अब आधार को जन्म तिथि का वैध प्रमाण नहीं माना जाएगा: ईपीएफओ

नयी दिल्ली. सेवानिवृत्ति कोष निकाय ईपीएफओ ने कहा है कि अब जन्म तिथि के प्रमाण के लिए ‘आधार’ को वैध दस्तावेज नहीं माना जाएगा. कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) ने एक परिपत्र में कहा है कि ‘आधार’ को वैध दस्तावेजों की सूची से हटाने का निर्णय भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) के निर्देश के बाद लिया गया है. मंगलवार को जारी इस परिपत्र के मुताबिक, ईपीएफओ से संबंधित कामकाज के दौरान जन्मतिथि में सुधार के लिए भी आधार को वैध दस्तावेजों की सूची से हटाया जा रहा है.

यूआईडीएआई ने 22 दिसंबर, 2023 को एक परिपत्र में कहा था कि आधार क्रमांक का इस्तेमाल सत्यापन के बाद किसी व्यक्ति की पहचान स्थापित करने के लिए किया जा सकता है और इस वजह से यह जन्म तिथि का प्रमाण नहीं है. प्राधिकरण ने यह भी कहा था कि ईपीएफओ जैसे कई निकाय जन्मतिथि को सत्यापित करने के लिए आधार का उपयोग कर रहे हैं. उसने कई उच्च न्यायालयों के आदेशों का संदर्भ देते हुए कहा था कि आधार जन्म तिथि का वैध प्रमाण नहीं है. जन्म तिथि के लिए वैध प्रमाण के रूप में जन्म और मृत्यु रजिस्ट्रार से जारी होने वाला जन्म प्रमाण पत्र, किसी मान्यता प्राप्त सरकारी बोर्ड या विश्वविद्यालय द्वारा जारी अंकपत्र, पैन (स्थायी खाता संख्या) कार्ड जैसे दस्तावेजों का इस्तेमाल होता है.

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