मंत्री वैष्णव बोले- एआई के लिए UPI जैसा प्लेटफॉर्म बनाएंगे; 200+ अरब डॉलर निवेश की उम्मीद

Author: navabharat digital
UPDATED: Tue, 17 Feb 2026 02:52 PM
मंत्री वैष्णव बोले- एआई के लिए UPI जैसा प्लेटफॉर्म बनाएंगे; 200+ अरब डॉलर निवेश की उम्मीद

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केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मंगलवार को इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट में कहा कि भारत के एआई और डीप-टेक इकोसिस्टम में वैश्विक निवेशकों की रुचि तेजी से बढ़ रही है। अगले दो वर्षों में देश में 200 अरब डॉलर से अधिक निवेश आने की उम्मीद है।

एआई का यूपीआई बनाने की योजना का एलान
समिट के दौरान वैष्णव ने ‘एआई का यूपीआई’ बनाने की योजना का भी एलान किया, जिसे उन्होंने एक भरोसेमंद तकनीकी समाधानों के समूह के रूप में बताया। उनके अनुसार यह एक यूपीआई जैसी ओपन प्लेटफॉर्म व्यवस्था होगी, जिस पर डेवलपर्स और कंपनियां विभिन्न एआई समाधान तैयार कर सकेंगी।

एनवीडिया के सीईओ को लेकर वैष्णव ने क्या बताया?
एनवीडिया के सीईओ जेनसन हुआंग के समिट में शामिल न होने पर मंत्री ने स्पष्ट किया कि उन्होंने व्यक्तिगत रूप से संपर्क कर अपनी अनुपस्थिति को अनिवार्य कारणों से जोड़ा है और अपनी जगह एक वरिष्ठ अधिकारी को भेजा है। उन्होंने कहा कि एनवीडिया भारतीय कंपनियों के साथ एआई क्षेत्र में बड़े निवेश पर काम कर रही है।

एआई स्टैक की पांचों लेयर्स का किया जिक्र
वैष्णव ने बताया कि एआई स्टैक की पांचों लेयर्स इंफ्रास्ट्रक्चर, कंप्यूट, डेटा, मॉडल और एप्लिकेशन में निवेश की संभावनाएं बन रही हैं। उन्होंने कहा कि निवेश के साथ-साथ वेंचर कैपिटल द्वारा डीप-टेक फंडिंग और भारत की डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना (DPI) भी वैश्विक रुचि के प्रमुख कारण हैं।

मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में विकसित डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर के कारण भारत में जनसंख्या स्तर पर तकनीकी समाधानों का विस्तार तेजी से संभव है, जिससे एआई का प्रसार और उपयोग और तेज होगा।
दुनियाभर के सीईओ भारत की तरह देख रहें
उन्होंने यह भी बताया कि दुनिया भार के सीईओ विशेष रूप से भारतीय डीप-टेक स्टार्टअप्स, इंफ्रास्ट्रक्चर और बड़े पैमाने पर समाधान विकसित करने की क्षमता को लेकर उत्साहित हैं।

समिट को लेकर युवाओं और शोधकर्ताओं में भारी उत्साह देखने को मिला है। वैष्णव के अनुसार 3 लाख से अधिक युवा, शोधकर्ता और छात्र इस कार्यक्रम के लिए पंजीकृत हुए हैं और अधिकांश सत्र पूरी तरह भरे हुए हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि एआई का उपयोग अर्थव्यवस्था और समाज की बड़ी समस्याओं के समाधान के लिए किया जाना चाहिए, साथ ही तकनीक से होने वाले संभावित नुकसान को नियंत्रित करना भी जरूरी है।

एआई के संभावित दुरुपयोग को रोकने पर मंथन
इससे पहले वैष्णव ने बताया था कि 30 देशों के मंत्रियों के साथ मीडिया क्षेत्र में एआई के संभावित दुरुपयोग को रोकने पर गंभीर मंथन हो रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि डीपफेक और सिंथेटिक कंटेंट लोकतंत्र, रचनात्मक उद्योग और सूचना की विश्वसनीयता के लिए बड़ा खतरा बन सकते हैं, इसलिए इनके नियंत्रण और जिम्मेदार उपयोग पर वैश्विक स्तर पर सहयोग आवश्यक है।

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