छत्रपति संभाजीनगर. महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर जिले में समृद्धि एक्सप्रेसवे पर शनिवार देर रात तेज गति से आ रही एक मिनी बस ने एक कंटेनर को टक्कर मार दी, जिसमें कम से कम 12 लोगों की मौत हो गई तथा 23 अन्य घायल हो गए. पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि निजी बस में 35 यात्री सवार थे जो बुलढाणाा जिले में सैलानी बाबा दरगाह से नासिक लौट रहे थे.
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने इस हादसे की जांच के आदेश दिए हैं.
उन्होंने कहा कि प्रत्येक मृतक के परिजन को राज्य सरकार की ओर से पांच लाख रुपये का मुआवजा दिया जाएगा. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने हादसे में लोगों की मौत पर दुख जताया है. प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट में कहा कि मृतकों के परिजनों को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (पीएमएनआरएफ) से दो-दो लाख रुपये तथा घायलों को पचास-पचास हजार रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी.
अधिकारियों के अनुसार, यह हादसा जिले में एक्सप्रेसवे के वैजापुर इलाके में आधी रात के बाद हुआ. यह स्थान जिला मुख्यालय से करीब 80 किलोमीटर और राजधानी मुंबई से करीब 350 किलोमीटर दूर है. पुलिस अधिकारियों ने बताया कि बस चालक ने वाहन से नियंत्रण खो दिया, जिसके परिणामस्वरूप बस ने जांबरगांव टोल प्लाजा के पास खड़े एक कंटेनर को पीछे से टक्कर मार दी.
वैजापुर थाने के एक अधिकारी ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि प्रथम दृष्टया मिनी बस में क्षमता से अधिक यात्री सवार थे. उन्होंने कहा कि इसमें 17 यात्रियों के बैठने की क्षमता थी लेकिन इसमें करीब 35 यात्री सफर कर रहे थे. थाना निरीक्षक श्यामसुंदर काव्थले ने बताया कि 12 यात्रियों की मौत हो गई जिनमें पांच पुरुष, छह महिलाएं और एक बच्ची शामिल है.
उन्होंने बताया कि 23 अन्य यात्री घायल हो गए जिन्हें एक सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है. उन्होंने कहा कि घायलों में बस चालक भी शामिल है जिसके सिर में चोट आई है. समृद्धि एक्सप्रेसवे के नियंत्रण कक्ष के एक अधिकारी ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि समृद्धि एक्सप्रेसवे के नियंत्रण कक्ष को देर रात 12 बजकर सात मिनट पर दुर्घटना की सूचना मिली. उन्होंने कहा कि एक सहायता दल और एक एम्बुलेंस कुछ मिनटों में दुर्घटनास्थल पर पहुंच गई.
अधिकारी के अनुसार, बस चालक ने दावा किया उसने दुर्घटना से पहले अचानक अपनी बस के सामने ट्रक को देखा. ट्रक चालक को हिरासत में ले लिया गया है. कुछ स्थानीय लोगों ने घटना की सूचना पुलिस को दी. एक्सप्रेसवे नियंत्रण कक्ष के एक अधिकारी ने कहा, ”यह दुर्घटना सड़क किनारे बने अवरोधक से जुड़ी पहली लेन में हुई जहां वाहन 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ सकते हैं.
मिनी बस की पहली लेन में सड़क किनारे ट्रक के साथ टक्कर हुई. हमें मिनी बस से लोगों को निकालने के लिए चालक की तरफ वाले बस के एक हिस्से को काटना पड़ा.” पुलिस ने बताया कि मृतकों की पहचान नासिक की तनुश्री सोल्से (5), संगीत अस्वाले (40), पंजाबी जगताप (38), काजल सोल्से (32), रजनी तापसे (32), हौसाबाई शिरसत (70), जुम्बार गांगुर्डे (58), अमोल गांगुर्डे (18), सारिका गांगुर्डे (40), मिलिंद पगारे (50), दीपक केकाने (47) तथा छत्रपति संभाजीनगर में वैजापुर के रतन जमदाडे (45) के रूप में हुई है.
पीएमओ ने प्रधानमंत्री के हवाले से ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ”छत्रपति संभाजीनगर जिले में दुर्घटना में लोगों की मौत से दुखी हूं. अपने प्रियजनों को खोने वाले लोगों के प्रति मेरी संवेदनाएं. मैं घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं. पीएमएनआरएफ से मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी. घायलों को 50-50 हजार रुपये दिए जाएंगे.” मुख्यमंत्री शिंदे ने इस हादसे को दुर्भाग्यपूर्ण बताया और ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि उन्होंने वैजापुर के समीप जानलेवा दुर्घटना की वजह पता लगाने के निर्देश दिए हैं.
उन्होंने बताया कि हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के आदेश दिए गए हैं. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार घायलों के इलाज का खर्च वहन करेगी. राज्य के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट में कहा कि घायलों को छत्रपति संभाजीनगर शहर में घाटी सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है जबकि कुछ घायलों का वैजापुर अस्पताल में उपचार किया जा रहा है.
एक अधिकारी ने बताया कि छत्रपति संभाजीनगर में क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) ने घटना की जांच शुरू कर दी है. राज्य विधान परिषद में विपक्ष के नेता अंबादास दानवे ने दावा किया कि एक आरटीओ दल ने ट्रक को रोका था जिसके बाद मिनी बस की उससे टक्कर हुई. शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) नेता ने कहा कि आरटीओ को टोल पार करने के बाद और एक्सप्रेसवे पर प्रवेश करने से पहले वाहनों की जांच करनी चाहिए.
दानवे ने ‘एक्स’ पर इस घटना को ”मानव निर्मित” बताते हुए कहा कि आरटीओ के एक दल ने एक्सप्रेसवे पर चलते हुए ट्रक को रोका जिससे मिनी बस की ट्रक से टक्कर हो गयी. शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत ने दावा किया कि समृद्धि एक्सप्रेसवे पर यात्रियों की सुरक्षा नजरअंदाज की गयी.
उन्होंने कहा, ”मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस केवल श्रेय लेना चाहते हैं, उन्हें एक्सप्रेसवे पर दुर्घटनाओं के कारण हुई मौत की जिम्मेदारी भी लेनी चाहिए.” राज्यसभा सदस्य ने पूछा, ”सरकार पर गैर इरादतन हत्या का मुकदमा क्यों न दर्ज किया जाए?” कांग्रेस की महाराष्ट्र इकाई के अध्यक्ष नाना पटोले ने इस हादसे को दुर्भाग्यपूर्ण बताया. उन्होंने कहा कि समृद्धि एक्सप्रेसवे पर आए दिन होने वाली दुर्घटनाएं चिंता का विषय है.
छत्रपति संभाजीनगर के कार्यवाहक क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी विजय कोथले ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा कि उन्हें दानवे के दावे के बारे में पता चला है. उन्होंने कहा, ”इस मामले में जांच की जा रही है और बयान दर्ज किए जा रहे हैं.” जिला संरक्षक मंत्री संदीपन भुमरे ने पत्रकारों को बताया कि उन्होंने घायलों से मुलाकात की है.
समृद्धि महामार्ग (हिंदू हृदयसम्राट बालासाहेब ठाकरे महाराष्ट्र समृद्धि महामार्ग) मुंबई और नागपुर को जोड़ने वाला 701 किलोमीटर लंबा एक्सप्रेसवे है. यह नागपुर, वासिम, वर्धा, अहमनगर, बुलढाणा, औरंगाबाद, अमरावती, जालना, नासिक और ठाणे से होकर गुजरता है. समृद्धि एक्सप्रेसवे का निर्माण महाराष्ट्र राज्य सड़क विकास निगम द्वारा किया जा रह है.
नागपुर को शिरडी से जोड़ने वाले पहले चरण का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने दिसंबर 2022 में किया था. यह 520 किलोमीटर लंबा है. मुख्यमंत्री शिंदे और उपमुख्यमंत्री फडणवीस ने 26 मई को शिरडी की इगतपुरी तालुक में भरवीर गांव से समृद्धि महामार्ग के 80 किलोमीटर लंबे दूसरे मार्ग का उद्घाटन किया था. एक्सप्रेसवे के चालू होने के बाद से इस पर कई हादसे हुए हैं.