भुवनेश्वर. भाजपा के आदिवासी नेता और चार बार के विधायक मोहन चरण माझी ओडिशा के नए मुख्यमंत्री होंगे. राज्य में विधानसभा चुनावों में स्पष्ट जनादेश के साथ पार्टी सत्ता में आई है. भारतीय जनता पार्टी के सत्ता में आने के साथ ही राज्य में बीजू जनता दल (बीजद) का 24 साल का शासन खत्म हो गया. माझी के नाम की घोषणा करते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार को यहां कहा कि के.वी. सिंह देव और प्रभाती परिदा को राज्य का उपमुख्यमंत्री बनाया जाएगा.
ये निर्णय भाजपा विधायक दल की बैठक में लिए गए, जिसमें सिंह और केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव पर्यवेक्षक के रूप में शामिल हुए थे. बैठक में माझी (52) को विधायक दल ने सर्वसम्मति से नेता चुना है.” माझी बीजद सुप्रीमो नवीन पटनायक की जगह लेंगे. सिंह ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, “यह घोषणा करते हुए प्रसन्नता हो रही है कि श्री मोहन चरण माझी को सर्वसम्मति से ओडिशा भाजपा विधायक दल का नेता चुना गया है. वह एक युवा और गतिशील पार्टी कार्यकर्ता हैं जो ओडिशा के नए मुख्यमंत्री के रूप में राज्य को प्रगति और समृद्धि के मार्ग पर आगे ले जाएंगे. उन्हें बहुत-बहुत बधाई.” पिछली विधानसभा में भाजपा के मुख्य सचेतक रहे श्री सिंह हाल ही में हुए विधानसभा चुनावों में चौथी बार विधानसभा के लिए चुने गए. उन्होंने क्योंझर विधानसभा क्षेत्र से बीजद की मीना माझी को हराया.
सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और वरिष्ठ भाजपा नेताओं के बुधवार को जनता मैदान में माझी सरकार के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने की उम्मीद है. ओडिशा की 147 सदस्यीय विधानसभा में भाजपा ने 78 सीटें जीतीं, जबकि बीजद को 51 सीटें मिलीं. बीजद और भाजपा 1998 से 2009 तक 11 वर्षों तक गठबंधन में रहे और तीन लोकसभा तथा दो विधानसभा चुनाव मिलकर लड़े. पटनायक ने 2009 के आम चुनावों से पहले, कंधमाल में हुए दंगे के कुछ महीनों बाद, भाजपा से संबंध तोड़ लिये थे.
मोहन चरण माझी (52) ने क्योंझर विधानसभा क्षेत्र से बीजद की मीना माझी को 11,577 मतों से हराया. वह पिछली सरकार में भाजपा के मुख्य सचेतक थे. वह चौथी बार विधानसभा चुनाव जीते हैं. उपमुख्यमंत्री बनाए गए के.वी. सिंहदेव ने पटनागढ़ से बीजद के सरोज कुमार मेहेर को 1357 मतों से हराया, जबकि अन्य उपमुख्यमंत्री प्रभाती परिदा ने निमापारा से बीजद नेता दिलीप कुमार नायक को 4588 मतों से हराया. नयी सरकार बुधवार को यहां जनता मैदान में शपथ लेगी.
गांव के सरपंच से ओडिशा के मुख्यमंत्री तक का सफर
ओडिशा के 15वें मुख्यमंत्री के रूप में नामित भाजपा के आदिवासी नेता मोहन चरण माझी ने लगभग तीन दशक पहले एक गांव के सरपंच के रूप में अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत की थी. आदिवासी बहुल और खनिज समृद्ध क्योंझर जिले के रायकला गांव से ताल्लुक रखने वाले एक चौकीदार के बेटे माझी (52) चार बार – वर्ष 2000, 2004, 2019 और 2024 – ओडिशा विधानसभा के लिए चुने गए हैं. स्नातक की डिग्री प्राप्त माझी वर्ष 1997-2000 तक गांव के प्रधान रहे. वर्ष 2000 में क्योंझर से विधायक चुने जाने से पहले माझी भाजपा के आदिवासी मोर्चा के सचिव भी थे.
हालिया विधानसभा चुनाव में मोहन माझी ने बीजद की मीना माझी को हराकर क्योंझर सीट बरकरार रखी. पिछली ओडिशा विधानसभा में वह विपक्ष के मुख्य सचेतक थे और कई अहम मुद्दों पर बीजद सरकार के खिलाफ मुखर रहे थे. मुख्यमंत्री बनने के बाद अपनी पहली प्रतिक्रिया में माझी ने कहा, ”भगवान जगन्नाथ के आशीर्वाद से, भाजपा ने ओडिशा में बहुमत हासिल किया और राज्य में सरकार बनाने जा रही है. मैं राज्य के 4.5 करोड़ लोगों को धन्यवाद देना चाहता हूं जिन्होंने बदलाव के लिए वोट दिया.” माझी ने कहा कि भाजपा ओडिशा के लोगों के भरोसे का सम्मान करेगी. भाजपा ने 147 सदस्यीय ओडिशा विधानसभा में 78 सीटें हासिल कर ऐतिहासिक जीत दर्ज की. नयी सरकार बुधवार को यहां जनता मैदान में शपथ लेगी.