मेदार बताते हुए बुधवार को कहा कि अगर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी चाहें तो देश की सेना इस आग को दो-तीन दिन में बुझा सकती है.

राजस्थान के बांसवाड़ा जिले के ऐतिहासिक मानगढ. धाम में एक रैली को संबोधित करते हुए गांधी ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री ने मणिपुर को बांट दिया है और पिछले दो-तीन महीनों से ऐसा लग रहा है कि पूर्वोत्तर का यह राज्य भारत का हिस्सा ही नहीं है.
संसद में अपने संबोधन का जिक्र करते हुए गांधी ने कहा, ”अपने भाषण में मैंने कहा कि हिंदुस्तान एक आवाज है… हर नागरिक की आवाज है… आदिवासियों, पिछड़ों, दलितों, महिलाओं और बाकी सबकी आवाज है… और जहां भी भाजपा के लोग जाते हैं हिंदुस्तान की आवाज को चुप कराने, दबाने की कोशिश करते हैं.” उन्होंने कहा, ”भाजपा की सोच ने मणिपुर में आग लगा दी है. तीन-चार महीने से मणिपुर में आग लगी है, लोग मारे जा रहे हैं, बच्चे मारे जा रहे हैं, महिलाओं से बलात्कार हो रहे हैं.”

कांग्रेस नेता ने कहा, ”मैंने संसद में बोला कि मणिपुर में ‘भारत माता’ की हत्या हुई है. भाजपा की विचारधारा ने मणिपुर में भारत माता की हत्या की है. वहां तीन-चार महीने से आग लगी है. अगर प्रधानमंत्री चाहें तो दो-तीन दिन में उस आग को बुझा सकते हैं. अगर प्रधानमंत्री हिंदुस्तान की सेना से कहते हैं कि इस आग को दो दिन में बुझा दो, सेना इस आग को बुझा देगी. मगर प्रधानमंत्री इस आग को जलाना चाहते हैं… उन्होंने ही तो बांटा है मणिपुर को. ऐसा लगता है कि मणिपुर हिंदुस्तान का भाग ही नहीं, राज्य ही नहीं. प्रधानमंत्री ने एक शब्द भी नहीं बोला है.” गांधी ने कहा कि उन्होंने और विपक्षी सांसदों के एक समूह ने मणिपुर में राहत शिविरों का दौरा किया, लेकिन हिंसा भड़कने के बाद से प्रधानमंत्री वहां नहीं गए.

भाजपा नेताओं के स्पष्ट संदर्भ में उन्होंने कहा, “ये जहां भी जाते हैं, किसी ना किसी को लड़ा देते हैं. आदिवासियों को कहेंगे तुम्हारी जमीन नहीं है, नफरत फैलाएंगे, हिंसा भड़काएंगे, बाकी लोगों के बारे में गलत शब्द उपयोग करेंगे. इससे देश को फायदा नहीं होता.” मणिपुर मई की शुरूआत से ही जातीय हिंसा की चपेट में है. बहुसंख्यक मेइती और आदिवासी कुकी समुदाय के बीच झड़पों में 150 से अधिक लोग मारे गए हैं. राजस्थान-गुजरात सीमा पर बांसवाड़ा जिले में स्थित मानगढ. धाम एक ऐतिहासिक स्थान है जहां 1913 में अंग्रेजों की गोलीबारी में सैकड़ों आदिवासी मारे गए थे.

राहुल गांधी ने भाजपा द्वारा आदिवासियों के लिए ‘वनवासी’ शब्द के उपयोग की भी आलोचना की. उन्होंने कहा, ”वे कहते हैं कि आप आदिवासी नहीं वनवासी हैं. मतलब आप इस देश के ओरिजिनल (मूल) मालिक नहीं हैं. आप जंगल में रहते हैं… यह आपका अपमान है. यह भारत माता का अपमान है. यह सिर्फ आदिवासियों का नहीं, पूरे देश का अपमान है.” राज्य के आदिवासी बहुल इलाके में आयोजित इस रैली में बड़ी संख्या में मौजूद लोगों से कांग्रेस नेता ने कहा, ”आप वनवासी नहीं हैं, आप आदिवासी हैं.”

उन्होंने कहा कि भाजपा और आरएसएस (राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ) चाहते हैं कि आप जंगलों में रहें, जंगलों से बाहर ना निकलें, आपके बच्चे डॉक्टर, इंजीनियर, वकील ना बनें. राहुल गांधी ने कहा, ”हम इस बात को मानने को तैयार नहीं हैं. आप इस देश के मालिक हैं. यह जमीन आपकी है. इस देश में आपको ह़क मिलना चाहिए. वह आपसे कहते हैं आप वनवासी हैं और फिर आपके जंगलों को आपके हाथों से छीन कर अडाणी को पकड़ा देते हैं.” गांधी ने कहा, ”हम चाहते हैं कि आदिवासियों का हक उन्हें मिले, उनके सपने पूरे हों.”

उन्होंने अपनी दादी, पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी से मिली एक किताब व इसको लेकर उनसे हुई बातचीत का भी जिक्र किया. राहुल के अनुसार उन्होंने अपनी दादी इंदिरा गांधी से आदिवासी शब्द का मतलब पूछा तो उन्होंने कहा, ”यह हिंदुस्तान के पहले निवासी हैं. यह जो हमारी जमीन है जिसको आज हम भारत कहते हैं यह जमीन इन आदिवासियों की थी.” उन्होंने राज्य सरकार की चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना सहित कई योजनाओं की सराहना की और कहा, ”हम गरीबों की सरकार चलाते हैं, आदिवासियों की सरकार चलाते हैं.” अपनी भारत जोड़ो यात्रा का जिक्र करते हुए राहुल ने कहा, ”हमने पूरे देश को जोड़ने का काम किया.”

उन्होंने राज्­य सरकार की चिरंजीवी परिवारों की महिला मुखिया को मुफ्त स्मार्ट फोन देने की योजना की शुरुआत एक छात्रा को मोबाइल डिवाइस सौंपकर की. इस योजना के पहले चरण में 40 लाख महिलाओं को मुफ्त स्मार्टफोन दिए जाएंगे. योजना के लाभार्थियों को बृहस्पतिवार से स्मार्टफोन दिए जाएंगे.

उन्होंने अन्नपूर्णा फूड पैकेट योजना के एक लाभार्थी को भोजन का पैकेट भी सौंपा. योजना के प्रत्येक पैकेट में एक-एक किलो चना दाल, चीनी, नमक, एक लीटर खाद्य तेल, 100-100 ग्राम मिर्च और धनिया पाउडर और 50 ग्राम हल्दी पाउडर होगा. राजस्­थान में इस साल विधानसभा चुनाव होने हैं और राहुल गांधी की इस रैली को चुनावों के लिए कांग्रेस के अभियान की शुरुआत माना जा रहा है. मंच पर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा, कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा, पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट सहित पार्टी के अनेक नेता व पदाधिकारी मौजूद थे.

राहुल गांधी के बोलने के दौरान संसद टीवी का कैमरा ज्यादातर समय आसन पर केंद्रित था: कांग्रेस

कांग्रेस ने बुधवार को आरोप लगाया कि जब उसके नेता राहुल गांधी अविश्वास प्रस्ताव पर अपने विचार रख रहे थे तो ज्यादातर समय कैमरा आसन पर केंद्रित रहा. पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने दावा किया कि राहुल गांधी ने लोकसभा में मणिपुर पर 15 मिनट 42 सेकेंड तक बात की और इसमें से सिर्फ 4 मिनट 34 सेकंड उन्हें कैमरे पर दिखाया गया.

रमेश ने ट्वीट किया, ”यह और भी खराब है. राहुल गांधी ने मणिपुर पर 15 मिनट 42 सेकेंड तक बात की. इस दौरान संसद टीवी का कैमरा 11 मिनट 08 सेकेंड यानी 71 प्रतिशत समय लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला पर केंद्रित रहा. जब राहुल गांधी मणिपुर पर बोले तो संसद टीवी ने सिर्फ 4 मिनट 34 सेकंड उन्हें दिखाया. ”

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