मोहन भागवत का हिंदू समाज और देश को एकजुट रखने के लिए परस्पर मतभेदों को भुलाने का आह्वान

हमीरपुर. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक मोहन भागवत ने इस बात पर जोर दिया है कि यदि लोग आपसी मतभेद भूल जाएं तो हिंदू समाज और देश एकजुट रह सकता है. भागवत ने हमीरपुर जिले के टिपर गांव में सोमवार रात एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि हिंदू धर्म, हिंदू समाज और हिंदू संस्कृति की रक्षा करना हमारा कर्तव्य है. सरसंघचालक यहां स्वयंसेवकों के उत्तर क्षेत्र विकास शिविर में भाग लेने के लिए चार दिवसीय यात्रा पर हैं.

स्वयंसेवकों को संबोधित करते हुए भागवत ने कहा, ”संघ अपनी स्थापना के 100 वर्ष पूरे करने वाला है. सौ साल पहले संघ के विचार को मान्यता नहीं मिली थी. इसकी उपेक्षा की गई, फिर भी यह काम करता रहा. अब संघ के विचार को समाज ने स्वीकृति प्रदान की है, समाज सक्रियता से काम करता है.” उन्होंने कहा कि हमारे समाज की संस्कृति को सहेजकर रखने के लिए आपसी मतभेदों को भुलाकर एकजुट होने की जरूरत है, ताकि हिंदू समाज और देश एकजुट रह सके.

उन्होंने कहा कि हिंदू धर्म, हिंदू समाज और हिंदू संस्कृति की रक्षा करना हमारा कर्तव्य है. तीस मई से शुरू हुए कार्यकर्ता विकास वर्ग-प्रथम में कुल 212 स्वयंसेवक भाग ले रहे हैं. एक प्रवक्ता ने यहां मंगलवार को बताया कि समापन समारोह 19 जून को होगा.

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