मोदी ने कहा: मणिपुर की घटना के दोषी बख्शे नहीं जाएंगे; विपक्ष ने देर से की गयी प्रतिक्रिया बताया

नई दिल्ली:  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मणिपुर की स्थिति पर अपनी पहली सार्वजनिक टिप्पणी करते हुए वहां दो महिलाओं को निर्वस्त्र घुमाए जाने की घटना पर बृहस्पतिवार को क्षोभ प्रकट किया और कहा कि इसने 140 करोड़ देशवासियों को शर्मसार किया है तथा दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा. विपक्षी कांग्रेस ने, हालांकि इसे ”देर से की गयी, मामूली प्रतिक्रिया” करार दिया है.

चार मई की घटना के इस वीडियो से पूरे देश में नाराजगी का माहौल है, लेकिन इस मामले को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और कांग्रेस दोनों जुबानी जंग लड़ रही हैं. सत्तारूढ. भाजपा ने संसद के मानसून सत्र से ठीक पहले इस मामले के सोशल मीडिया पर वायरल होने को लेकर सवाल खड़ा किया, जबकि विपक्षी कांग्रेस ने सरकार से कहा कि वह इस तरह का व्यवहार न करे कि ”सबकुछ ठीक है.” संसद का मानसून सत्र शुरू होने से पहले, मीडिया को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने देशवासियों को विश्वास दिलाया कि इस मामले में कानून सख्ती से एक के बाद एक कदम उठाएगा.

उन्होंने कहा, ”मणिपुर की बेटियों के साथ जो हुआ है…इसके दोषियों को कभी माफ नहीं किया जा सकता.” प्रधानमंत्री ने कहा, ”मैं इस लोकतंत्र के मंदिर के पास खड़ा हूं तब मेरा हृदय पीड़ा से भरा हुआ है, क्रोध से भरा हुआ है. मणिपुर की जो घटना सामने आई है वह किसी भी सभ्य समाज को शर्मसार करने वाली है. पाप करने वाले, गुनाह करने वाले कितने हैं, और कौन-कौन हैं, वह अपनी जगह पर है… लेकिन बेइज्जती पूरे देश की हो रही है. 140 करोड़ देशवासियों को शर्मसार होना पड़ रहा है.” मोदी ने सभी मुख्यमंत्रियों से अपने-अपने राज्यों में कानून-व्यवस्था को और मजबूत करने तथा खासकर महिलाओं की सुरक्षा के लिए कठोर से कठोर कदम उठाने का आग्रह किया.

उन्होंने कहा, ”घटना चाहे राजस्थान की हो, घटना चाहे छत्तीसगढ. की हो, चाहे मणिपुर की हो…. इस देश में हिंदुस्तान के किसी भी कोने में किसी भी राज्य सरकार को राजनीतिक वाद-विवाद से ऊपर उठकर कानून व्यवस्था को महत्व देना चाहिए और नारी के सम्मान की रक्षा करनी चाहिए.” भारतीय जनता पार्टी, कांग्रेस शासित राज्यों में महिलाओं के खिलाफ अपराध के मुद्दों को पिछले कुछ समय से जोर-शोर से उठा रही है.

मोदी ने कहा, ”मैं देशवासियों को विश्वास दिलाना चाहता हूं कि किसी भी गुनाहगार को बख्शा नहीं जाएगा. कानून अपनी पूरी शक्ति से और पूरी सख्ती से एक के बाद एक कदम उठाएगा. मणिपुर की बेटियों के साथ जो हुआ है, इसके दोषियों को कभी माफ नहीं किया जा सकता.” कांग्रेस ने घटना को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा और इसके पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा कि मुद्दा यह नहीं है कि यह घटना देश के लिए शर्म की बात है, बल्कि राज्य की महिलाओं के लिए अपार दर्द और आघात का मुद्दा है.

गांधी ने एक ट्वीट में कहा, “प्रधानमंत्री जी, मुद्दा यह नहीं है कि यह देश के लिए शर्म की बात है. मुद्दा मणिपुर की महिलाओं को हुए अपार दर्द और आघात का है. हिंसा तुरंत रोकें.” वहीं, कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने ट्वीट किया, ”एक हजार आठ सौ घंटे से अधिक समय की समझ से परे और अक्षम्य चुप्पी के बाद आखिरकार प्रधानमंत्री ने मणिपुर पर कुल 30 सेकंड तक बात की. प्रधानमंत्री ने अन्य राज्यों, विशेषकर विपक्ष द्वारा शासित राज्यों में महिलाओं के खिलाफ अपराधों की तुलना करके मणिपुर में शासन की भारी विफलताओं और मानवीय त्रासदी से ध्यान हटाने का पुरजोर प्रयास किया.”

रमेश ने आरोप लगाया, ”प्रधानमंत्री ने जातीय संघर्ष के मुद्दे को पूरी तरह से अनदेखा कर दिया. उन्होंने शांति की कोई अपील नहीं की और न ही मणिपुर के मुख्यमंत्री से पद छोड़ने के लिए कहा. सामने आए वीडियो पर उन्होंने यह टिप्पणी की है जबकि यह मणिपुर राज्य में हुई बर्बर हिंसा की सैकड़ों घटनाओं का एक उदाहरण मात्र है.” भाजपा मुख्यालय में पत्रकारों को संबोधित करते हुए पूर्व केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि कांग्रेस का एक रवैया बन गया है और वह ये है कि हर सत्र से पहले किसी मुद्दे को उठाना और जब बहस हो तो बहस नहीं होने देना, उससे भागना और फिर आरोप लगाना कि नरेन्द्र मोदी सरकार बहस नहीं करना चाहती है.

उन्होंने कहा, ”ये बहुत पीड़ा की बात है कि आज जब राज्यसभा में पीयूष गोयल ने और लोकसभा में प्रह्लाद जोशी ने साफ-साफ कहा था कि हम मणिपुर पर चर्चा करने को तैयार हैं, तो कांग्रेस और विपक्ष किस नियम के तहत चर्चा हो, इस पर बहस कर रहे हैं. विपक्ष के लिए ?मणिपुर की घटना जरूरी नहीं है, नियम जरूरी है.” शिवसेना (यूबीटी) की सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि मणिपुर की घटना पूरे देश को शर्मसार करने वाली है.

उधर, आप सांसद संजय सिंह ने कहा, ”एक संवेदनाहीन और क्रूर नेता देश का नेतृत्व कर रहा है. मणिपुर जल रहा है और मोदीजी मौन हैं.” पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कोलकाता में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि मणिपुर का दौरा करने के संबंध में अन्य राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ बातचीत की जा रही है. उन्होंने कहा, ”हमारे देश की माताएं, बहनें विलाप कर रही हैं.” द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) के अध्यक्ष और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने कहा कि वह मणिपुर में ”महिलाओं पर किए जा रहे अत्याचार” से स्तब्ध हैं. उन्होंने केंद्र से पूर्वोत्तर राज्य में शांति बहाल करने के लिए कदम उठाने की मांग की.

स्टालिन ने ट्वीट किया, ”मणिपुर में महिलाओं के खिलाफ हिंसा से पूरी तरह आहत और स्तब्ध हूं. हमारी सामूहिक चेतना कहां है? नफरत और द्वेष मानवता की आत्मा को चोट पहुंचा रहे हैं.” उन्होंने कहा, ”हमें ऐसे अत्याचारों के खिलाफ एकजुट होना चाहिए और सहानुभूति एवं सम्मान से पूर्ण समाज को बढ.ावा देने के लिए काम करना चाहिए. केंद्र सरकार को मणिपुर में शांति बहाल करने के लिए हरसंभव कदम उठाने चाहिए.”

असम महिला कांग्रेस की अध्यक्ष मीरा बोरठाकुर ने गुवाहाटी में संवाददाताओं से कहा कि सभ्य समाज के लिए यह घटना बेहद शर्मनाक है. उन्होंने कहा, ”घटना 74 दिन बाद सामने आई और राज्य सरकार सभी आरोपियों को गिरफ्तार करने के बजाय अभी भी इसे छिपाने की कोशिश कर रही है. मणिपुर सरकार को सत्ता में बने रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है.” उन्होंने कहा कि मणिपुर की भाजपा सरकार को तत्काल बर्खास्त किया जाना चाहिए और वहां राष्ट्रपति शासन लागू किया जाना चाहिए.

जनता दल (यूनाइटेड) ने मणिपुर हिंसा के लिए भाजपा की ‘भड़काऊ’ राजनीति को जिम्मेदार ठहराया. जदयू प्रवक्ता राजीव रंजन ने एक बयान में कहा कि मणिपुर में दो महिलाओं को नग्न घुमाने की घटना ने देश को शर्मसार कर दिया है और गुस्से का माहौल पैदा किया है.

उन्होंने दावा किया कि इससे पता चलता है कि भाजपा के शासन में कोई भी सुरक्षित नहीं है. उन्होंने कहा, ”इस घटना के लिए भाजपा की उकसाने वाली राजनीति जिम्मेदार है.” मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के महासचिव सीताराम येचुरी ने कहा, ”डबल इंजन के इस भयानक आतंक के बाद भी प्रधानमंत्री मोदी चुप हैं. चुप्पी अमानवीय निर्दयता को दर्शाती है. ऐसी बर्बरता आपराधिक और घृणित है.” येचुरी ने एक ट्वीट में कहा, “यह भयानक अपराध 77 दिन पहले हुआ था. निश्चित रूप से, मणिपुर के अधिकारियों और पुलिस को इसके बारे में पता था, फिर भी कोई कार्रवाई नहीं की गई. कार्रवाई करने और न्याय देने के लिए अब भी कोई तत्परता नहीं दिखाई जा रही है.” भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के महासचिव डी राजा ने महिलाओं की सुरक्षा और महिला सशक्तीकरण के प्रधानमंत्री मोदी के दावों पर सवाल उठाया.

राजा ने कहा, “मणिपुर में सामने आए वीडियो के सामने ‘बेटी बचाओ’ और ‘नारी शक्ति’ के बारे में प्रधानमंत्री के दावे हवा हो गए हैं. इस जघन्य अपराध के अपराधी अब भी फरार हैं, जो दिल्ली से इंफाल तक भाजपा सरकार की पूर्ण विफलता का प्रमाण है. ये अपराध जनता माफ नहीं करेगी!” मिजोरम के शीर्ष महिला संगठन ‘मिज.ो हमीचे इंसुइहखौम पॉल (एमएचआईपी) ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) को एक पत्र लिखकर संघर्षग्रस्त मणिपुर में दो महिलाओं को निर्वस्त्र घुमाने और छेड़छाड़ की घटना पर तत्काल कार्रवाई करने का आग्रह किया है. संगठन ने पत्र में लिखा है, “हम सभ्य दुनिया में इस हृदयविदारक घटना को देखकर बेहद स्तब्ध और दुखी हैं तथा हमारे पास अपना दर्द एवं आक्रोश व्यक्त करने के लिए शब्द नहीं हैं.”

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