नन ने मूकबधिर बच्चों के प्रति क्रूरता उजागर करने पर यौन उत्पीड़न का लगाया आरोप, प्राथमिकी दर्ज

मैसुरु. कर्नाटक के मैसुरु स्थित डॉटर्स आॅफ आवर लेडी आॅफ मर्सी मिशन की एक नन ने आरोप लगाया है कि कोडागु ‘कान्वेंट’ में कई मूकबधिर बच्चों के यौन उत्पीड़न सहित ‘‘अवैध और अनैतिक’’गतिविधियों को उजागर करने की वजह से धार्मिक संस्थान के कुछ वरिष्ठों की मिलीभगत से उनका उत्पीड़न किया जा रहा है.

नन की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए अशोकपुरम पुलिस ने यौन उत्पीड़न, हमला, उकसाने और आपराधिक तौर पर धमकी देने की धाराओं के तहत सिस्टर ंिबदु, सिस्टर एन मेरी, सिस्टर दीपा और ‘कान्वेंट’ के वाहन चालकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है. पुलिस ने भारतीय दंड संहिता की धारा- 354(ए)(यौन उत्पीड़न), धारा- 392 (डकैती), धारा-323 (नुकसान पहुंचाना), धारा- 504, 506 और 34 के तहत मामला दर्ज किया है.

इस बीच, मिशन की सिस्टर मार्गरेट ने यहां विज्ञप्ति जारी कर कहा कि नन द्वारा लगाए गए आरोप ‘‘पूरी तरह से गलत और दुर्भावनापूर्ण हैं.’’ आरोप लगाने वाली नन ने वीडियो संदेश में अपनी जान को खतरा भी बताया है. यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है. पुलिस से की गई शिकायत में 45 वर्षीय नन ने बताया कि वह पिछले 24 साल से मर्सी कॉन्वेंट से जुड़ी हुई हैं और वर्ष 1998 से ही वह देश के विभिन्न कॉन्वेंट में काम कर रही हैं.

नन ने बताया कि वह कोडागु जिले में मूकबधिरों के स्कूल में वर्ष 2018 से प्रधान अध्यापिका के पद पर थीं और इस साल मार्च में मैसुरु स्थित प्रोंिवशियल हाउस में उन्हें नियुक्त की गई. शिकायतकर्ता के मुताबिक 31 मई को ंिबदु ने एक चालक के साथ मिलकर उनकी पिटाई की, मोबाइल फोन छीन लिया और नशे का इंजेक्शन दिया जिससे वह बेहोश हो गई. नन ने आरोप लगाया कि इंजेक्शन की वजह से जब वह कमजोर हो गई तो उन्हें सेंट मेरी मनोरोग अस्पताल ले जाया गया और उस दौरान चालक ने उनके साथ छेड़छाड़ किया.

शिकायतकर्ता ने बताया कि उनमें इतनी ताकत नहीं थी कि वह चालक के इस कृत्य का प्रतिरोध करें. उन्होंने बताया कि चालक के जाने के बाद एक और व्यक्ति आया और उसने भी यही हरकत दोहराई. नन ने आरोप लगाया, ‘‘जब मैंने सिस्टर एन मेरी को घटना की जानकारी दी तो उन्होंने धमकी दी कि वे मुझे मानसिक रोगी बना देंगे. अगले दिन सिस्टर दीपा ने भी कहा कि अगर तुम इस बारे में अन्य लोगों के बताओगी तो वही कृत्य दोहराए जाएंगे. सिस्टर दीपा ने कहा कि तुम बाहर की दुनिया कभी नहीं देख सकोगी.’’

वीडियो में नन ने कहा, ‘‘मैं यह वीडियो साझा कर रही हूं क्योंकि मेरी जान को खतरा है. मैंने यहां हो रही कई गतिविधियों को उजागर किया है. अनैतिक गतिविधियों, अवैध गतिविधियों, यौन उत्पीड़न और दो हत्याओं को.’’ नन ने कहा, ‘‘ मैंने बाहर के लोगों को इस बारे में बताया. वे इसके लिए मेरी हत्या करने को तैयार हैं. इसलिए, यह मैं आपको भेज रही हूं. मैं अपनी ंिजदगी को लेकर ंिचतित हूं. वे मेरी हत्या कर सकते हैं या वे मुझे मनोरोग अस्पताल में भर्ती करा सकते हैं. यहां तक कि वे मुझे गायब करा सकते हैं. अगर ऐसा होता है… मैं आपसे मदद की उम्मीद करती हूं.’’ नन ने बाद में कहा कि कोडागु जिले के गोनीकोप्पा कस्बे में मर्सी कॉन्वेंट स्कूल है जिसमें 35 मूकबधिर बच्चे हैं जो कथित तौर पर यौन उत्पीड़न और अन्य अत्याचार का सामना कर रहे हैं.

आरोप लगाने वाली नन को वर्ष 2018 में स्कूल में प्रधान अध्यापिका के पद पर तैनात किया गया था और कथित तौर पर इन मुद्दों को धार्मिक सभा के समक्ष उठाने की वजह से उनका स्थानांतरण मैसुरु स्थित कॉन्वेंट में कर दिया गया. मर्सी कॉन्वेंट की सिस्टर मार्गरेट ने आरोप लगाया कि सीरिया मालाबार के बेलथानगडी धर्मक्षेत्र से संबंधित नन का ‘‘रवैया अपने वरिष्ठों के प्रति असहयोगात्मक था और वह बहुत आक्रामक थी.’’

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