‘ऑपरेशन सिंदूर’ और ‘महादेव’ ने आतंक के आकाओं को कड़ा संदेश दिया: अमित शाह

नयी दिल्ली. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को कहा कि ऑपरेशन सिंदूर और ऑपरेशन महादेव ने आतंक के आकाओं को स्पष्ट संदेश दिया कि भारतीय नागरिकों को निशाना बनाने पर उन्हें परिणाम भुगतने होंगे. शाह ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर से लोगों को जहां संतुष्टि मिली वहीं ऑपरेशन महादेव ने इस संतुष्टि को आत्मविश्वास में बदला.

गृह मंत्री ने यह बात सेना के उन 12 जवानों को सम्मानित करते हुए कही, जिन्होंने ऑपरेशन महादेव को सफलतापूर्वक अंजाम दिया और पहलगाम हमले में शामिल आतंकवादियों को मार गिराया. इस अभियान में शामिल जम्मू-कश्मीर पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के दो-दो जवानों को भी सम्मानित किया गया. ये दोनों अभियान 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए क्रूर हमले का सीधा जवाब थे, जिसमें 26 लोगों की जान चली गई थी, जिनमें से अधिकतर पर्यटक थे.

गृह मंत्री ने कहा, ”चाहे सत्ता पक्ष हो या विपक्ष, सभी ने ऑपरेशन सिंदूर और ऑपरेशन महादेव को लेकर खुशी एवं उत्साह महसूस किया और सुरक्षा बलों के प्रति आभार व्यक्त किया.” उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति यही विश्वास हर क्षेत्र में दुनिया में सर्वोच्च स्थान प्राप्त करने की भारत की आकांक्षा का आधार है. सशस्त्र बलों ने 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के जवाब में मई में ऑपरेशन सिंदूर चलाया था जिसमें पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में आतंकवादी ठिकानों एवं सैन्य प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया गया था.

पहलगाम नरसंहार के तुरंत बाद शुरू किये गए ऑपरेशन महादेव में 28 जुलाई को तब सफल मिली, जब सेना के विशिष्ट पैरा कमांडो  ने मुख्य साजिशकर्ता सुलेमान उर्फ ??आसिफ और उसके दो सहयोगियों जिबरान और हमजा अफगानी को मार गिराया. यह अभियान तब शुरू किया गया जब तकनीकी सिग्नल से पता चला कि अपराधियों ने सैटेलाइट फोन का इस्तेमाल किया है.

शाह ने कहा, ”ऑपरेशन सिंदूर और ऑपरेशन महादेव ने आतंक के आकाओं को स्पष्ट संदेश दिया है कि भारतीय नागरिकों की जान से खेलने का क्या परिणाम होता है.” गृह मंत्री ने कहा कि सुरक्षा बलों ने दुनिया को दिखा दिया है कि आतंकवादी चाहे कोई भी रणनीति अपना लें, वे अब भारत को नुकसान पहुंचाकर बच नहीं सकते. राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) की न्यायालयी विज्ञान प्रयोगशाला ने पुष्टि की है कि 28 जुलाई को मारे गए आतंकवादी वास्तव में पहलगाम नरसंहार के अपराधी थे.

उन्होंने कहा कि जब कश्मीर में पर्यटन फल-फूल रहा था, तब पहलगाम हमला ‘कश्मीर मिशन’ को पटरी से उतारने का एक असफल प्रयास था. गृह मंत्री ने कहा कि सेना और अर्धसैनिक बलों के साथ-साथ, जम्मू-कश्मीर पुलिस भी अब आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में अग्रणी भूमिका निभा रही है. उन्होंने कहा, “भारतीय नागरिकों के दिलों में सुरक्षा की भावना को मजबूत करने के लिए मैं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और पूरे देश की ओर से सुरक्षा बलों को बधाई देता हूं.”

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button