
इंफाल. मणिपुर प्रशासन ने बुधवार को पूर्व मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह की सुरक्षा में कटौती के दावों का खंडन करते हुए स्पष्ट किया कि उनके साथ तैनात केवल अतिरिक्त कर्मियों को ही वापस बुलाया गया है. अधिकारियों ने यह जानकारी दी. उन्होंने बताया कि सिंह का ‘जेड प्लस’ सुरक्षा घेरा बरकरार है.
अधिकारी मीडिया में आईं उन खबरों पर प्रतिक्रिया दे रहे थे, जिनमें पूर्व मुख्यमंत्री की सुरक्षा घटाए जाने की बात कही गई थी.
अधिकारियों के अनुसार, सिंह की सुरक्षा चौबीसों घंटे केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) द्वारा की जाती है. सीआईएसएफ एक केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल है, जिसे पूरे देश में महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों और विशिष्ट लोगों की सुरक्षा में तैनात किया जाता है. मानक प्रोटोकॉल के तहत, ‘जेड प्लस’ सुरक्षा प्राप्त व्यक्ति को संबंधित राज्य या केंद्र शासित प्रदेश पुलिस द्वारा प्रदान किए गए छह निजी सुरक्षा अधिकारी (पीएसओ) प्राप्त होते हैं.
हालांकि, हाल में एक सुरक्षा ऑडिट के दौरान, यह पाया गया कि मुख्यमंत्री के रूप में कार्यकाल के दौरान, सिंह के सुरक्षा घेरे में 23 पुलिसर्किमयों को तैनात किया गया था. अधिकारियों ने कहा कि इस ऑडिट के बाद, 17 अतिरिक्त र्किमयों को तुरंत अपनी मूल इकाइयों में रिपोर्ट करने के लिए कहा गया. सिंह के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद फरवरी से मणिपुर में राष्ट्रपति शासन लागू है. मई 2023 में भड़की जातीय हिंसा से निपटने के लिए राज्य सरकार की व्यापक आलोचना के बीच सिंह ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था.



