मुंबई/नागपुर. राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के अजित पवार के नेतृत्व वाले गुट ने कहा है कि बृहस्पतिवार को दिल्ली में शरद पवार द्वारा बुलाई गई पार्टी कार्यसमिति की बैठक की कोई कानूनी वैधता नहीं है. दिल्ली में राकांपा की कार्यसमिति की बैठक के बाद शरद पवार ने बृहस्पतिवार को कहा ”राकांपा का अध्यक्ष मैं ही हूं.” दिल्ली में बैठक के बाद अजित पवार के बहुमत होने के दावे पर शरद पवार ने कहा, ” सच सामने आ जायेगा.” अजित पवार की ओर से एक बयान में कहा गया है, ”विभिन्न खबरों से पता चला है कि शरद पवार ने आज नई दिल्ली में राकांपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी/राष्ट्रीय कार्यसमिति/राष्ट्रीय पदाधिकारियों/राज्य पार्टी अध्यक्षों की बैठक बुलाई है.”
इसमें कहा गया, ”राकांपा के निर्वाचित प्रतिनिधियों के बहुमत के साथ-साथ विभिन्न संगठनात्मक पदों पर काम करने वाले सदस्यों के भारी समर्थन से अजित पवार को 30 जून, 2023 को राकांपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में चुना गया है.” बयान में कहा गया है कि अजित पवार ने निर्वाचन आयोग के समक्ष एक याचिका भी दायर की है जिसमें कहा गया है कि वह मूल राकांपा का प्रतिनिधित्व करते हैं और इसलिए पार्टी का नाम और चुनाव चिन्ह उन्हें दिया जाए.”
भाजपा की आलोचना करने के बदले पवार को आत्मनिरीक्षण कर पार्टी व परिवार की फिक्र करनी चाहिए: बावनकुले
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की महाराष्ट्र इकाई के अध्यक्ष चंद्रशेखर बावनकुले ने बृहस्पतिवार को कहा कि अपनी पार्टी के हाल के घटनाक्रम पर भाजपा की आलोचना करने के बजाय राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के प्रमुख शरद पवार को आत्मनिरीक्षण करना चाहिए तथा अपने परिवार एवं (पार्टी) संगठन की फिक्र करनी चाहिए. शरद पवार के भतीजे अजित पवार को उद्धृत करते हुए उन्होंने कहा कि राकांपा में विभाजन के लिए भाजपा नहीं बल्कि शरद पवार स्वयं ही जिम्मेदार हैं.
अपने चाचा शरद पवार के खिलाफ बगावत करते हुए अजित पवार ने रविवार को महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ली जबकि पार्टी के आठ विधायकों को एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना-भाजपा गठबंधन सरकार में मंत्रियों के रूप में शामिल किया गया.
राकांपा संस्थापक शरद पवार द्वारा भाजपा की आलोचना किये जाने के बारे में पूछे गये सवाल का जवाब देते हुए बावनकुले ने कहा, ”
आज आपकी क्या स्थिति है?…. आपकी पार्टी आपके साथ नहीं है, पार्टी कार्यकर्ता आपको छोड़कर जा रहे हैं. केंद्र और महाराष्ट्र सरकार के साथ आपके रिश्ते अच्छे नहीं हैं. आपकी स्थिति इतनी खराब है कि आपका परिवार आपसे दूर जा रहा है. इससे अधिक बुरी स्थिति क्या हो सकती है?” उन्होंने कहा कि भाजपा के खिलाफ आरोप लगाने के बदले पवार साहब को कुछ आत्मनिरीक्षण करना चाहिए, अपने परिवार एवं पार्टी की फिक्र करनी चाहिए.
बावनकुले ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व की तारीफ की और उन्हें देश का सबसे बड़ा नेता बताया. उन्होंने कहा, ‘ प्रधानमंत्री मोदी दुनिया में सबसे बड़े नेता हैं तथा अमित शाह ने अपने काम से देश में अपने लिए जगह बनायी है. लेकिन 40-50 साल तक राजनीति में रहने के बाद भी शरद पवार अपने लिए जगह नहीं बना सके, जबकि हमारे नेताओं ने ऐसा किया.”
जब प्रदेश भाजपा अध्यक्ष से इस दावे पर सवाल पूछा गया कि अजित पवार की राकांपा अगले विधानसभा चुनाव में 70 सीट पर चुनाव लड़ना चाहती है, उन्होंने कहा, ” सीटों के बंटवारे की वार्ता मेरे क्षेत्राधिकार में नहीं आती है. आमतौर पर सीटों के बंटवारे पर तब तक निर्णय नहीं लिया जाता है जब तक चुनाव की तारीखों की घोषणा नहीं कर दी जाती है.” जब उनसे इस खबर के बारे में पूछा गया कि मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की अगुवाई वाली शिवसेना राज्य सरकार में राकांपा को शामिल किये जाने से नाखुश हैं, इसलिए वह पिछले दो दिनों के दौरान गढ.चिरौली और नागपुर में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के कार्यक्रमों में नहीं पहुंचे, भाजपा नेता ने कहा कि शिंदे की पार्टी बैठक पूर्व निर्धारित थी इसलिए उन्हें जाना पड़ा.
बावनकुले ने कहा, ” मुख्यमंत्री शिंदे राष्ट्रपति मुर्मू का स्वागत करने नागपुर आये थे जिसके बाद वह चले गये. हमारे बीच कोई मनमुटाव नहीं है. शिंदे, देवेंद्र फडणवीस, अजित पवार के नेतृत्व में सीटों की संख्या अगले विधानसभा चुनाव में 10-20 प्रतिशत बढ. जायेगी.” उन्होंने कहा कि शिंदे अपने विधायकों को एकजुट रखने में सक्षम हैं और उन्हें ऐसा करने के लिए भाजपा की जरूरत नहीं है.