
नयी दिल्ली. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बृहस्पतिवार को बारिश के बीच लाल किले पर आयोजित दशहरा समारोह में भाग लिया और कहा कि भारतीय सशस्त्र बलों का ‘ऑपरेशन सिंदूर’ आतंकवाद के रावण पर एक निर्णायक विजय का प्रतीक है. लाल किले के माधवदास पार्क में ”रावण दहन” के अवसर पर प्रतीकात्मक रूप से धनुष-बाण चलाते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि यह त्योहार हमेशा से बुराई पर अच्छाई, अहंकार पर विनम्रता और घृणा पर प्रेम की विजय का प्रतीक रहा है. कार्यक्रम धार्मिक रामलीला समिति ने आयोजित किया था.
मुर्मू ने कहा, ”जब आतंकवाद मानवता पर हमला करता है, तो उसका मुकाबला करना आवश्यक हो जाता है. ‘ऑपरेशन सिंदूर’ आतंकवाद के रावण पर विजय का प्रतीक है और हम इसके लिए अपने सैनिकों को सलाम करते हैं.” ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पाकिस्तान स्थित आतंकवादियों के ठिकानों पर हमलों के लिए सात मई को शुरू किया गया एक सैन्य अभियान था. यह अभियान 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के जवाब में चलाया गया था. हमले में हथियारबंद आतंकवादियों ने 26 नागरिकों की गोली मारकर हत्या कर दी थी, जिनमें से अधिकतर पर्यटक थे.
उन्होंने बताया कि भारी बारिश के बावजूद, बड़ी संख्या में लोग लाल किले पर रावण दहन देखने के लिए एकत्र हुए. भगवान राम की रावण पर विजय से जुड़ी इस परंपरा को याद करते हुए, मुर्मू ने कहा कि रावण दहन का एक गहरा संदेश भी छिपा है. उन्होंने लोगों से आंतरिक बुराइयों पर विजय पाने का आग्रह करते हुए कहा, ”यह आयोजन केवल बाहरी रावण का नाश करने के लिए ही नहीं, बल्कि हमारे भीतर के रावण का भी अंत करने के लिए है. तभी समाज शांति एवं सद्भाव के साथ आगे बढ़ सकता है.” स्मृति ईरानी भी इस कार्यक्रम में शामिल हुईं. बारिश के कारण लोगों ने छाते ले रखे थे.



