विपक्ष ने अदाणी मामले को लेकर प्रधानमंत्री को घेरा, उठाई जेपीसी की मांग

नयी दिल्ली/कोलकाता/करूर. विपक्षी दलों ने उद्योगपति गौतम अदाणी के खिलाफ अमेरिकी अभियोजकों द्वारा लगाए गए आरोपों को लेकर बृहस्पतिवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर निशाना साधा और मामले की संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) से जांच की मांग की. लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने यहां तक कहा कि अदाणी को तत्काल गिरफ्तार कर उनसे पूछताछ की जानी चाहिए.

अमेरिकी अभियोजकों ने अदाणी और उनके भतीजे सागर अदाणी पर आरोप लगाया है कि उन्होंने भारतीय सरकारी अधिकारियों को रिश्वत देकर सौर उर्जा अनुबंध हासिल किए. इस कथित योजना के तहत 2020 से 2024 तक 25 करोड़ डॉलर (करीब 2236 करोड़ रुपये) की रिश्वत दी गई.

अदाणी समूह ने कहा है कि अमेरिकी अधिकारियों द्वारा लगाए गए रिश्वतखोरी के आरोप निराधार हैं, समूह द्वारा सभी कानूनों का पूरी तरह से पालन किया जा रहा है. इस मामले के सामने आने के बाद कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर तीखा हमला बोला और कहा कि अदाणी को तुरंत गिरफ्तार किया जाए. उन्होंने संवाददाताओं से बातचीत में यह दावा भी किया कि गौतम अदाणी की गिरफ्तारी नहीं होगी, क्योंकि प्रधानमंत्री मोदी तथा अदाणी ‘एक’ हैं और इसीलिए दोनों ‘सेफ’ हैं.

राहुल गांधी ने कहा कि संसद के शीतकालीन सत्र में नेता प्रतिपक्ष के रूप में वह और पूरा विपक्ष अदाणी से जुड़े मामले को उठाएगा.
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने यह भी कहा कि भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) की प्रमुख माधवी पुरी बुच को उनके पद से तत्काल हटाकर जांच शुरू होनी चाहिए.

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ”जब एक शीर्ष रैंकिंग वाले भारतीय व्यवसायी को किसी विदेशी देश द्वारा अभ्यारोपित किया जाता है, तो यह वैश्विक मंच पर हमारी छवि को खराब करता है. भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस लगातार ऐसे अनैतिक व्यापारिक प्रथाओं का विरोध करती रही है, जो प्रमुख क्षेत्रों में एकाधिकार बनाने और अनुचित लाभ देकर कुछ लोगों के हाथों में धन केंद्रित करने की मोदी सरकार की नीति को लागू करके कुछ व्यक्तियों की मुनाफाखोरी और बढ.ावा देते हैं.” उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी और अदाणी द्वारा बनाए गए पूंजीपतियों, समझौतावादी नौकरशाहों और कुछ राजनेताओं से जुड़े इस पूरे गठजोड़ की जांच की जानी चाहिए और इसे नष्ट किया जाना चाहिए.

खरगे ने दावा किया, ”यह गठजोड़ हमारे लोगों, गरीबों और मध्यम वर्ग, महत्वाकांक्षी उद्यमियों, एमएसएमई, स्टार्टअप और करोड़ों छोटे और मध्यम खुदरा निवेशकों को गंभीर रूप से नुकसान पहुंचाता है, क्योंकि यह बचत और अवसरों को छीनकर असमानताओं को बढ.ाता है.” कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि अमेरिकी अभियोजकों के कदम से मुख्य विपक्षी दल की यह मांग सही साबित होती है कि इस कारोबारी समूह से जुड़े पूरे प्रकरण की जांच के लिए संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) का गठन होना चाहिए.
रमेश ने यह भी कहा कि तत्काल जेपीसी का गठन होना चाहिए.

तृणमूल कांग्रेस की सांसद सागरिका घोष ने ‘पीटीआई-वीडियो’ से कहा, ”अमेरिका द्वारा अदाणी समूह और गौतम अदाणी पर लगाया गया आरोप बेहद गंभीर है. गौतम अदाणी एक उद्योगपति हैं जिनके प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ बहुत करीबी संबंध हैं. विपक्षी लगातार अदाणी समूह के खिलाफ लगे सभी आरोपों की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं. सभी आरोपों की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच होनी चाहिए.” उन्होंने कहा कि जेपीसी एकमात्र संस्था है जो इस स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच कर सकती हैं.

राष्ट्रीय जनता दल के सांसद मनोज झा ने कहा, ”यह अब इतना गंभीर हो गया है कि देश की एजेंसियां और प्रभावशाली लोग इस मामले पर पर्दा डालने की लाख कोशिश कर लें, यह बेनकाब हो जाएगा. यह भारत की प्रतिष्ठा का भी मामला है. जब विपक्षी नेता इस मुद्दे को सदन में उठाते हैं तो हमारे भाजपाई मित्र अदाणी के प्रवक्ता के रूप में सामने आते हैं.” नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि केंद्र को अदाणी के खिलाफ आरोपों को गंभीरता से लेना चाहिए और मामले की गहन जांच करनी चाहिए.

अब्दुल्ला ने कहा कि उन्हें अदाणी समूह से जुड़े मुद्दे के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है, लेकिन उन पर पहले भी गलत काम करने के आरोप लगते रहे हैं. उन्होंने कहा, ”अगर ऐसा हुआ है तो इसकी जांच होनी चाहिए.” अब्दुल्ला ने संवाददाताओं से कहा, ”जेपीसी की मांग हो रही है. मुझे उम्मीद है कि केंद्र सरकार इस मुद्दे को गंभीरता से लेगी और इसकी गहन जांच करेगी.” मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने कहा कि नरेन्द्र मोदी सरकार ”अब पर्दे के पीछे नहीं छुप सकती” और अदाणी के खिलाफ लगाए गए रिश्वत के आरोपों की सीबीआई जांच होनी चाहिए.

माकपा ने एक बयान में कहा कि गौतम अदाणी और छह अन्य के खिलाफ संयुक्त राज्य की अदालत में दायर अभियोग में उद्योगपति और उनके भतीजे सागर अदाणी पर केंद्र और राज्यों में भारत सरकार के अधिकारियों को रिश्वत देने में शामिल होने के गंभीर आरोप शामिल हैं. भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के महासचिव डी राजा ने ‘पीटीआई वीडियो’ से कहा, ”अगर यह सच है, तो यह एक बहुत बड़ा घोटाला है. अब प्रधानमंत्री मोदी को भारत के लोगों को जवाब देना होगा.” उन्होंने आरोप लगाया कि अदाणी मामले में सरकार की तरफ से कोई ठोस जवाब नहीं आया है.

तृणमूल ने अदाणी मुद्दे पर प्रधानमंत्री मोदी से बयान देने की मांग की

तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने बृहस्पतिवार को अमेरिका में अरबपति कारोबारी गौतम अदाणी के खिलाफ दायर रिश्वतखोरी और धोखाधड़ी के आरोपों के संबंध में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से बयान देने की मांग की. टीएमसी के राज्य महासचिव कुणाल घोष ने कहा, ”पहले भी समूह के खिलाफ अनियमितताओं के बारे में खबरें थीं. अब अमेरिकी अभियोजकों का यह अभियोग एक बड़ा आरोप है. मुझे लगता है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को इस मुद्दे पर एक बयान देना चाहिए.”

तमिलनाडु का अदाणी की कंपनी से कोई लेना-देना नहीं : सेंथिल बालाजी

तमिलनाडु के ऊर्जा मंत्री वी सेंथिल बालाजी ने बृहस्पतिवार को कहा कि राज्य सरकार द्वारा संचालित बिजली निगम का गौतम अदाणी की कंपनी के साथ कोई वाणिज्यिक संबंध नहीं है और राज्य को केवल केंद्र सरकार की एक कंपनी से बिजली खरीदने का समझौता है. मंत्री ने यहां संवाददाताओं से बात करते हुए कहा कि उन्होंने उद्योगपति गौतम अदाणी के संबंध में कुछ खबरों और सोशल मीडिया की पोस्ट में तमिलनाडु का संदर्भ देखा है. अदाणी पर सौर ऊर्जा अनुबंधों के संबंध में अमेरिका में आरोप लगाए गए हैं.

उन्होंने कहा, ”मैं सबसे पहले यह स्पष्ट करना चाहूंगा कि जहां तक टीएएनजीईडीसीओ (टीएन जेनरेशन एंड डिस्ट्रीक्यूशन कॉर्पोरेशन) का संबंध है, इसका पिछले तीन वर्षों के दौरान (मई 2021 में द्रमुक के सत्ता संभालने के बाद) अदाणी की कंपनी के साथ किसी भी तरह का व्यावसायिक संबंध नहीं रहा है.

अदाणी मामले में गड़बड़ी में सेकी का कहीं उल्लेख नहीं: आर पी गुप्ता

सार्वजनिक क्षेत्र की सोलर एनर्जी कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (सेकी) के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक आर पी गुप्ता ने बृहस्पतिवार को कहा कि अदाणी मामले में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी में सेकी का जिक्र नहीं है. अमेरिकी अभियोजकों ने उद्योगपति गौतम अदाणी पर भारत में सौर बिजली अनुबंध हासिल करने के लिए अनुकूल शर्तों के बदले भारतीय अधिकारियों को कथित रूप से 26.5 करोड़ डॉलर (लगभग 2,200 करोड़ रुपये) की रिश्वत देने के मामले में शामिल होने का आरोप लगाया है.

गुप्ता ने अदाणी से जुड़े घटनाक्रम पर पूछे गये सवालों के जवाब में पीटीआई-भाषा से कहा, ”सेकी के खिलाफ ऐसा कुछ भी नहीं है कि उसने कुछ गलत किया है. ऐसा कहीं नहीं है. सेकी की ओर से किसी भी गलत काम या अनियमितता का कोई जिक्र नहीं है.” अमेरिकी अभियोजकों के दस्तावेज के अनुसार, देश में नवीकरणीय ऊर्जा के क्रियान्वयन के लिए नोडल एजेंसी सोलर एनर्जी कॉरपोरेश ऑफ इंडिया ने जुलाई, 2021 और दिसंबर, 2021 के बीच आंध्र प्रदेश, ओडिशा, छत्तीसगढ़ और तमिलनाडु के साथ बिजली बिक्री समझौते किये थे. सेकी मूल रूप से सौर विनिर्माण से जुड़ी बिजली परियोजनाओं के लिए निविदाएं आवंटित करती है.

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button