तीन नयी रेल परियोजनाओं से ओडिशा, झारखंड, बंगाल, छत्तीसगढ़ को बहुत लाभ होगा : प्रधानमंत्री मोदी

रेलवे में 6,456 करोड़ रु की लागत वाली दो नयी लाइनों, मल्टी-ट्रैकिंग परियोजना को मंजूरी

नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को 6,456 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वाली तीन रेलवे परियोजनाओं को मंजूरी देने के मंत्रिमंडल के फैसले की सराहना करते हुए कहा कि इससे ओडिशा, झारखंड, पश्चिम बंगाल और छत्तीसगढ़ को काफी लाभ होगा.

रेल मंत्रालय के अनुसार, इन परियोजनाओं से दूर-दराज के इलाकों को आपस में जोड़कर ढुलाई संबंधी दक्षता में सुधार लाने, मौजूदा लाइन क्षमता बढ़ाने और परिवहन नेटवर्क का विस्तार करने के साथ-साथ आपूर्ति श्रृंखला को सुव्यवस्थित किया जा सकेगा जिससे तेजी से आर्थिक विकास होगा.

मोदी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, “आज कैबिनेट द्वारा स्वीकृत तीन नयी रेलवे संबंधी परियोजनाओं से ओडिशा, झारखंड, पश्चिम बंगाल और छत्तीसगढ़ को बहुत लाभ होगा. इन लाभों में माल की निर्बाध ढुलाई और यात्रियों के लिए आसान यात्रा शामिल है.” इससे पहले, मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडल समिति ने 6,456 करोड़ रुपये की कुल अनुमानित लागत वाली तीन परियोजनाओं को मंजूरी दी थी.

मंत्रालय ने कहा, “नयी लाइन के प्रस्तावों से सीधा संपर्क बनेगा और आवागमन में सुधार होगा, तथा भारतीय रेलवे की दक्षता और सेवा संबंधी विश्वसनीयता बढ़ेगी. मल्टी-ट्रैकिंग प्रस्ताव परिचालन को आसान बनाएगा और भीड़भाड़ को कम करेगा, जिससे भारतीय रेलवे के सबसे व्यस्त खंडों पर बेहद जरूरी बुनियादी ढांचे का विकास होगा.” उसने कहा, “ये परियोजनाएं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की नए भारत की परिकल्पना के अनुरूप हैं, जिनसे विभिन्न क्षेत्रों में व्यापक विकास होगा और लोगों को आत्मनिर्भर बनाया जा सकेगा और उनके रोजगार/स्वरोजगार के अवसर बढ़ेंगे.” मंत्रालय के मुताबिक, ये परियोजनाएं मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी के लिए ‘पीएम-गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान’ का परिणाम हैं, जो एकीकृत योजना तैयार किए जाने से संभव हुआ है और यह लोगों, वस्तुओं एवं सेवाओं की आवाजाही के लिए निर्बाध संपर्कता प्रदान करेगा.

मंत्रालय ने कहा, “ओडिशा, झारखंड, पश्चिम बंगाल और छत्तीसगढ़ जैसे चार राज्यों के सात जिलों में लागू की जाने वाली तीन परियोजनाएं भारतीय रेलवे के मौजूदा नेटवर्क को लगभग 300 किलोमीटर तक बढ़ा देंगी.” उसने कहा, “इन परियोजनाओं के साथ 14 नए स्टेशनों का निर्माण किया जाएगा, जिससे दो आकांक्षी जिलों (नुआपाड़ा और पूर्वी सिंहभूम) को बेहतर संपर्क सुविधा मिलेगी.” नयी लाइन परियोजनाओं से लगभग 1,300 गांवों और लगभग 11 लाख लोगों को संपर्क सुविधा उपलब्ध होगी.

रेलवे में 6,456 करोड़ रु की लागत वाली दो नयी लाइनों, मल्टी-ट्रैकिंग परियोजना को मंजूरी

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने 6,456 करोड़ रुपये की कुल अनुमानित लागत वाली तीन रेलवे परियोजनाओं को मंजूरी दी है. रेल मंत्रालय ने एक बयान में यह जानकारी दी. मंत्रालय के अनुसार, इन परियोजनाओं से दूर-दराज के इलाकों को आपस में जोड़कर ढुलाई संबंधी दक्षता में सुधार लाने, मौजूदा लाइन क्षमता बढ़ाने और परिवहन नेटवर्क का विस्तार करने के साथ-साथ आपूर्ति श्रृंखला को सुव्यवस्थित किया जा सकेगा जिससे तेजी से आर्थिक विकास होगा.

मंत्रालय ने कहा, “नयी लाइन के प्रस्तावों से सीधा संपर्क बनेगा और आवागमन में सुधार होगा, तथा भारतीय रेलवे की दक्षता और सेवा संबंधी विश्वसनीयता बढ़ेगी. मल्टी-ट्रैकिंग प्रस्ताव परिचालन को आसान बनाएगा और भीड़भाड़ को कम करेगा, जिससे भारतीय रेलवे के सबसे व्यस्त खंडों पर बेहद जरूरी बुनियादी ढांचे का विकास होगा.” बयान में कहा गया, “ये परियोजनाएं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की नए भारत की परिकल्पना के अनुरूप हैं, जिनसे विभिन्न क्षेत्रों में व्यापक विकास होगा और लोगों को आत्मनिर्भर बनाया जा सकेगा और उनके रोजगार/स्वरोजगार के अवसर बढ़ेंगे.” मंत्रालय के मुताबिक, ये परियोजनाएं मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी के लिए ‘पीएम-गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान’ का परिणाम हैं, जो एकीकृत योजना तैयार किए जाने से संभव हुआ है और यह लोगों, वस्तुओं एवं सेवाओं की आवाजाही के लिए निर्बाध संपर्कता प्रदान करेगा.

मंत्रालय ने कहा, “ओडिशा, झारखंड, पश्चिम बंगाल और छत्तीसगढ़ जैसे चार राज्यों के सात जिलों में लागू की जाने वाली तीन परियोजनाएं भारतीय रेलवे के मौजूदा नेटवर्क को लगभग 300 किलोमीटर तक बढ़ा देंगी.” उसने कहा, “इन परियोजनाओं के साथ 14 नए स्टेशनों का निर्माण किया जाएगा, जिससे दो आकांक्षी जिलों (नुआपाड़ा और पूर्वी सिंहभूम) को बेहतर संपर्क सुविधा मिलेगी.” नयी लाइन परियोजनाओं से लगभग 1,300 गांवों और लगभग 11 लाख लोगों को संपर्क सुविधा उपलब्ध होगी. इसमें कहा गया, “मल्टी-ट्रैकिंग परियोजना से लगभग 1,300 गांवों और लगभग 19 लाख लोगों को संपर्क सुविधा मिलेगी.”

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