राष्ट्रों के बीच समृद्धि में अंतर पर शोध के लिए नोबेल अर्थशास्त्र पुरस्कार दिया गया

स्टॉकहोम. राष्ट्रों के बीच समृद्धि में अंतर पर शोध के लिए डेरॉन ऐसमोग्लू, साइमन जॉनसन और जेम्स ए रॉबिन्सन को अर्थशास्त्र का नोबेल पुरस्कार दिया गया है. रॉयल स्वीडिश अकेडमी ऑफ साइंसेज की नोबेल समिति ने कहा कि तीनों अर्थशा्त्रिरयों ने ”किसी देश की समृद्धि के लिए सामाजिक संस्थाओं के महत्व को प्रर्दिशत किया है.” समिति ने कहा, ”कानून के खराब शासन वाले समाज और आबादी का शोषण करने वाली संस्थाएं वृद्धि या बेहतर बदलाव नहीं लाती हैं. पुरस्कार विजेताओं के शोध से हमें यह समझने में मदद मिलती है कि ऐसा क्यों होता है.” यह घोषणा सोमवार को स्टॉकहोम में की गई.

ऐसमोग्लू और जॉनसन मैसाचुसेट्स इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी में काम करते हैं और रॉबिन्सन शिकॉगो विश्वविद्यालय में अपना शोध करते हैं. ऐसमोग्लू ने कहा कि वह पुरस्कार पाकर आश्चर्यचकित और स्तब्ध हैं. उन्होंने कहा, ”आप कभी भी इस तरह की उम्मीद नहीं करते हैं.” उन्होंने कहा कि पुरस्कार से सम्मानित यह शोध लोकतांत्रिक संस्थाओं के मूल्य को दर्शाता है. उन्होंने कहा, ”मुझे लगता है कि मोटे तौर पर हमने जो काम किया है, वह लोकतंत्र के पक्ष में है.” उन्होंने स्टॉकहोम में नोबेल समिति और पत्रकारों के साथ एक टेलीफोन वार्ता के दौरान कहा, ”लोकतंत्र कोई रामबाण नहीं है. लोकतंत्र की शुरुआत बहुत कठिन है. जब आप चुनाव शुरू करते हैं, तो इससे कभी-कभी संघर्ष पैदा होता है.” यह पूछने पर कि चीन जैसे देशों में आर्थिक वृद्धि इस सिद्धांत में कैसे फिट बैठती है, ऐसमोग्लू ने कहा, ”मेरा मानना है कि इन सत्तावादी शासनों को विभिन्न कारणों से दीर्घकाल में नवाचार को बढ़ावा देने में कठिनाई होने वाली है.”

अर्थशास्त्र पुरस्कार को पहले बैंक ऑफ स्वीडन पुरस्कार के रूप में जाना जाता था. आर्थिक विज्ञान का यह पुरस्कार अल्फ्रेड नोबेल की स्मृति दिया जाता है. बैंक ऑफ स्वीडन ने 1968 में नोबेल की स्मृति में इसकी शुरुआत की थी. नोबेल 19वीं सदी के व्यवसायी और रसायनज्ञ थे, जिन्होंने डायनामाइट का आविष्कार किया था और पांच नोबेल पुरस्कारों की स्थापना की थी. हालांकि, कुछ लोग इस बात पर जोर देते हैं कि अर्थशास्त्र का पुरस्कार तकनीकी रूप से नोबेल पुरस्कार नहीं है, लेकिन इसे हमेशा 10 दिसंबर को अन्य पुरस्कारों के साथ प्रदान किया जाता है. इस दिन नोबेल की पुण्यतिथि है. पिछले सप्ताह चिकित्सा, भौतिकी, रसायन विज्ञान, साहित्य और शांति के लिए नोबेल पुरस्कारों की घोषणा की गई थी.

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